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रतलाम में कलेक्टर से शिकायत करने 22KM पैदल चले स्टूडेंट्स, बस में बैठाने रास्तेभर मनाते रहे अफसर

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में छात्रों में अपनी मांगों को लेकर काफी आक्रोश देखने को मिला. इसको लेकर 22 किमी तक पैदल चलकर कलेक्ट्रेट से मिलने पहुंचे थे.

रतलाम में कलेक्टर से शिकायत करने 22KM पैदल चले स्टूडेंट्स, बस में बैठाने रास्तेभर मनाते रहे अफसर
Image Credit: ZEE NEWS HINDI

रतलाम जिले के सैलाना में आदिवासी एकलव्य आवासीय स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों का गुस्सा इस कदर फूट पड़ा कि 22 किमी तक पैदल चलकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए. सबसे बड़ी बात तो यह रही कि अधिकारियों के समझाने के बावजदू छात्र अपनी जिद से पीछे नहीं हटे. आइए जानते हैं कि यह पूर मामला क्या है?

दरअसल, यह मामला सैलाना इलाके में बना आदिवासी एकलव्य आवासीय स्कूल से जुड़ा है. इस स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों की कई समस्याएं थी. इसको लेकर उन्होंने जिला कलेक्टर से मिलने की ठानी और करीब 22 किमी तक पैदल मार्च करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए.

छात्रों में दिखी काफी नाराजगी

छात्रों में नाराजगी इस कदर थी कि सैलाना के तहसीलदार, रतलाम तहसीलदार और जिला जनजातीय विभाग के अधिकारियों ने उन्हें खूब समझाने की कोशिश की, लेकिन बच्चों उनकी एक नहीं सुनी. इतना ही नहीं, अधिकारियों ने बच्चों के लिए बस की भी व्यवस्था की, लेकिन छात्र अपनी जिद पर अड़े रहे और पैदल मार्च रोकने के लिए तैयार नहीं हुए.

छात्रों के साथ पैदल चले अधिकारी

हालात ऐसे हो गए थे, कि छात्रों के पैदल मार्च के साथ-साथ अधिकारियों को भी पैदल चलना पड़ा. जब छात्र कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, तो वहां एक और समस्या खड़ी हो गई. क्योंकि सरकारी छुट्टी के चलते कलेक्टर कार्यालय बंद था. उसके बावजूद भी छात्र कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़े रहे.

छात्रों की क्या-क्या मांगे हैं ?

पैदल मार्च निकाल छात्रों ने बताया कि स्कूल में बहुत सारी समस्याएं हैं. आगे बताया कि हॉस्टल में बहुत सारे दरवाजे टूटे हुए हैं. बाथरूम में साफ सफाई नहीं हो रही है. छात्र ने मेस की साफ सफाई को लेकर कहा कि मेस में भी रेगुलर साफ सफाई नहीं होती है. इसके अलावा, छात्रों ने शिक्षकों की कमी को लेकर भी बात रखी.

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छात्रों का कहना है कि यहां पर शिक्षकों की भी समस्या है. आर्ट, कॉमर्स इकोनॉमिक्स समेत कई विषयों के टीचर नहीं है. इस मामले पर जब स्कूल के प्रिंसिपल नरेंद्र गंगवार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि छात्रों ने इन बातों को कभी नहीं बताया. उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को आज बताया है. हम इन मांगों पर बात करते हैं.

समाधान का दिया आश्वासन

मामला जब ज्यादा बढ़ गया तो जिला जनजातीय विभाग की अधिकारी प्रियंका राय ने छात्रों के साथ स्कूल और छात्रावास पहुंचीं. जहां पर उन्होंने इन समस्याओं के सामने से देखा, छात्रों को आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द इन समस्याओं का समाधान करा दिया जाएगा. वहीं प्रियंका राय ने बताया कि छोटी-छोटी समस्याएं हैं, उनको दूर करेंगे. साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल स्टाफ और बच्चों के साथ जो भी कम्युनिकेशन गैप है, उसे हम दूर कराकर समस्याओं का समाधान करेंगे.

शहडोल में भी ऐसा मामला

इससे पहले 10 अक्टूबर दिन शनिवार को शहडोल के गोहपारू कन्या छात्रावास में खाने और भवन से जुड़ी समस्याएं देखने को मिली थी. इसके चलते यहां की 32 छात्राएं तड़के सुबह तीन बजे पैदल कलेक्टर से मिलने निकल गई. करीब 16 किमी तक चलने के बाद अधिकारियों ने उन्हें समझाकर बस से वापस छात्रावास लेकर गए.

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Manish Kushawah

Manish Kushawah

मनीष कुशवाह डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल मीडिया में 5 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (MP-CG) की डिजिटल टीम में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं. मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति, क्राइम, कृषि व्यवस्था और ग्रामीण (हाइपरलोकल) सरोकारों से जुड़ी खबरों की गहराई से कवरेज करना उनकी एक्सपर्टीज है.नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन (NIMC) से पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद मनीष ने मीडिया जगत में अपना सफर शुरू किया. ज़ी न्यूज़ से पहले उन्होंने News18 Hindi (Local18), इंडिया न्यूज़ और जनता टीवी जैसे प्रमुख समाचार चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम किया है. इस दौरान उन्होंने न्यूज़ प्लानिंग, कंटेंट आइडिएशन और डेस्क मैनेजमेंट की अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं. वे खबरों की प्रामाणिकता और ग्राउंड रियलिटी को प्राथमिकता देते हैं, ताकि पाठकों तक सटीक और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे.मनीष कुशवाह से आप Manish2.Kumar@india.com पर ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, एक्स (ट्विटर) और फेसबुक के जरिए भी उनसे सीधा संवाद कर सकते हैं.
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