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सारण जिले के पानापुर थाना क्षेत्र के भगवानपुर सरौजा में तटबंध टूटने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा. तटबंध टूटने की सूचना मिलने के बाद स्थिति का जायजा लेने पहुंचे जल संसाधन विभाग के SDO और जूनियर इंजीनियर (JE) को आक्रोशित ग्रामीणों ने घेर लिया. इस दौरान ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई. ग्रामीणों का आरोप था कि तटबंध के निर्माण और मरम्मत कार्य में लापरवाही बरती गई तथा घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण तटबंध टूट गया और बाढ़ का पानी आसपास के इलाकों में फैल गया. ग्रामीणों ने अधिकारियों से मौके पर ही जवाब मांगते हुए जमकर विरोध किया.
SDO-JE का झेलना पड़ा भारी विरोध
कहा जा रहा है कि विरोध के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि आक्रोशित ग्रामीणों ने SDO और JE को पानी में फेंकने की भी कोशिश की. मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा. ग्रामीणों और जेई के बीच हुई बहस और धक्का-मुक्की का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
मामले में अब तक प्रशासन या पुलिस के समक्ष कोई लिखित शिकायत दर्ज होने की जानकारी नहीं है. वहीं, घटना को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि अगर तटबंध की समय रहते सही तरीके से मरम्मत और निगरानी की गई होती तो आज बड़ी आबादी को बाढ़ की परेशानी नहीं झेलनी पड़ती.
ग्रामीणों के आरोपों की होगी जांच
उन्होंने आरोप लगाया कि कटावरोधी कार्यों में घोर लापरवाही बरती गई. कई स्थानों पर केवल बालू भरी बोरियां रखकर काम पूरा कर दिया गया. वहीं, अधिकारियों के साथ ग्रामीणों के इस टकराव ने तटबंध निर्माण और उसकी गुणवत्ता की निगरानी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
हालांकि, अधिकारियों को पानी में फेंकने की कोशिश और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. बता दें कि बांध टूटते ही पानी तेज गति से आसपास के निचले इलाकों की ओर फैलने लगा.
रिपोर्ट- राकेश कुमार