वैसे तो राजनीति में एहसानों का कोई कद्रदान नहीं होता, लेकिन अनुज सिंह को अनंत सिंह का यह एहसान जिंदगी भर नहीं भूलना चाहिए. एक व्यक्ति ने अनुज सिंह के लिए न केवल अपनी पार्टी से बगावत की, बल्कि आतिशबाजी से लेकर मिठाइयों तक का इंतजाम कर रहा है और अपनों से लोहा ले रहा है.
बिहार MLC चुनाव के लिए मतदान 23 अक्टूबर को खत्म हो गया. वहीं, अब 27 अक्टूबर को नतीजे सामने आएंगे. इससे पहले एनडीए ने सभी 8 सीटों पर जीत का दावा किया है. साथ ही, इंडी गठबंधन की रैली पर निशाना भी साधा है.
बिहार की कुल 8 सीटों (4 स्नातक और 4 शिक्षक) के लिए 150 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इनमें 90 प्रत्याशी स्नातक सीटों से और 60 शिक्षक सीटों से मैदान में हैं.
विधान परिषद चुनाव में स्नातक मतदाताओं की उदासीनता ठीक नहीं है. चुनाव आयोग को उन्हें और अधिक जागरूक करने के लिए बड़ा अभियान चलाना चाहिए. कई स्नातक सीटों पर 50 प्रतिशत से भी कम मतदान की खबरें हैं. ऐसे में शिक्षकों का वोटिंग को लेकर उत्साह अच्छी बात है.
अनंत सिंह के सभी दलों के नेताओं से अच्छे संबंध हैं. उन्हें शायद इस बात की टीस है कि जनवरी, 2024 में नीतीश कुमार के विश्वास मत में राष्ट्रीय जनता दल से गद्दारी का इनाम नहीं मिला. अनंत सिंह की नाराजगी को जानकार ललन सिंह और संजय कुमार झा के बीच तनातनी से भी जोड़कर देख रहे हैं.
मोकामा से जदयू विधायक अनंत सिंह ने एमएलसी चुनाव में जीत का बड़ा दावा किया है. इस दौरान उन्होंने नीरज कुमार पर भी बड़ा हमला बोला. अनंत सिंह ने कहा कि नीरज कुमार ने पार्टी के लिए क्या किया है? किसी को कुछ पता है. उन्होंने कहा कि नीतीश-लालू भगवान तुल्य हैं.
एमएलसी चुनाव के लिए वोटिंग के बीच मुजफ्फरपुर और पूर्णिया से बवाल की खबरे सामने आई. पूर्णिया में भारतीय जनता पार्टी और जन सुराज के समर्थक आमने-सामने आ गए. वहीं, मुजफ्फरपुर में मजिस्ट्रेट के साथ भीड़ ने धक्का-मुक्की की घटना कर दी. फिलहाल, दोनों जगहों पर मामला शांत है.
ईवीएम और बैलेट पेपर में वैसे तो मैन्यूअल और टेक्निकल का ही फर्क है, लेकिन राजनीति ने इनमें से एक को सत्तापक्ष का बना दिया और दूसरे को विपक्ष का. हालांकि इतिहास बताता है कि जब आज का सत्तापक्ष कल विपक्ष में था, तब वह भी इसे सरकारी मानता था. यही तो राजनीति है.
बिहार MLC की 8 सीटों पर मतदान जारी है. इसी बीच पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार ने विक्ट्री साइन दिखाया. वहीं, मोकामा विधायक अनंत सिंह ने कहा कि जन सुराज प्रत्याशी अनुज सिंह पूर्ण बहुमत से चुनाव जीत रहे हैं.
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र अंतर्गत मोकामा में अनंत समर्थक और नीरज समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की होने से माहौल तनावपूर्ण हो गया. एसडीपीओ रामकृष्ण ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत कराया और पांच लोगों को हिरासत में ले लिया.
बिहार विधान परिषद चुनाव में मतदान से ठीक पहले पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार डॉ. संजीव कुमार के आवास पर देर रात अचानक बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी पहुंचे. इसके बाद वहां भारी हंगामा हुआ.
बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर मतदान आज मतदान होने वाला है. 5.32 लाख मतदाता 150 प्रत्याशियों का भविष्य तय करेंगे. इसे लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. मतदान सुबह 8 बजे से शुरू हो जाएगा और शाम 4 बजे तक जारी रहेगा.
Bihar MLC Election Updates: बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर मतदान संपन्न हो गया. आठों निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 5,32,847 मतदाता पंजीकृत हैं. जो 150 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला अब 27 अक्टूबर होगा.
23 अक्टूबर को बिहार में 8 सीटों के एमएलसी चुनाव के लिए मतदान होंगे. इन सीटों पर मतदाता प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे. हालांकि, इस चुनाव में आम मतदाता वोट नहीं दे सकते हैं.
विधान परिषद चुनाव बैलेट पेपर से होते हैं. ऐसे में इस चुनाव में जीत और हार से देश में चल रही राजनीति भी प्रभावित हो सकती है. अगर बैलेट पेपर से हुए परिषद चुनाव में विपक्ष की जीत होती है तो राहुल गांधी यह जताएंगे कि वो सही हैं. अगर एनडीए की जीत होती है तो भाजपा कहेगी कि जनता के दिल में पीएम मोदी बसते हैं.
पटना स्नातक सीट पर मोकामा विधायक अनंत सिंह की बगावत के बीच कल शुक्रवार को विधान परिषद की 8 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे. यह विधान परिषद चुनाव अनंत सिंह की वजह से रोचक हो गया है. कल के बाद सभी की नजरें 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिक जाएंगी.
अनंत सिंह की बगावत अब जनता दल यूनाइटेड के लिए गंभीर मसला बनता जा रहा है. चुनाव के मौके पर किसी भी पार्टी में किसी नेता का इस तरह बागी होना ठीक नहीं है. इस बगावत का फायदा दूसरे दल उठा सकते हैं, पार्टी नेतृत्व को यह समझना चाहिए.
बिहार विधान परिषद चुनाव में पक्ष और विपक्ष की ओर से सभी सीटों पर जीत के दावे किए जा रहे हैं. एनडीए में जहां बगावत एक बड़ा संकट के रूप में सामने आया है तो महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस कई सीटों पर आमने सामने हैं. जन सुराज पार्टी के लिए यह चुनाव एक बड़ा मौका लेकर आया है.
बिहार एमएलसी चुनाव के लिए 21 अक्टूबर, 2026 दिन बुधवार को आठ सीटों पर प्रचार समाप्त हो गया. अब 23 अक्टूबर, 2026 दिन शुक्रवार को मतदान होगा. वहीं, पटना स्नातक सीट पर जदयू के नीरज कुमार और जन सुराज के अनुज कुमार सिंह के बीच मुकाबला है. इस सीट पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.
नीरज कुमार अस्पताल से तो ठीक होकर घर आ गए, लेकिन चुनाव में अनंत सिंह ने उनके खिलाफ ताल ठोकी हुई है, उसका क्या? पार्टी भी अनंत सिंह को लेकर नतमस्तक दिख रही है. पहले कार्रवाई की बात हो रही थी, अब वो भी नहीं हो रही है. देखना यह है कि अनंत सिंह के विरोध के बाद भी कैसे नीरज कुमार चुनाव जीत पाते हैं?
प्रचार के अंतिम दिन सभी दल अपनी ताकत झोंक रहे हैं और जीत के दावे कर रहे हैं. सभी दलों के अपने-अपने तर्क भी हैं, लेकिन कोई भी अपनी कमजोर पर फोकस नहीं कर पा रहा है. एक बात तो है कि इस बार एनडीए में भितरघात का डर पहले से कही ज्यादा है. अनंत सिंह ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है.
अनंत सिंह जनसुराज प्रत्याशी अनुज कुमार के समर्थन में चुनाव-प्रचार कर रहे हैं. जैसे ही अनंत सिंह का काफिला बाढ़ पहुंचा, दर्जनों जेसीबी से फूलों की बारिश की गई. ढोल-नगाड़ों की गूंज के साथ स्वागत किया गया. इस दौरान एनएच 31 पर जाम की स्थिति भी बन गई.