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Munger floods: गंगा नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच मुंगेर जिले के दियारा और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी लगातार नए क्षेत्रों में फैल रहा है. गंगा के जलस्तर में गिरावट के बावजूद कई गांवों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है. कई संपर्क मार्गों के जलमग्न होने से आवागमन प्रभावित है और ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. वहीं, सदर प्रखंड की कुतलुपुर पंचायत के वार्ड संख्या तीन स्थित हरि बाबू टोला में गंगा का कटाव जारी रहने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. कटाव को देखते हुए जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर के निर्देश पर संवेदनशील स्थलों पर कटावरोधी कार्य शुरू कराया गया है.
इधर, बरियारपुर प्रखंड के दियारा क्षेत्र में बिचली पुल के समीप बना डायवर्सन बाढ़ के पानी में डूब गया है. इससे लोगों का आवागमन बाधित हो गया है. ग्रामीणों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन की ओर से निःशुल्क सरकारी नाव उपलब्ध कराई गई है. वहीं, गंगा पार जाफरनगर पंचायत के सीताचरण गांव में भी बाढ़ का पानी फैलने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है. लोगों के आवागमन के लिए प्रशासन ने दो बड़ी सरकारी नावों की व्यवस्था की है.
जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर ने बताया कि गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण कई क्षेत्रों में पानी फैल गया है, जिससे कुछ पंचायतों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. आवश्यकता वाले सभी क्षेत्रों में नाव की व्यवस्था की जा रही है. कुतलुपुर पंचायत के वार्ड संख्या तीन में कटाव को देखते हुए कटावरोधी कार्य शुरू कराया गया है. उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पहले से ही आवश्यक तैयारियां कर रखी हैं. जिन गांवों में ग्रामीणों को परेशानी हो रही है, वहां पदाधिकारियों को भेजकर समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जा रहा है.
सीताचरण गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण पानी गांव तक पहुंच गया है. इससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. बाढ़ के पानी से खेतों में लगी फसलें डूबकर बर्बाद हो गई हैं. प्रशासन की ओर से दो सरकारी नाव उपलब्ध कराए जाने से ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिल रही है और वे इन नावों का निःशुल्क उपयोग कर रहे हैं. इधर, गंगा का जलस्तर चेतावनी स्तर से करीब 25 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है और जलस्तर में अब भी वृद्धि दर्ज की जा रही है.
रिपोर्ट: प्रशांत कुमार