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Samastipur Flood: समस्तीपुर में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से मोहिउद्दीननगर और मोहनपुर प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने लगा है. गंगा के जलस्तर में प्रतिदिन 20 से 30 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की जा रही है. जलस्तर बढ़ने के साथ ही कई इलाकों में झील जैसा नजारा दिखाई देने लगा है. सरारी कैंप पर तैनात सहायक अभियंता मनीष कुमार गुप्ता ने बताया कि बुधवार को गंगा का जलस्तर 47.25 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 45.50 मीटर से 1.75 मीटर ऊपर है. फिलहाल जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी है.
जलस्तर बढ़ने से मोहिउद्दीननगर प्रखंड की रासपुर पतसिया पूरब और पश्चिम, हरैल, कुरसाहा, दुबहा, महमद्दीपुर, तेतारपुर और बोचहा पंचायत के निचले इलाकों में पानी फैल गया है. वहीं, मोहनपुर प्रखंड की धरणीपट्टी पश्चिम, दक्षिणी डुमरी, राजपुर जौनापुर और विशनपुर बेड़ी पंचायत के निचले क्षेत्रों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है. पानी फैलने से आनंदगोलवा-गोला पट्टी, दुबहा-अदलपुर, दियारा मोड़-चपरा और विशनपुर बेड़ी-मटिऔर सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ है. चापर स्थित WPU में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. ग्रामीणों के अनुसार वार्ड संख्या 9, 12, 13, 14 और 15 में पानी तेजी से फैल रहा है.
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए दोनों प्रखंडों के करीब डेढ़ दर्जन विद्यालयों को प्रशासनिक आदेश के बाद बंद कर दिया गया है. यदि गंगा के जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो करीब 45 विद्यालयों के प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है. इससे बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो सकती है. प्रशासन की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रभावित इलाकों में आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं.
पटोरी एसडीएम विकास कुमार पांडेय ने बताया कि प्रशासन स्थिति पर 24 घंटे नजर बनाए हुए है. वहीं मोहिउद्दीननगर में 65 और मोहनपुर में 70 नावों का पंजीकरण कराया गया है, जिनमें से मोहिउद्दीननगर में 18 नावों का परिचालन शुरू कर दिया गया है. इसकेअलावा SDRF की टीम को तैनात किया गया है और प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप लगाए गए हैं. SDM ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
रिपोर्ट: मंटुन कुमार रॉय