बिहार विधान परिषद चुनाव में की 8 सीटों पर चुनाव के लिए सियासी हलचल तेज हो गई है. इसी बीच जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के बाद दरभंगा स्नातक सीट पर अपना कैंडिडेट बदल दिया है. पार्टी ने अब यहां से मोहम्मद इम्तियाज उर्फ नूरानी को मैदान में उतारा है. इससे पहले रवींद्र यादव को टिकट दिया गया था. पार्टी ने रवींद्र यादव का नाम वापस लेने की कोई आधिकारिक वजह साझा नहीं की है. जन सुराज की ओर से MLC चुनाव में प्रत्याशी बदलने का यह दूसरा मौका है. इससे पहले पार्टी ने तिरहुत शिक्षक सीट से भूषण झा का टिकट वापस लेते हुए श्याम नंदन यादव को थमा दिया था.
JDU के प्रदेश सचिव रह चुके हैं रवींद्र यादव
रवींद्र यादव ने हाल ही में जेडीयू छोड़कर जन सुराज ज्वाइन की थी. जेडीयू में वह प्रदेश सचिव रह चुके हैं. प्रशांत किशोर ने पार्टी में आते ही उन्हें MLC चुनाव का टिकट थमा दिया था. हालांकि, महज कुछ दिनों में उनका टिकट काट दिया गया. पार्टी की ओर से इसका कारण नहीं बताया गया है.
रवींद्र यादव को क्यों बदलना पड़ा?
सूत्रों के मुताबिक, रवींद्र यादव का नाम ठगी के मामले से जुड़ा हुआ है. जन सुराज से टिकट मिलने के बाद विरोधियों ने इस मामले को उलाझना शुरू कर दिया था. इससे जन सुराज की छवि को नुकसान हो रहा था. यही वजह है कि पार्टी ने अब साफ छवि वाले डॉ. मोहम्मद इम्तियाज उर्फ नूरानी को मैदान में उतारा है.
डॉ. मोहम्मद इम्तियाज उर्फ नूरानी कौन हैं?
49 वर्षीय मोहम्मद इम्तियाज उर्फ नूरानी मधुबनी जिले के बिस्फी प्रखंड के रहने वाले हैं. वे पेशे से एक डॉक्टर और व्यवसायी हैं. मधुबनी में एक अस्पताल चलाने के अलावा वह समाजसेवा से जुड़े कार्यों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे हैं. यही वजह है कि प्रशांत किशोर ने अब उन्हें दरभंगा स्नातक सीट से टिकट थमा दिया है. साल 2020 में वह कांग्रेस की टिकट पर MLC चुनाव लड़ चुके हैं.