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Bihar Flood: पटना में गंगा ने तोड़ा 2016 का रिकॉर्ड, आज भी उस दौर को याद करके सिहर उठते हैं लोग!

नेपाल में हो रही बारिश के कारण बिहार में बाढ़ की समस्या गभीर होती जा रही है. शनिवार (5 सितंबर) को गांधी घाट पर गंगा ने वर्ष 2016 में दर्ज अपने उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड तोड़ दिया. इससे पहले वर्ष 2016 में गंगा का पानी 50.52 मीटर तक पहुंचा था. 21 अगस्त 2016 को गांधी घाट पर इतना पानी दर्ज किया गया था. यह इस समय तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड था.

Bihar Flood: पटना में गंगा ने तोड़ा 2016 का रिकॉर्ड, आज भी उस दौर को याद करके सिहर उठते हैं लोग!
Image Credit: पटना में गंगा ने तोड़ा 2016 का रिकॉर्ड (AI तस्वीर)

नेपाल में हो रही बारिश के कारण बिहार में बाढ़ की समस्या गभीर होती जा रही है. गंगा, गंडक, कोसी और नारायणी समेत प्रदेश की सभी नदियों ने विकराल रूप ले लिया है. बाढ़ से राज्य के 11 जिलों में करीब 16.84 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. राजधानी पटना में गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. यहां गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है. शनिवार (5 सितंबर) को गांधी घाट पर गंगा ने वर्ष 2016 में दर्ज अपने उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड तोड़ दिया. जानकारी के अनुसार, गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.53 मीटर तक पहुंच गया. इससे पहले वर्ष 2016 में गंगा का पानी 50.52 मीटर तक पहुंचा था. 21 अगस्त 2016 को गांधी घाट पर इतना पानी दर्ज किया गया था. यह इस समय तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड था.

सोन-घाघरा का पानी भी उफान पर

दानापुर-बिहटा इलाके में पहले से गंगा और पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है, अब सोन नदी के उफान ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. बता दें कि नेपाल से 6 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से घाघरा और सोन नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है. शुक्रवार सुबह 10:30 बजे घाघरा नदी में कुल 3,39,450 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. कटिहार के कुरसेला में कोसी का जलस्तर खतरे के निशान से 31 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया है. अगले 24 घंटे में जलस्तर और बढ़ने की संभावना है. हाजीपुर में गंडक भी खतरे के निशान से 26 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. इससे नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है.

बाढ़ से करीब 16.85 लाख लोग हुए प्रभावित

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाढ़ से पूरे प्रदेश में करीब 16.85 लाख लोग प्रभावित हुए हैं. प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य लगातार चलाए जा रहे हैं. बाढ़ की स्थिति को देखते हुए त्वरित राहत एवं बचाव कार्य के लिए SDRF की 27 और NDRF की 7 टीमों को विभिन्न जिलों में तैनात किया गया है. इसके अलावा बाढ़ प्रभावित जिलों में 80 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां अब तक करीब 1.21 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया है.

2016 को याद करके सिहर उठते हैं लोग!

2016 में बिहार में भयंकर बाढ़ आई थी. गंगा के साथ-साथ गंडक, कोसी, सोन, पुनपुन और नारायणी नदियों के पानी ने खूब कहर बरपाया था. बाढ़ से करीब 33 लाख लोग प्रभावित हुए थे. उस दौर को याद करके आज भी लोग सिहर उठते हैं. 4 अगस्त 2016 तक इस आपदा से कुल 64 अपनी जान गंवा चुके थे. पूर्णिया में सबसे ज्यादा 26 लोगों की मौत हुई थी. इसके बाद कटिहार में 15, सुपौल में 8, किशनगंज में 5, मधेपुरा में 4, गोपालगंज में 4 एवं अररिया एवं सहरसा 1-1 व्यक्ति ने अपनी जान गंवा दी थी. बाढ़ के कारण पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, दरभंगा, मधेपुरा, भागलपुर, कटिहार, सहरसा, सुपौल, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण के 70 प्रखंडों के 2349 गांवों की करीब 33 लाख लोग बेघर हो गए थे. सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों के बीच 2,15,225 खाद्य सामग्री के पैकेट वितरित किए गए थे.

सरकार करेगी पूरी मदद- डिप्टी सीएम

डिप्टी सीएम ने शुक्रवार को बताया कि गांधी घाट पर गंगा ने वर्ष 2016 के उच्चतम जलस्तर का रिकॉर्ड पार कर लिया है. डिप्टी सीएम ने सोन और घाघरा नदियों से आए पानी को इसका बड़ा कारण बताया. उन्होंने कहा कि आज का दिन चुनौतीपूर्ण है, लेकिन जल संसाधन विभाग के साथ-साथ जिला प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. डिप्टी सीएम ने लोगों को भरोसा दिया था कि सरकार उनको इस समस्या से बाहर निकाल लेगी. 

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About the Author

K. Raj Mishra

K. Raj Mishra

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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