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Bihar Flood: बिहार में गंडक और बागमती समेत कई नदिया उफान पर है, जिसके कारण बाढ़ का संकट बढ़ता जा रहा है. मुजफ्फरपुर में नारायणी-गंडक के बढ़ते जलस्तर से रतनपुर डीही के पास तटबंध पर दबाव बढ़ने और कटाव की सूचना के बाद प्रशासन पूरी रात बचाव कार्य में जुटा रहा. वहीं कटरा, औराई और गायघाट के कई इलाकों में बागमती का पानी घरों में घुसने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है. पश्चिम चंपारण में भी चंपारण तटबंध कई जगह टूटने से दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज पश्चिम चंपारण के बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेकर राहत शिविरों और कटाव स्थलों का निरीक्षण करेंगे.
रातभर चला कटावरोधी अभियान
मुजफ्फरपुर से गुजरने वाली नारायणी गंडक नदी में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है. रतनपुर डीही के समीप बांध पर पानी के बढ़ते दबाव के कारण कटाव की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी कुमार गौरव, ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर, सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी समेत तमाम अधिकारी देर रात मौके पर पहुंच गए. बांध में हो रहे कटाव को रोकने के लिए सैकड़ों मजदूरों को लगाया गया है. खुद जिलाधिकारी कुमार गौरव ने मोर्चा संभालते हुए पूरी रात अपनी निगरानी में कटावरोधी कार्य करवाया. वहीं, अधिकारियों की टीम ने आसपास रहने वाले लोगों से ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की. दूसरी ओर, जिलाधिकारी ने सिटी एसपी के साथ रेवा घाट के संवेदनशील स्थलों का जायजा लिया और अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया.

नेपाल में बारिश से गंडक उफान पर
नेपाल के गंडक नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में विगत कई दिनों से हो रही बारिश के कारण गंडक नदी में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है. पानी की दबाव को देखते हुए जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर कुमार गौरव ने गंडक नदी के तटबंधों के संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया. जिलाधिकारी ने रतनपुर डीही एवं रेवा घाट पहुंचकर तटबंधों की स्थिति, नदी के जलस्तर और संवेदनशील बिंदुओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों से वर्तमान स्थिति की जानकारी ली. निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सरैया, पारू एवं साहेबगंज के अंचल अधिकारियों को सरकार द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुरूप राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है.
तीन प्रखंडों की दर्जनों पंचायतों में घुसा बाढ़ का पानी
वहीं दूसरी ओर औराई, कटरा और गायघाट प्रखंड क्षेत्र में बागमती नदी का कहर भी जारी है. नेपाल से आने वाली बागमती नदी खतरे के निशान से ऊपर बहते हुए तीन प्रखंडों की दर्जनों पंचायतों में पानी घुस गया है. कटरा प्रखंड की बर्री, बसघट्टा, कटरा और गंगिया पंचायतों के निचले इलाकों में बाढ़ का संकट गहरा गया है. हालात यह हैं कि लोग पानी के कारण जल कैदी बन गए हैं. नवादा गांव में महिलाएं बच्चों को लेकर पानी के बीच चौकी रखकर उस पर शरण लिए हुए हैं, तो कई लोग घरों में पानी घुसने के कारण छतों पर रात गुजार रहे हैं. एक महिला पानी के कारण अस्पताल नहीं पहुंच सकी और उसने घर पर ही बच्चे को जन्म दिया. लोगों के घरों के चूल्हे डूब चुके हैं और खाने के लिए परेशानी हो रही है.

चार दिन से बाढ़ में फंसे लोग
हालांकि, इलाके के कुछ स्थानीय युवाओं ने चंदा इकट्ठा कर बच्चों और बुजुर्गों के लिए सामुदायिक किचन की व्यवस्था की है. जहां बुजुर्ग और बच्चे भोजन कर रहे हैं. घरों में बागमती नदी का पानी घुसने के चार दिनों बाद भी लोग जल कैदी बने हुए हैं. लोगों का आरोप है कि प्रशासन की ओर से उन्हें पर्याप्त मदद नहीं मिल रही है, जिससे सरकार और स्थानीय प्रशासन के प्रति आक्रोश है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अंचलाधिकारी फोन तक नहीं उठाते हैं और क्षेत्र में आते भी हैं तो सड़क से ही घूमकर निकल जाते हैं. सरकार एक तरफ बाढ़ पीड़ितों को हर तरह की सहायता पहुंचाने का दावा कर रही है, लेकिन धरातल पर स्थिति अलग नजर आ रही है. बाढ़ पीड़ितों के सामने भोजन के साथ-साथ मवेशियों के चारे की भी समस्या खड़ी हो गई है.

पश्चिमी चंपारण में तटबंध टूटा
वहीं पश्चिमी चंपारण के योगापट्टी के गोलाघाट के पास चंपारण तटबंध टूटने से दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. करीब 80 फीट चौड़ा तटबंध टूट गया है. बताया जा रहा है कि 24 घंटे के अंदर पश्चिमी चंपारण में चार अलग-अलग जगहों पर चंपारण तटबंध टूट चुका है. तटबंध टूटने से जल संसाधन विभाग पर सवाल खड़े हो रहे हैं. दो महीने पूर्व जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन ने चंपारण तटबंध और रिंग बांध को पूरी तरह सुरक्षित बताते हुए लगातार निगरानी का दावा किया था. वहीं, नरकटियागंज के शेरहवा पिपरा गांव में कटाव का खतरा मंडरा रहा है. पहाड़ी हड़बोड़ा नदी का भीषण कटाव जारी है. पहाड़ी नदी कई एकड़ खेती योग्य जमीन काट चुकी है और नदी की धारा गांव की तरफ बढ़ने की आशंका है. हड़बोड़ा नदी के विकराल रूप को देखकर ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल है. ग्रामीण नदी किनारे पक्का बांध बनाने की मांग कर रहे हैं, ताकि सड़क और गांव को बचाया जा सके.

बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेंगे CM सम्राट चौधरी
वहीं, आज बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पश्चिमी चंपारण के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने पहुंच रहे हैं. बैरिया प्रखंड के राजकीय उच्च विद्यालय में मुख्यमंत्री राहत शिविर का जायजा लेंगे और बाढ़ प्रभावित पीड़ितों से मुलाकात करेंगे. इसके बाद कटाव स्थल का निरीक्षण करेंगे. बेतिया डीएम तरनजोत सिंह ने बताया कि पश्चिमी चंपारण में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है और बांध टूट गया है. मुख्यमंत्री बथना हाई स्कूल में बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण करेंगे, बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनेंगे और फिर हवाई मार्ग से बगहा-वाल्मीकिनगर का भी सर्वे करेंगे.
रिपोर्ट: मणितोष कुमार (मुजफ्फरपुर), धनंजय द्विवेदी (बेतिया)