)
करनाल-कैथल रोड पर किसानों ने जाम लगा दिया है. उन्होंने ऐसा गेट पास नहीं कटने से परेशान होकर किया है. इसमें से ज्यादातर किसान कैथल के रहने वाले हैं. वहीं ये सभी निसिंग मंडी में धान बेचने पहुंचे थे. किसानों का ये भी कहना है कि पिछले कई दिनों से उन्हें पोर्टल के कारण परेशानी झेलनी पड़ रही है. उनकी ट्रालियों के गेट पास नहीं काटे जा रहे, जबकि उनके पास फसल से जुड़े सभी जरूरी कागजात हैं. उन्होंने कहा कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होगा तब तक जाम नहीं खोलेंगे.
किसानों के अनुसार, उनका गांव निसिंग के आसपास है. सभी किसान पिछले लगभग 40 साल से इसी मंडी में अपनी फसल को बेच रहे हैं. इस बार भी वे पहले धान बेचकर जा चुके हैं, लेकिन अब उनकी ट्रालियों के गेट पास नहीं काटे जा रहे हैं. किसानों का कहना है कि वे फसल बेचने के लिए ही धान उगाते हैं, लेकिन मंडी में पहुंचने के बाद उन्हें परेशान होना पड़ रहा है. कई दिनों से समस्या का सामना कर रहे किसानों ने कहा कि समाधान नहीं हुआ तो वे जाम लगाए रखेंगे.
किसानों ने सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि खेतों में आग लगने पर सेटेलाइट से तुरंत जानकारी मिल जाती है, तो फिर खेत में धान की फसल होने का पता क्यों नहीं चलता. सरकार कहती है कि किसान देश में कहीं भी अपना धान बेच सकता है, लेकिन दूसरे जिले की मंडी में भी फसल बेचने में परेशानी आ रही है. किसानों ने दावा किया कि धान उनके अपने खेतों की है और उनके पास सभी जरूरी दस्तावेज हैं. इसके बावजूद गेट पास नहीं काटे जा रहे, जिससे उनमें रोष है.
मार्केट कमेटी निसिंग के सचिव जसपाल मेहता के अनुसार, प्रदर्शन करने वाले किसान दूसरे जिले के हैं और निसिंग मंडी में धान लेकर आए हैं. सरकार की तरफ से पत्र जारी किया गया है कि दूसरे जिले की धान मंडी में नहीं आने दी जाए. फिलहाल किसानों को समझाकर शांत करने का प्रयास किया जा रहा है. साथ ही सत्यापन भी किया जा रहा है, ताकि गलत तरीके से कोई ट्राली मंडी में प्रवेश न करे. उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या का समाधान करने के लिए विभाग हमेशा तत्पर है.
(करनाल से कमरजीत सिंह की रिपोर्ट)