बिहार में बाढ़ से स्थिति गंभीर हो गई है. इसे लेकर सीएम सम्राट ने कल पश्चिम चंपारण का दौरा किया. इस दौरान सीएम सम्राट ने बाढ़ पीड़ित परिवारों को 7-7 हजार रुपए की सहायता राशि देने का ऐलान किया है.
Bihar Flood: बिहार में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर से सारण, वैशाली और पूर्वी चंपारण के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. सारण के मकेर में करीब 10 फीट तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है. वहीं वैशाली के लालगंज में रिंग बांध में रिसाव और कटाव की सूचना के बाद प्रशासन ने रातभर निगरानी की. पूर्वी चंपारण के में भी प्रशासनिक और तकनीकी टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं.
Muzaffarpur Flood: मुजफ्फरपुर के पारू प्रखंड के जयमल डुमरी में बांध टूटने के बाद बाढ़ का पानी तेजी से दर्जनों गांवों में घुस गया. कई घरों में कमर से ऊपर तक पानी भर गया, जिसके बाद लोग बच्चों और बुजुर्गों को लेकर ऊंचे स्थानों पर पहुंचने लगे. प्रशासन पूरी रात बांध पर गश्त कर लोगों की सुरक्षा का जायजा लिया.
Samrat Choudhary: चंपारण में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों और किसानों को दशहरा से पहले मुआवजा दिया जाएगा.
Bihar Flood: बिहार में गंडक नदी के रौद्र रूप से एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. गोपालगंज में रिंग बांध टूटने से कई गांवों में पानी तेजी से फैल रहा है. सारण के मकेर में तटबंध टूटने, मोतिहारी में रिंग बांध में लीकेज और बेतिया-गोपालगंज मुख्य मार्ग पर बाढ़ का पानी बहने से हालात गंभीर बने हुए हैं.
Motihari Flood: गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और तटबंध पर बने दबाव से पूर्वी चंपारण में बाढ़ का खतरा गहरा गया था. अरेराज, संग्रामपुर, केसरिया और पहाड़पुर के कई इलाकों में तटबंध पर रिसाव और कटाव की स्थिति बनी रही. डीएम-एसपी की निगरानी में ग्रामीणों और प्रशासन ने रातभर सैंड बैग लगाकर तटबंध को टूटने से बचाया.
Bihar Flood: बिहार में गंडक और बागमती समेत कई नदियों के उफान से बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है. मुजफ्फरपुर में तटबंध पर कटाव और कई इलाकों में घरों में पानी घुसने से हालात बिगड़ गए हैं. पश्चिम चंपारण में तटबंध टूटने से दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज प्रभावित इलाकों का जायजा लेकर राहत शिविरों और कटाव स्थलों का निरीक्षण करेंगे.
Pappu Yadav: बगहा के चखनी खैरटवा में चंपारण तटबंध टूटने की सूचना पर सांसद पप्पू यादव मौके पर पहुंचे. उन्होंने क्षतिग्रस्त तटबंध का निरीक्षण कर बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की और राहत सामग्री व आर्थिक सहायता दी.
Bihar flood: दरभंगा में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है. वहीं मोतिहारी में गंडक बैराज से छोड़े गए पानी के कारण कई गांव प्रभावित हैं और स्टेट हाईवे-74 पर लगभग 2 से 3 फीट पानी बह रहा है.
Bettiah Flood: बेतिया के बैरिया प्रखंड की फुलियाखाड़ पंचायत में मंगलवार रात करीब 2 बजे चंपारण तटबंध टूट गया. बांध टूटने के बाद नौतन और बैरिया प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से फैलने लगा. वहीं, जरलपुर खुटवनिया में SDRF की टीम ने नाव के जरिए करीब 250 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला.
West Champaran Flood: पश्चिम चंपारण में गंडक समेत पहाड़ी नदियां उफान पर हैं. सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है साथ ही सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है. प्रशासन ने रेस्क्यू और सामुदायिक किचन के जरिए राहत अभियान तेज किया है.
वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से रिकॉर्ड मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी के किनारे बसे इलाकों, यहां तक कि नेशनल हाईवे पर भी पानी भर गया है, जिससे बाढ़ के कारण भारी तबाही मची है.
बगहा में लक्ष्मीपुर रामपुरवा के बाद, अब मधुबनी ब्लॉक भी बाढ़ की तबाही का सामना कर रहा है. मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 2,000 परिवार प्रभावित हुए हैं. चिउरही और सिसई पंचायतों में बाढ़ पीड़ितों को दो दिनों से खाना नहीं मिला है. वहीं, रेवहिया और नैनहा में हालात और खराब हो गए हैं. मधुबनी के सर्कल ऑफिसर (CO) नंदलाल राम ने भरोसा दिलाया है कि जल्द ही मदद और बचाव कार्य शुरू किए जाएंगे.
Bihar Flood: वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 5.43 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है. वहीं, मधुबनी में कई गांव टापू में बदल गए हैं. लोगों में प्रशासन के खिलाफ आक्रोश देखने को मिल रहा है.
बिहार में नदियां उफान पर है. कोसी-गंगा और मनियारी का कहर देखने को मिल रहा है. घर और सड़क पानी में डूब गए हैं. वहीं, बख्तियारपुर प्रखंड का चिरैया दियारा अपने अस्तित्व की जंग लड़ रहा है.
Bihar flood: नेपाल से आने वाली गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान के पार पहुंच गया है. वाल्मीकिनगर गंडक बराज से फिलहाल 5.1 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जो रात में 6 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है. वहीं वैशाली में भी गंडक के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन अलर्ट है और तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है.
Motihari Flood: नेपाल में भारी बारिश के बाद गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. वाल्मीकिनगर बैराज से लगातार बढ़ रहे पानी को देखते हुए मोतिहारी में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है.
वाल्मीकिनगर बराज पर रविवार पूर्वाह्न 10 बजे गंडक नदी में 4.16 लाख क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया है. मिली जानकारी के अनुसार, शाम तक करीब 5 लाख क्यूसेक जलस्राव पहुंचने की संभावना है.
मुजफ्फरपुर में तिरहुत नहर का बांध साल में तीसरी बार टूटा है. वहीं, बगहा-सीतामढ़ी में गंडक और कोसी नदी का तांडव देखने को मिल रहा है. बाढ़ के खतरे को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है.
वाल्मीकिनगर गंडक बराज से 4 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किए जाने से कई इलाकों में कई गांवों में पानी भर गया है. बाढ़ के पानी से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. लोग अपने पशुओं के साथ बाढ़ चौकियों और सुरक्षित शरणस्थलों पर शरण लिए हुए हैं.
नेपाल के तराई क्षेत्र में गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही भारी बारिश को देखते हुए बिहार में सावधानी बरती जा रही है. संभावित हालात को देखते हुए प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है. सीमावर्ती जिलों के साथ-साथ गंडक, बागमती और कोसी नदी से जुड़े संवेदनशील इलाकों में सभी जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
नेपाल में बारिश के बाद बिहार में कोसी का तांडव देखने को मिल रहा है. सुपौल में कोसी बराज से 3.16 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है. सहरसा में भी 2 लाख 62 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है.