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मुजफ्फरपुर जिले के मड़वन प्रखंड के रक्सा दक्षिणी के समीप तिरहुत नहर का तटबंध टूट गया है. तटबंध टूटने के कारण नहर का पानी तेजी से रक्सा गांव की तरफ बढ़ रहा है. इस घटना से रक्सा दक्षिणी और रक्सा डीह के बीच लोगों का आवागमन बाधित हो गया है. मामले की सूचना मिलते ही सैकड़ों लोग मौके पर पहुंचे और संबंधित अधिकारी को इसकी जानकारी दी गई, जिसके बाद प्रशासन की टीम बांध के मरम्मत कार्य में जुट गई है. स्थानीय निवासी चंदन कुमार ओझा ने बताया कि यह बांध एक साल में तीसरी बार टूटा है. अभी बांध टूटने के कारण खेतों में लगी फसलें बर्बाद हो जाएंगी. अगर जल्द ही इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो गांव में भी पानी पहुंच सकता है. फिलहाल प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद है.
लोगों के घरों में घुसा बाढ़ का पानी
वहीं, बगहा में इलाके में लगातार हो रही झमाझम बारिश के बीच गंडक और मसान समेत इलाके की नदियां उफान पर हैं. नदियों का जलस्तर बढ़ने से वाल्मीकिनगर और बगहा समेत रामनगर के निचले कई इलाकों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस गया है. आलम यह है कि नदी किनारे दर्जनों घरों में पानी प्रवेश करने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है. लगातार बारिश के कारण पश्चिमी चंपारण की नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. गंडक नदी के साथ मसान नदी भी उफान पर है.
गंडक बराज से छोड़ा गया पानी
वाल्मीकिनगर गंडक बराज ने खतरे की घंटी बजा दी है. गंडक बराज से 4 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. गंडक बराज से छोड़ा गया यह पानी देर शाम नौतन प्रखंड के निचले इलाकों में पहुंचने की संभावना है. जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और निचले इलाकों में मुनादी कर लोगों से ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है. नौतन प्रखंड की भगवानपुर पंचायत का वार्ड नंबर चार पूरी तरह से पानी से घिर गया है और गांव टापू में तब्दील हो गया है. गांव के लोग गांव छोड़कर पलायन करने की तैयारी कर रहे हैं.
ऊंचे स्थान पर जाने की तैयारी कर रहे लोग
भगवानपुर पंचायत का वार्ड नंबर चार पानी से घिर गया है और गांव में आने-जाने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा है. प्रशासन ने गांव वालों से ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है. गंडक बराज से पानी डिस्चार्ज होने के बाद गांव के लोग ऊंचे स्थान पर जाने की तैयारी कर रहे हैं. गांव में 250 घर और हजारों की आबादी है, जो गांव छोड़कर चंपारण तटबंध पर जाने की तैयारी में हैं. ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने देर शाम गांव छोड़ने की मुनादी तो कर दी है, लेकिन अभी तक राहत सामग्री नहीं भेजी है. चंपारण तटबंध पर शरण लेने के लिए टंबू बनाना है, जिसके लिए बांस-पल्ली की जरूरत है, जो प्रशासन ने अभी तक मुहैया नहीं कराई है.
सीतामढ़ी-शिवहर में बागमती नदी उफान पर
नेपाल के जलग्रहण वाले इलाके में लगातार हो रही बारिश की वजह से सीतामढ़ी और शिवहर से गुजरने वाली बागमती नदी पूरे उफान पर है. बागमती नदी कई जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. बाढ़ के खतरे को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल बना हुआ है, हालांकि जिला प्रशासन के अधिकारी और जल संसाधन विभाग लगातार नदियों के जलस्तर और तटबंधों की निगरानी कर रहे हैं.
-जी मीडिया रिपोर्ट