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बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की 8 सीटों के लिए 23 अक्टूबर को पड़े वोटों की गिनती मंगलवार सुबह 8 बजे से शुरू होगी. चुनाव आयोग ने इसके लिए राज्य के 6 जिला मुख्यालयों में कुल 8 काउंटिंग सेंटर बनाए हैं। काउंटिंग को निष्पक्ष और बिना किसी गड़बड़ी के पूरा कराने के लिए चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
चुनाव आयोग के अनुसार, पटना, मुजफ्फरपुर और दरभंगा में स्नातक और शिक्षक क्षेत्रों के लिए अलग-अलग काउंटिंग सेंटर बनाए गए हैं. पटना के बांकीपुर स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल की साइंस बिल्डिंग को काउंटिंग सेंटर बनाया गया है. यहीं पर शिक्षक और स्नातक दोनों निर्वाचन क्षेत्रों की गिनती होगी. अन्य जिले के प्रमंडलीय मुख्यालयों में बनाए गए काउंटिंग सेंटर पर कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती होगी.
विधान परिषद चुनाव में जीत का फैसला वरीयता मतों के आधार पर होता है. सबसे पहले प्रथम वरीयता के वोटों की गिनती की जाएगी. अगर पहली वरीयता में किसी उम्मीदवार को तय कोटा हासिल नहीं होता है, तो द्वितीय वरीयता के वोटों को गिना जाएगा, जब तक जीत-हार का फैसला नहीं हो जाता, तब तक यही प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
बता दें कि पटना समेत स्नातक की 4 सीटों पर 23 अक्टूबर को वोट डाले गए थे. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कोसी सीट पर सबसे अधिक 52.51 फीसदी वोट पड़े थे. पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सबसे कम 36.19 फीसदी वोट पड़े थे. तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 42.15 प्रतिशत और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 42 फीसदी वोट पड़े थे.
वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र सारण सीट पर सबसे अधिक 87.16 प्रतिशत, दरभंगा में 79 प्रतिशत और तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 78.10 प्रतिशत वोट पड़े थे. पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 56.89 मतदान का प्रतिशत रहा था. मंगलवार देर रात तक सभी 8 सीटों के नतीजे साफ हो जाएंगे. चुनाव मैदान में उतरे कुल 150 उम्मीदवारों, जिसमें स्नातक कोटे से 90 और शिक्षक कोटे से 60 प्रत्याशी शामिल हैं.
ध्यान दीजिएगा कि इस बार के एमएलसी चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा पटना स्नातक सीट को लेकर है. इस सीट पर जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार का मोकामा विधायक अनंत सिंह ने खुलकर विरोध किया. उन्होंने जन सुराज के प्रत्याशी अनुज कुमार का सपोर्ट किया. ऐसा करने पर जदयू ने अनंत सिंह पर सख्त एक्शन लिया और 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया. साथ ही उनकी पत्नी नीलम देवी को भी पार्टी से निकाल दिया.