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कर्नाटक की रहने वाली 70 साल की एक महिला गलती से दूसरी गाड़ी में बैठ गईं और महाराष्ट्र पहुंच गईं. महिला का नाम रजाक बी बताया जा रहा है. वह अपने घर का रास्ता नहीं ढूंढ पा रही थीं. जिसके बाद गूगल सर्च, चैट-जीपीटी और स्थानीय लोगों की मदद से 16 दिन बाद उन्हें उनके घरवालों से मिलवा दिया. अफसरों ने बताया कि कर्नाटक में अपने पैतृक स्थान से गलती से गलत गाड़ी में सवार होने के बाद महिला लापता हो गई थी.
कर्नाटक के हावेरी जिले के राणेबेन्नूर के रहने वाले रजाक बी गलती से गलत वाहन में सवार हो गए और 6 अक्टूबर को महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा पहुंच गए. घर वापस जाने का रास्ता न मिलने पर, उसे अचोले पुलिस स्टेशन के कर्मियों की देखरेख में ले लिया गया, जिन्होंने उसके लिए विरार फाटा में मौजूद समर्थ आश्रम में रहने की व्यवस्था की.
इसके बाद जीवन आनंद संस्था (JAS) ने उनके परिवार का पता लगाने की कोशिश शुरू कर दी. उनकी टीम ने स्थानीय जानकारी का विश्लेषण करने और संभावित सुरागों की पहचान करने के लिए गूगल सर्च और चैटजीपीटी का इस्तेमाल किया. टीम ने उसके रिश्तेदारों से संपर्क करने के लिए स्थानीय सामुदायिक नेटवर्क से भी संपर्क किया.
ट्रस्टी किसान चौरे के मुताबिक,'JAS की टीम ने स्थानीय जानकारी का विश्लेषण करने के लिए गूगल सर्च और चैटजीपीटी का इस्तेमाल करते हुए राणेबेन्नूर पुलिस से संपर्क किया. हमने स्थानीय सामुदायिक नेटवर्क का भी इस्तेमाल किया. इसी के चलते हम उनकी बेटियों, दामादों और भतीजों तक पहुंचे, जो उन्हें 22 अक्टूबर को घर ले गए.'
भारत में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के डिजिटल पुलिस पोर्टल पर 'Missing Person Search' की सुविधा उपलब्ध है. इसके जरिए लोग देशभर में मिले ऐसे अज्ञात लोगों के रिकॉर्ड खोज सकते हैं, जिनकी पहचान नहीं हो पाई है. इस डेटाबेस में पुलिस के CCTNS सिस्टम में उपलब्ध तस्वीरें और अन्य जानकारियां भी शामिल हो सकती हैं. हालांकि, रजाक बी के मामले में इस पोर्टल के इस्तेमाल की जानकारी सामने नहीं आई है.
तकनीक कई बार बड़ी मुश्किलों को हल निकाल देती है. इसकी कई मिसालें दी जा सकती है. हाल ही में उत्तर प्रदेश में META ने भी दो लोगों को खुदकुशी जैसे कदम से बचाया है. यूपी के गोंडा और मुरादाबाद में दो युवकों ने सोशल मीडिया पर आत्महत्या करने से जुड़े वीडियो पोस्ट किए. मेटा ने इसकी जानकारी पुलिस को दी. पुलिस ने मोबाइल नंबर से उनकी लोकेशन पता की और दोनों को समय रहते बचा लिया. मुरादाबाद में पुलिस सिर्फ 8 मिनट में युवक के घर पहुंच गई.