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नेपाल में हो रही मूसलधार बारिश की वजह से बिहार से बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है. गंगा, गंडक और कोसी समेत तमाम नदियों का जलस्तर एक बार फिर से बढ़ने लगा है. भागलपुर में गंगा एक बार फिर उफान पर है और खतरे के निशान से ऊपर से बह रही है. यहां गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 33.68 मी को पार करके 33.72 मीटर पर बह रही है. जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी होने से निचले इलाके फिर से जलमग्न हो गए हैं. नाथनगर के शंकरपुर, दिलदारपुर, बिंद टोली, दरियापुर समेत कई गांवों में पानी एक बार फिर से पहुंच गया है. यहां लोग जुलाई में ही जलस्तर बढ़ने से पलायन करके ऊंचे स्थानों पर चले गए थे.
गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी
राजधानी पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ोतरी हो रही है. गांधी घाट और हाथीदह में गंगा का पानी लाल निशान से करीब एक मीटर ऊपर पहुंच गया है. दीघा घाट में जलस्तर लाल निशान से 23 सेंटीमीटर ऊपर है, जबकि मनेर में गंगा का जलस्तर लाल निशान के बराबर पहुंच गया है. बता दें कि गांधी घाट में लाल निशान 48.60 मीटर, हाथीदह में 41.76 मीटर, दीघा घाट में 50.45 मीटर और मनेर में 52.00 मीटर है. इसी तरह से बेगूसराय में भी गंगा ने एक बार फिर से रौद्र रूप धारण कर रखा है. यहां गंगा के जलस्तर में पिछले तीन दिनों से लगातार तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसके कारण मटिहानी विधानसभा क्षेत्र के खोरमपुर गंगा घाट से सटे गांव में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है.
बेगूसराय में फिर पलायन को मजबूर हुए लोग
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है और पानी तेजी से गांव की ओर बढ़ रहा है. ऐसे में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 15 दिन पहले भी इस इलाके में भीषण बाढ़ आई थी. बाढ़ के कारण लोगों को अपना घर छोड़कर लंबे समय तक दूसरे स्थानों पर रहने के लिए मजबूर होना पड़ा था. अभी लोग उस बाढ़ की तबाही से पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे कि एक बार फिर गंगा के बढ़ते जलस्तर ने उनकी चिंता बढ़ा दी है.
गंगा के अलावा गंडक नदी भी उफान पर
लोगों ने बताया कि गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि हर साल बाढ़ की स्थिति पैदा होती है, लेकिन इससे निपटने के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें बार-बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से बाढ़ से बचाव के लिए स्थायी समाधान और आवश्यक इंतजाम करने की मांग की है. वहीं, नेपाल में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण गंडक नदी भी उफान पर है. वाल्मीकिनगर समेत अन्य बैराजों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद गंडक और दूसरी नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है. इससे नदी किनारे और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.
गंडक नदी से बिहार में आई जलप्रलय!- NASA
गंडक नदी में आई बाढ़ से प्रदेश के पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सारण, गोपालगंज, वैशाली और मुजफ्फरपुर जिलों में जमकर तबाही मचाई है. प्रदेश की इस आपदा को लेकर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कुछ तस्वीरें जारी की हैं, जिसमें बाढ़ की भयावहता साफ देखने को मिल रही है. नासा ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि 24 से 27 सितंबर के बीच नेपाल में हुई भारी बारिश से गंडक नदी में भारी मात्रा में पानी पहुंचा, जिसने बिहार के बड़े हिस्से को डुबो दिया. नासा की रिपोर्ट को बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी स्वीकार किया है. डिप्टी सीएम ने कहा कि गंडक नदी के जलस्तर में हुई अभूतपूर्व बढ़ोतरी से बिहार को काफी नुकसान पहुंचा है.