Samastipur Flood: समस्तीपुर में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब दो मीटर ऊपर पहुंच गया है. जलस्तर में मामूली कमी के बावजूद मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है.
Bihar Flood: भागलपुर में गंगा की बाढ़ ने भयावह रूप ले लिया है. जिले के 10 प्रखंडों की 50 से अधिक पंचायतों में डेढ़ लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं. कई जगह घरों के अंदर 6 से 8 फीट तक पानी पहुंच गया है.
बिहार में बाढ़ से हालात दिन-प्रतिदिन बेहद खराब होते जा रहे हैं. गंगा, गंडक, कोसी, पुनपुन और सोन समेत कई नदियों ने विकराल रूप अख्तियार कर रखा है. बाढ़ से 12 जिलों की 22 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित हो रखी है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार से बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है.
नेपाल में हो रही बारिश के कारण बिहार में बाढ़ की समस्या गभीर होती जा रही है. शनिवार (5 सितंबर) को गांधी घाट पर गंगा ने वर्ष 2016 में दर्ज अपने उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड तोड़ दिया. इससे पहले वर्ष 2016 में गंगा का पानी 50.52 मीटर तक पहुंचा था. 21 अगस्त 2016 को गांधी घाट पर इतना पानी दर्ज किया गया था. यह इस समय तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड था.
बाढ़ प्रभावित लोगों को दो समय गर्म भोजन उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न जिलों में कुल 38 सामुदायिक रसोई केंद्रों का संचालन किया जा रहा है, जहां अब तक लगभग 1.21 लाख लोगों को भोजन (थाली) कराया गया है . इसके अतिरिक्त वैशाली जिले में 1 राहत शिविर भी संचालित किया जा रहा है, जहां लगभग 326 बाढ़ पीड़ित शरणार्थियों के लिए आवासन, भोजन और चिकित्सा इत्यादि की मुकम्मल व्यवस्था की गई है.
बिहार में हर साल मानसून आते ही उत्तर और मध्य बिहार के दर्जनों जिले बाढ़ की विभीषिका झेलने को मजबूर हो जाते हैं. अरबों रुपये की संपत्ति का नुकसान और लाखों लोगों का विस्थापन राज्य की नियति बन चुका है. हालांकि, पर्यावरण विशेषज्ञों और जल संसाधन इंजीनियरों का मानना है कि इस विनाशकारी समस्या का स्थायी समाधान कहीं दूर नहीं, बल्कि गंगा नदी की तलहटी में ही छिपा हुआ है.
बिहार में नदियों का महातांडव देखने को मिल रहा है. भागलपुर में गंगा के कटाव से पुरानी रेल लाइन पर खतरा मंडरा रहा है. वहीं, भोजपुर और बगहा में दियारा क्षेत्र जलमग्न हो चुके हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है.
Begusarai Flood: बेगूसराय में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने सिहमा पंचायत के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बाढ़ का पानी गांव की सड़कों और घरों तक पहुंच गया है. कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग घर की छतों पर रहने को मजबूर हैं.
Bihar Flood: मधेपुरा में कोसी नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से चौसा और आलमनगर के निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है. कई गांवों के चारों तरफ पानी पहुंचने से आवागमन और मवेशियों के चारे की समस्या बढ़ गई है.
Gandak River Flood: वाल्मीकिनगर गंडक बराज से करीब डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद पश्चिम चंपारण के दियारा इलाकों में गंडक नदी का कटाव तेज हो गया है. मंगलपुर, रेवहिया, चिउरही और सिसई में दर्जनों घर, सड़क और प्राथमिक विद्यालय नदी की धारा में समा चुके हैं.
Samastipur Flood: समस्तीपुर में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार 20 से 30 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी से मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है. कई पंचायतों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है, जबकि करीब डेढ़ दर्जन विद्यालयों को बंद कर दिया गया है.
Jehanabad Flood: जहानाबाद में दरधा और यमुने नदी के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी से निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है. जाफरगंज और अंबेडकर नगर के कई घर प्रभावित हुए हैं.
Munger floods: मुंगेर में गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच दियारा और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी नए क्षेत्रों में फैल रहा है. कुतलुपुर पंचायत में गंगा का कटाव जारी है, जबकि कई संपर्क मार्ग जलमग्न होने से आवागमन प्रभावित है.