बिहार के बाढ़ पीड़ित किसानों के लिए दशहरा से पहले ही दीवाली आ गई. सम्राट सरकार ने पीड़ित किसानों के खाते में सीधे खाते में 112 करोड़ ट्रांसफर किए. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को बाकी पात्र किसानों तक सहायता पहुंचाने के लिए 22 अक्टूबर से विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया.
Bihar Flood Alert: नेपाल के गोरखा में बूढ़ी गंडक नदी का तांडव देखने को मिल रहा है. वहीं, बिहार में भी अलर्ट जारी किया गया है. गंडक और बूढ़ी गंडक नदियों के जलस्तर और बहाव में अचानक बढ़ोतरी की आशंका है.
पहले पाई पाई जोड़कर खुद के लिए आशियाने बनाओ और जब नदी निगलने लगे तो अपने से उसे तोड़कर काम का सामान बचाने की कोशिश करो. जिंदगी कितनी मुश्किल होती है. खासतौर से जब आपका घर नदी के आसपास हो.
भागलपुर के राघोपुर में गंगा नदी ने रातों-रात तटबंध का 125 मीटर हिस्सा निगल लिया और कई घर तबाह हो गए. कटाव रोकने के लिए करोड़ों रुपये के कामों पर सवाल उठ रहे हैं. इलाके में दहशत का माहौल है.
Muzaffarpur Flood: मुजफ्फरपुर के पारू प्रखंड के बाढ़ प्रभावित जयमल डुमरी पंचायत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्वेता कुमारी सिंह ने पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों का हाल जाना. उन्होंने करीब 500 पैकेट राहत सामग्री बांटी और पानी निकासी समेत राहत व्यवस्था को लेकर प्रशासन को जरूरी कदम उठाने की बात कही.
सारण में बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य के दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने कई जगह ऐसी स्थिति बन रही है, जहां विरोध धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार तक पहुंच जा रहा है. मकेर थानाध्यक्ष का वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है.
सारण जिले के पानापुर प्रखंड के भगवानपुर इलाके में तटबंध टूटने से ग्रामीण भड़क गए और SDO सुनील कुमार व JE चंद्रशेखर कुमार को घेर लिया. ग्रामीणों का आरोप है कि तटबंध के निर्माण और मरम्मत कार्य में लापरवाही बरती गई तथा घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया.
बाढ़ के आक्रोश का शिकार हो रहे जनप्रतिनिधि, वीडियो वायरल दो तस्वीरें कई सवाल छोड़ गईं, बाढ़ की त्रासदी के बीच लोगों का गुस्सा अब जनप्रतिनिधियों तक भी पहुंच रहा है. सामने आईं दो तस्वीरें सारण की मौजूदा स्थिति और बाढ़ पीड़ितों के आक्रोश की कहानी बयां करती हैं.
बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की आर्थिक स्थिति, बाढ़ राहत, बेरोज़गारी और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है. वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी बिहार में बाढ़ को लेकर सरकार पर हमला बोला है.
गंगा का पानी एक बार फिर बढ़ रहा है, जिससे कई जिलों में जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है. गंगा के साथ गंडक नदी भी उफान पर है. इस बीच नासा ने अपनी रिपोर्ट में बिहार बाढ़ की भयावता का जिक्र किया है.
बिहार में गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती समेत कई नदियों का पानी अब तेजी से घट रहा है. नदियों का जलस्तर घटने के साथ ही बीमारी और संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है. इसको लेकर भी प्रशासन पूरी तरह स अलर्ट है.
गंडक नदी में इस वर्ष दर्ज की गई अभूतपूर्व जलस्तर वृद्धि और भयावह बाढ़ की गंभीरता अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दर्ज हुई है. NASA Earth Observatory की उपग्रह-आधारित रिपोर्ट में नेपाल से लेकर बिहार तक गंडक के असाधारण जलप्रवाह, तटबंधों के ओवरटॉपिंग और ब्रीच और व्यापक बाढ़ की स्थिति को दर्शाया गया है. यह रिपोर्ट गंडक नदी में इस ऐतिहासिक जलवृद्धि की गंभीरता को रेखांकित करती है.
मृतक की पहचान परशुरामपुर निवासी अनिल कुमार सिंह के रूप में की गई है. वहीं, हादसे में एक महिल और 2 बच्चों के घायल होने की भी जानकारी मिल रही है. पुलिस की ओर से इस घटना की पुष्टि की गई है.
बिहार के 6 जिलों में बाढ़ से 5 लाख लोग प्रभावित है. वायुसेना ने हेलीकॉप्टर से 10 टन राहत पैकेट का वितरण किया है. आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार प्रभावित लोगों के बीच अब तक करीब 68,600 पॉलीथिन शीट और 64,100 ड्राई राशन पैकेट वितरित किए जा चुके हैं.
सारण में गंडक नदी के उफान और तटबंध टूटने से बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. कहीं घरों में पानी घुस गया है, तो कहीं लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों की तलाश में हैं.
सारण में बाढ़ का पानी और ज्यादा खेतों, घरों और सड़कों में भर गया है. इसके बाद प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है. केंद्रीय जल आयोग की ओर से जिले के 28 स्थानों पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. जिलाधिकारी और एसएसपी खुद अभियान की निगरानी कर रहे हैं.
आदमी अपनी सुविधा के लिए क्या नहीं करता है? हर रोज प्रकृति से खिलवाड़ करता है. बांध बनाता है, टनल बनाता है, पहाड़ों पर रोड बनाता है, लेकिन यह सब करते वक्त वह भूल जाता है कि जब प्रकृति इसका बदला लेगी तो उसका हश्र क्या होगा?
Bihar Flood: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था पर प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने संतोष जताया. वहीं, भागलपुर में गंगा का जलस्तर 33.47 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का निशान 33.68 मीटर है.
बिहार में बाढ़ का कहर देखने को मिल रहा है. सारण में 2 लाख से अधिक आबादी प्रभावित हुई है. मनेर में भी हालात बेकाबू हो गए हैं. वहीं, बेतिया के नौतन में मंगलपुर गुड़रिया वार्ड नंबर 6 पिछले सात दिनों से बाढ़ की चपेट में है.
Bihar flood: मुजफ्फरपुर में बाढ़ से साहेबगंज, पारू, कटरा और गायघाट की 22 पंचायतें प्रभावित हैं. बांध टूटने से हजारों लोग संकट में हैं और NDRF रेस्क्यू अभियान चला रही है. वहीं बेगूसराय में गंगा के पानी में डूबने से चाचा-भतीजे की मौत हो गई.
पूर्वी चंपारण में बाढ़ का असर अब कब होने लगा है. इस सफलता का श्रेय DM सुमन सौरभ यादव ने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को दिया है. उन्होंने कहा कि यह आपदा बेहद चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन हमारे अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई, पूर्वी चम्पारण की जनता के धैर्य और सहयोग के कारण हम कम से कम नुकसान के साथ इस संकट से बाहर आने में सफल रहे.
बिहार के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. बाढ़ का पानी गांवों से लेकर स्कूलों तक हर जगह भर चुका है, जिससे लोगों का जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही है.