राष्ट्रीय लोक मोर्चा के 4 में से 3 विधायकों आलोक सिंह, माधव आनंद और रामेश्वर महतो ने बगावत कर दी है. इन तीनों विधायकों ने एनडीए के प्रत्याशी आनंद पुष्कर को समर्थन देने से मना कर दिया है और रामपुकार सिन्हा का समर्थन करने का खुला ऐलान कर दिया है. ऐसे में एनडीए में भी गुटबाजी कायम होती दिख रही है.
बिहार MLC चुनाव 2026 के लिए पटना स्नातक और शिक्षक सीट पर नामांकन की प्रक्रिया चल रही है. एनडीए दिग्गजों की मौजूदगी में जदयू से नीरज कुमार और बीजेपी से नवल किशोर यादव ने नामांकन किया. वहीं, राजद से दिलीप कुमार और कांग्रेस से संजय यादव ने अपना पर्चा दाखिल किया.
बिहार MLC चुनाव में एनडीए और महागठबंधन दोनों के अंदर जबरदस्त खींचतान देखने को मिल रही है. एनडीए खेमे में जेडीयू के बाद रालोमो के अंदर घमासान शुरू हो गया है. तो वहीं, महागठबंधन में राजद और कांग्रेस आपस में ही 5 सीटों पर आमने-सामने हैं.
रालोमो अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में बड़ी टूट देखने को मिल रही है. उनकी पार्टी के 4 में से तीन विधायकों ने विधान परिषद चुनाव में जेडीयू प्रत्याशी का समर्थन करने से साफ इनकार कर दिया है.
बिहार की राजनीतिक गलियारे से 3 अक्टूबर, 2026 दिन शनिवार को एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने इस बात की तस्कीद कर दी की जदयू से अनंत सिंह बगावत कर चुके हैं! जब नीतीश कुमार ने नीरज कुमार को एमलएलसी चुनाव के लिए अपना समर्थन पत्र सौंपा. वहीं, कुछ दिन पहले अनंत सिंह की भी एक तस्वीर सामने आई थी, जिसमें वह जनसुराज के प्रत्याशी के समर्थन में खड़े नजर आ रहे हैं.
राजनीति अब अपना पारंपरिक चोला उतार रही है, इसलिए इसे बदलाव का दौर कहा जा सकता है. पिछले 20 साल से बिहार की राजनीति दो ध्रुवीय रही है, लेकिन अब यह बहु-ध्रुवीय होने के रास्ते पर है. असदुद्दीन ओवैसी पहले ही इसे त्रि-पक्षीय बना चुके हैं तो प्रशांत किशोर इसे चतुष्कोणीय बना रहे हैं.
अखिलेश सिंह पिछले विधानसभा में फ्रेंडली फाइट का जिक्र तो कर रहे हैं, लेकिन वे यह नहीं बताते कि उसका हश्र क्या हुआ था. विपक्ष अपने न्यूनतम स्कोर पर पहुंच गया. दरअसल, वे महागठबंधन में कलह की बात को स्वीकार करने की स्थिति में नहीं थे.
बिहार विधान परिषद चुनाव में विपक्षी एकता धराशायी हो गई है. वैसे यह एकता विधानसभा चुनाव में भी धराशायी हो गई थी. महागठबंधन में राजद और कांग्रेस की महत्वाकांक्षाएं एक-दूसरे से टकरा रही हैं और यही कारण है कि संवादहीनता की स्थिति पैदा हो रही है. इसका सीधा लाभ एनडीए और जन सुराज पार्टी को मिलता दिख रहा है.
बिहार विधान परिषद चुनावों को लेकर महागठबंधन में दरार आ गई है. कांग्रेस ने भी विधान परिषद की पांच सीटों के लिए अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं. नतीजतन, अब राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस आमने-सामने होंगे.
बिहार एमएलसी चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार के सामने अनंत सिंह की चुनौती खड़ी है, क्योंकि अनंत सिंह जदयू के विधायक हैं और वह जनसुराज के प्रत्याशी का समर्थन कर रहे हैं. इस बीच पटना में नीतीश कुमार के आवास पर पार्टी की बैठक हुई.
पटना में जनसुराज उम्मीदवार के नामांकन में अनंत सिंह की मौजूदगी पर प्रशांत किशोर ने रिएक्शन दिया. उन्होंने कहा कि बिहार के बदलाव में पूरा समाज खड़ा है, अनंत सिंह भी समर्थन में हैं तो कोई बड़ी बात नहीं है.
बिहार MLC चुनाव में बीजेपी ने आज (29 सितंबर) अपने हिस्से की चारों सीटों पर प्रत्याशी उतार दिए हैं. पार्टी ने इस चुनाव में अपने पुराने चेहरों पर ही भरोसा जताया है. जेडीयू की ओर से चार कैंडिडेट पहले ही घोषित कर दिए गए थे.
बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर हो रहे चुनाव में आज से नामांकन शुरू हो रहा है. नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर है. नामांकन के पहले ही दिन बीजेपी ने अपने हिस्से की चारों सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए हैं, जबकि कांग्रेस के कैंडिडेट का सबको इंतजार है.
बिहार विधान परिषद चुनाव में जन सुराज ने दरभंगा स्नातक सीट पर अपना कैंडिडेट बदल दिया है. पार्टी ने अब यहां से मोहम्मद इम्तियाज उर्फ नूरानी को मैदान में उतारा है. इससे पहले रवींद्र यादव को टिकट दिया गया था. बार-बार प्रत्याशी बदलने को लेकर भी सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है.
लड़की से छेड़छाड़ के आरोप को अनुज सिंह ने पूरी तरह निराधार और झूठा बताया है. उन्होंने कहा कि वह कभी अपनी जिंदगी में जेल नहीं गए. इस मामले में पीके ने कहा कि अगर उनके खिलाफ कोई सबूत मिले तो उनका नाम वापस लिया जा सकता है.
जेडीयू के बाद अब जन सुराज में कलह मच गई है. मोकामा विधायक अनंत सिंह इस पूरे विवाद का कारण बताए जा रहे हैं. दरअसल, उन्होंने अपनी पार्टी के प्रत्याशी नीरज कुमार का विरोध करते हुए अनुज सिंह को समर्थन दिया है. अब उन्हों जन सुराज ने टिकट दे दिया है. इसी को लेकर प्रियदर्शी पीयूष नाराज हो गए हैं.
NDA के सीट बंटवारे के तहत चार सीटों पर BJP और चार सीटों पर JDU चुनाव लड़ रही है. जेडीयू की ओर से अपने हिस्से की चारो सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए गए हैं. अब बीजेपी की संभावित उम्मीदवारों की लिस्ट सामने आ चुकी है.
जन सुराज पार्टी ने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए अपना दूसरा कैंडिडेट घोषित कर दिया है. पार्टी ने अब श्याम नंदन यादव को अपना प्रत्याशी घोषित किया है. इससे पहले पार्टी ने भूषण झा को मैदान में उतारा था, लेकिन उन्होंने अपना टिकट वापस करते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर लड़ने का फैसला लिया है.
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पटना, नालंदा और नवादा जिले शामिल हैं. दिए गए चुनावी आंकड़ों के मुताबिक इस क्षेत्र में करीब 88 हजार स्नातक मतदाता हैं. जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार लगातार चौथी बार इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने के लिए मैदान में हैं. उनके सामने राजद और जन सुराज की कड़ी चुनौती है.
बिहार विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव को लेकर जदयू ने अपने 4 सीटों पर उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है. जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी इस लिस्ट के बाद चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है.
चुनाव आयोग की ओर से बिहार समेत 4 राज्यों में विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान का ऐलान किया है. वहीं, 27 अक्टूबर को रिजल्ट जारी किया जाएगा. बता दें कि बिहार के अलावा कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होना है.
नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच जारी इस बयानबाजी से पार्टी को नुकसान हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के साथ नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने दोनों के बीच सुलह कराने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी.