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बिहार में नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं. गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने और तटबंध टूटने से सारण में बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच, जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है. वैशाली में भी गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए महनार में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. वहीं, मुजफ्फरपुर में बागमती और नारायणी-गंडक नदियां बड़े पैमाने पर तबाही मचा रही हैं.
सारण में तटबंध टूटने से स्थिति भयावह
सारण में जिला मजिस्ट्रेट वैभव श्रीवास्तव और SSP रौशन कुमार ने तबाही के बीच खुद मोर्चे पर उतर गए हैं. दोनों अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया. मकेर में दो स्थानों पर तटबंध टूटने से बड़ी मात्रा में पानी आसपास के गांवों में फैल गया है. बाढ़ का पानी तेजी से परसा की ओर भी बढ़ रहा है. वहीं, पानापुर में भी एक स्थान पर तटबंध टूटने से कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है. बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए NDRF की दो और SDRF की तीन टीमें तैनात की गई हैं. बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए जिले में सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही है. बुधवार को 14 स्थानों पर सामुदायिक रसोई के माध्यम से बाढ़ पीड़ितों को भोजन उपलब्ध कराया गया.

जिला प्रशासन ने लोगों ये की ये अपील
स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमें भी प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रही हैं. जरूरतमंद परिवारों के बीच पॉलिथीन शीट का वितरण किया गया है. बाढ़ से प्रभावित पशुपालकों को भी आवश्यकता के अनुसार पशु चारा उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि पशुओं के सामने चारे का संकट उत्पन्न न हो. जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से जाने से बचें और प्रशासन एवं बचाव दल के निर्देशों का पालन करें.
वैशाली में गंगा का रौद्र रूप
वैशाली में भी गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए महनार में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. महनार एसडीएम अंकित कुमार ने अपनी टीम और एसडीआरएफ के साथ इलाके के तमाम घाटों का निरीक्षण किया. इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया और स्थानीय प्रशासन को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया. हालात को देखते हुए महनार एसडीएम टीम के साथ घाटों पर पहुंचे और मौके पर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया. निरीक्षण के दौरान एसडीआरएफ की टीम और प्रखंड स्तर के प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे.

एसडीएम ने घाटों की स्थिति देखी और लोगों से गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर सतर्क रहने की अपील की. प्रशासन की ओर से लोगों को अनावश्यक रूप से नदी और घाट के नजदीक नहीं जाने की सलाह दी जा रही है. वहीं, स्थानीय प्रशासन को भी हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है. किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए घाटों पर स्थानीय प्रशासन के साथ एसडीआरएफ टीम की तैनाती की गई है. फिलहाल, प्रशासन की नजर गंगा के जलस्तर पर बनी हुई है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है.

मुजफ्फरपुर में भी नदियों ने मचाई तबाही
नेपाल से आ रहे बाढ़ के पानी ने मुजफ्फरपुर में भारी तबाही मचाई है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बागमती और नारायणी-गंडक नदियां बड़े पैमाने पर तबाही मचा रही हैं. बाढ़ का पानी गांवों से लेकर स्कूलों तक हर जगह भर गया है. लोग अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं क्योंकि उनके घर पानी में डूबे हुए हैं. वहीं, स्कूल परिसर में पानी घुसने से बच्चों की पढ़ाई भी रुक गई है. जिले के कटरा ब्लॉक के बर्री और नवादा इलाकों में लोग अपने ही घरों में फंस गए हैं, क्योंकि दर्जनों घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है.

इस बीच, पानी भरने के कारण आधे दर्जन स्कूलों में कक्षाएं बंद कर दी गई हैं. इसके अलावा, नारायणी-गंडक तटबंध टूटने से पारु का जायमल डुमरिया गांव बुरी तरह प्रभावित हुआ है. मुजफ्फरपुर के सोलह में से छह ब्लॉक अभी बाढ़ की चपेट में हैं. घरों में पानी घुसने और खड़ी फसलों के बर्बाद होने से रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ा है
सारण से राकेश कुमार सिंह, राजकुमार सिंह और मुजफ्फरपुर से मणितोष कुमार की रिपोर्ट