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टाटा कम्युनिकेशंस का बड़ा दांव, 450 मिलियन डॉलर निवेश से बिछाएगी 10000 KM का फाइबर नेटवर्क, जानिए क्या है कंपनी का पूरा प्लान?

AI सुपरहाईवे ग्राहकों को निर्बाध और शुरू से अंत तक कनेक्टिविटी की सर्विस देगा. ये अगली पीढ़ी के AI वर्कलोड के लिए जरूरी प्रदर्शन, विश्वसनीयता और बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता उपलब्ध कराएगा.

टाटा कम्युनिकेशंस का बड़ा दांव, 450 मिलियन डॉलर निवेश से बिछाएगी 10000 KM का फाइबर नेटवर्क, जानिए क्या है कंपनी का पूरा प्लान?
Image Credit: टाटा कम्युनिकेशंस ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2FY27) में 341.03 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। AI

Tata Communications : देश की दिग्गज कंपनी, टाटा कम्युनिकेशंस ने भारत में 'AI सुपरहाइवे' (AI Super Highway) बनाने के लिए अगले 3 से 5 वर्षों में 450 मिलियन डॉलर (लगभग ₹4,283 से ₹4,350 करोड़) तक का निवेश करने की घोषणा की है. ये एक हाई-स्पीड और कम लेटेंसी वाला नेटवर्क फैब्रिक होगा, जो भारत के AI डेटा-सेंटर कॉरिडोर को आपस में जोड़ेगा. 

10,000 किलोमीटर लंबी नई फाइबर लाइन बिछाएगी टाटा कम्युनिकेशंस 

कंपनी पूरे भारत में लगभग 10,000 किलोमीटर लंबी नई फाइबर लाइन बिछाएगी, जिससे देश का सबसे बड़ा AI-रेडी कनेक्टिविटी नेटवर्क तैयार होगा. कंपनी के मुताबिक, ये AI सुपरहाइवे ग्राहकों को एक निर्बाध (सीमलेस) एंड-टू-एंड कनेक्टिविटी देगा. ये अगली पीढ़ी के AI वर्कलोड के लिए जरूरी परफॉरमेंस, मजबूती और स्केल को सपोर्ट करेगा.

इसकी घोषणा के बाद टाटा कम्युनिकेशंस लिमिटेड के शेयर 1.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1680 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए. इससे पहले ये शेयर 1,658 रुपये पर खुला था, जबकि पिछले दिन ये 1,654.40 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ था.

डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की  दिशा में बड़ा कदम

इस प्रोजेक्ट को विजाग, भुवनेश्वर, जामनगर, GIFT सिटी और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों सहित पूर्वी तट और पश्चिमी भारत के उभरते डेटा-सेंटर इकोसिस्टम तक कनेक्टिविटी का विस्तार किया जाएगा. प्रमुख AI कॉरिडोर और डेटा-सेंटर क्लस्टर को अंतरराष्ट्रीय केबल लैंडिंग स्टेशनों से जोड़कर, टाटा कम्युनिकेशंस भारत और दुनिया के प्रमुख AI हब के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी देगा. इससे भारत वैश्विक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में एक रणनीतिक गेटवे के रूप में स्थापित होगा.

टाटा कम्युनिकेशंस अपने मौजूदा 'नेशनल लॉन्ग डिस्टेंस' और मेट्रो नेटवर्क को और बढ़ाकर एंटरप्राइज तथा डेटा-सेंटर की कनेक्टिविटी जरूरतों को पूरा करना जारी रखेगा, जिससे विकास की गति बनी रहे. कंपनी दुनिया के सबसे बड़े, पूरी तरह से अपने स्वामित्व वाले और सबसे एडवांस्ड सबसी (समुद्र के नीचे के) फाइबर नेटवर्क में से एक का संचालन करती है. ये नेटवर्क इंटरनेट की रीढ़ के रूप में काम करता है, जिसमें 500,000 किलोमीटर से अधिक सबसी ऑप्टिकल फाइबर और 200,000 किलोमीटर से अधिक जमीनी (टेरेस्ट्रियल) फाइबर शामिल हैं.

एंटरप्राइज कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए टाटा कम्युनिकेशंस ने जून 2026 में मुंबई और सिंगापुर के बीच एक नई सबसी केबल प्रणाली की योजना बनाकर अपने 'टाटा ग्लोबल नेटवर्क' (TGN) की क्षमताओं को और बढ़ाया है. इसने चेन्नई को सिंगापुर से जोड़ने वाले एक नए सबसी केबल सिस्टम में एक कंसोर्टियम सदस्य के रूप में निवेश किया है. उम्मीद है कि ये 2029 की चौथी तिमाही में सर्विस के लिए तैयार हो जाएगा. 2025 में कंपनी ने TGN IA2 (टाटा ग्लोबल नेटवर्क – इंट्रा-एशिया 2) सबमरीन केबल को अपने नेटवर्क में शामिल किया है.

टाटा कम्युनिकेशंस की Q2 परफॉरमेंस

टाटा कम्युनिकेशंस ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (Q2FY27) में 341.03 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है. ये पिछले साल की इसी तिमाही के 183.06 करोड़ रुपये से 86.3 प्रतिशत अधिक है. सितंबर तिमाही में ऑपरेशन से आय 6,687.89 करोड़ रुपये रही, जबकि Q2FY26 में यह 6,099.75 करोड़ रुपये थी. ये पिछले साल की तुलना में लगभग 9.6 प्रतिशत की ग्रोथ है. FY27 की पहली छमाही के लिए टाटा कम्युनिकेशंस ने ऑपरेशन से 13,270.71 करोड़ रुपये की आय दर्ज की, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह 12,059.60 करोड़ रुपये थी.

इसके अलावा, बोर्ड ने 'कलेरा इंक' (Kaleyra Inc.) में अपनी पूरी हिस्सेदारी को 'टाटा कम्युनिकेशंस (नीदरलैंड्स) B.V.' को ट्रांसफर करने की मंजूरी भी दी है. ये कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी है. इस पुनर्गठन का उद्देश्य अल्टीमेट ओनरशिप को बदले बिना, ग्रुप के ढांचे को सरल बनाना है.

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About the Author

Gaurav Singh

Gaurav Singh

जी न्यूज में सीनियर सब-एडिटर हैं और वर्तमान में बिजनेस व फाइनेंशियल न्यूज कवर करते हैं.  देश की राजनीति से लेकर दुनिया के बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों और घटनाओं को कवर कर चुके हैं  पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो UPTU से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले गौरव ने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और पिछले 6 वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. आप गौरव सिंह से Gaurav.Singh@India.Com पर ईमेल के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. 
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