बिहार विधान परिषद चुनाव में प्रत्याशी उतारने को लेकर राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के बीच घमासान मचा है. राष्ट्रीय जनता दल ने 8 में से 6 विधान परिषद सीटों पर प्रत्याशी उतार दिए तो जवाब में कांग्रेस ने 5 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए. इस तरह 4 सीटों पर राजद और कांग्रेस एक दूसरे से मुकाबला करती दिखाई देंगी. महागठबंधन के नेता इसे फ्रेंडली फाइट बता रहे हैं. राजद ने तो कांग्रेस आलाकमान से प्रत्याशियों को वापस लेने की मांग की है तो प्रदेश कांग्रेस की ओर से कहा जा रहा है कि यह उसका हक है कि वह कितने प्रत्याशी उतारेगी. इस बीच बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य अखिलेश सिंह का कहना है कि इसमें कुछ भी नया नहीं है और कोई बड़ी बात भी नहीं है.
अखिलेश सिंह ने कहा है कि ऐसा पहले भी होता रहा है. उन्होंने कहा कि पिछली बार विधानसभा चुनाव में भी कुछ सीटों पर हम एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़े थे. जो जीतकर आया, वो इंडिया गठबंधन का विधायक हो गया था. इस बार भी जो जीतकर आएगा, इंडिया गठबंधन के साथ रहेगा.
उन्होंने कहा कि आज विपक्ष की ओर से प्रदर्शन के दौरान कई बड़े नेताओं को हिरासत में लिया जाना या गिरफ्तार करना आम बात हो गई है. अखिलेश सिंह ने कहा कि सरकार तो चाहती है कि कोई भी आंदोलन ना हो. अगर आंदोलन होता है तो वह हमेशा कुचलने की कोशिश करती है. उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र को बचाने की लड़ाई अब रुकने वाली नहीं है.
इजरायली विमान को बचाने के मामले में उन्होंने कहा कि भारतीय पायलट की जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम है. भारत के हर व्यक्ति का सिर आज गर्व से ऊंचा है. जब उनसे अनंत सिंह और नीरज विवाद पर सवाल पूछा गया तो वे उससे बचते नजर आए. उन्होंने कहा कि यह उनका मामला है, उन्हीं से सवाल पूछिए, हमसे नहीं.
इनपुट: प्रिंस कुमार कुशवाहा