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बिहार के विधान परिषद चुनाव में जनता दल यूनाइटेड पहले से अनंत सिंह की बगावत का सामना कर रहा था, तो अब राष्ट्रीय लोक मोर्चा के सामने भी ऐसी ही परिस्थिति खड़ी हो गई है. राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक दल के नेता माधव आनंद ने एक्स पर किए गए एक पोस्ट में कहा है कि वे और पार्टी के दो अन्य विधायक आलोक सिंह और रामेश्वर महतो मिलकर रामपुकार सिन्हा के नामांकन में मौजूद रहेंगे. रामपुकार सिन्हा रालोमो के ही प्रदेश महासचिव और प्रदेश के मुख्य प्रवक्ता हैं. रामपुकार सिन्हा जेडीयू के प्रत्याशी पुष्कर आनंद के खिलाफ बागी प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतर रहे हैं. इससे पहले पटना स्नातक सीट से जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ पार्टी के ही मोकामा से विधायक अनंत सिंह ने बगावत का झंडा बुलंद कर रखा है. इस तरह, पटना स्नातक और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीयू प्रत्याशियों को बागियों का खतरा पैदा हो गया है.
अनंत-नीरज का मामला अंत की ओर!
अनंत सिंह और नीरज कुमार विवाद में नीतीश कुमार की एंट्री से मामला सुलझता हुआ नजर आ रहा है. नीतीश कुमार के कहने पर केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ना सिर्फ मध्यस्थता को तैयार हुए, बल्कि अनंत सिंह से बात भी की. उन्होंने अनंत को मनाने में काफी हद तक कामयाबी भी हासिल कर ली है. इसकी जानकारी खुद उन्होंने (ललन सिंह) दी. मीडिया से बात करते हुए ललन सिंह ने कहा कि मैंने अनंत सिंह से कहा कि आप कोई सार्वजनिक बयान न दें, इस पर अनंत सिंह सहमत हुए हैं.
ललन सिंह ने इशारों-इशारों में पार्टी नेतृत्व को लपेटते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के वक्त अनंत सिंह का विरोध हुआ था, उस समय पार्टी ने इसे नहीं सुलझाया. प्रदेश नेतृत्व से चूक हुई थी. अनंत सिंह ने कहा कि जिसने मेरा विरोध किया, हम उसके लिए वोट नहीं मांगेंगे. मैंने उनसे कहा कि आप कोई सार्वजनिक बयान न दें, इस पर अनंत सिंह सहमत हुए है.
जेडीयू की कलह थमी, तो रालोमो में मचा घमासान
जेडीयू आलाकमान ने भले ही अनंत सिंह की बगावत को थाम लिया हो, लेकिन अब उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में घमासान शुरू हो गया है. कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा में बड़ी बगावत हो गई है. माधव आनंद समेत रालोमो के तीन विधायकों ने सारण शिक्षक सीट से एनडीए समर्थित जेडीयू उम्मीदवार आनंद पुष्कर का समर्थन करने से साफ इनकार कर दिया है. माधव आनंद ने एक पोस्ट के जरिए इसकी घोषणा की.
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के 4 में से 3 विधायक रामपुकार सिन्हा के नामांकन में मौजूद रहेंगे. इनमें माधव आनंद के अलावा आलोक सिंह और रामेश्वर महतो शामिल हैं. इस खबर के सामने आते ही एनडीए खेमे में खलबली मच गई. आम तौर पर एनडीए अपनी एकजुटता और महागठबंधन में फूट के दावे करता रहता है, लेकिन इस बार पटना स्नातक और सारण शिक्षक सीटों पर एनडीए की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं.
महागठबंधन में 5 सीटों पर आपस में टक्कर
ऐसा नहीं है कि फूट केवल एनडीए में हुई है. महागठबंधन में भी राजद ने 7 तो कांग्रेस ने 5 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार दिया हैं. ऐसे में 5 सीटों पर ऐसी दोनों दल एक-दूसरे के खिलाफ हैं. दरभंगा शिक्षक सीट कांग्रेस ने अपने सिटिंग एमएलसी डॉ. मदन मोहन झा को फिर से उतारा है, तो राजद ने यहां से कुमर राय को खड़ा कर दिया है. इससे पहले कांग्रेस ने 4 सीटों पर राजद उम्मीदवारों के खिलाफ अपना कैंडिडेट उतारा था.
इनमें पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. संजय यादव, पटना स्नातक सीट से डॉ. असद उल्लाह खान, दरभंगा स्नातक सीट से रजनीकांत पाठक और कोसी स्नातक सीट से मनोज कुमार जायसवाल का नाम शामिल है. राजद की ओर पटना शिक्षक सीट से डॉ. संजीव कुमार सिंह, पटना स्नातक सीट से दिलीप कुमार, दरभंगा स्नातक सीट से अनिल कुमार झा और कोसी स्नातक सीट से नितेश कुमार को टिकट दिया है.