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सारण में गंडक में आई बाढ़ से हालात काफी गंभीर हो रखे हैं. जिले के लाखों लोग इस बाढ़ की चपेट में है. लोगों के पास ना रहने को घर है और ना खाने-पीने की चीजें. ऐसे में वह पूरी तरह से सरकारी राहत सामग्री पर निर्भर हैं. इस बीच छपरा के एक दारोगा का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह बाढ़ पीड़ितों पर पिस्टल ताने हुए नजर आ रहे हैं. वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि मकेर थानाध्यक्ष संग्राम सिंह ने राहत सामग्री वितरण के दौरान बाढ़ पीड़ितों पर अपनी सर्विस रिवॉल्वर ताने दी थी. अब एसएसपी रोशन कुमार ने थानाध्यक्ष संग्राम सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.
एसएसपी ने आरोपी SI को निलंबित किया
एसएसपी रोशन कुमार ने इस मामले को लेकर दूरभाष पर जानकारी ली गई. उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी द्वारा पूरे प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित की गई है. एसएसपी ने कहा कि जांच टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. वहीं, वायरल वीडियो को लेकर कहा जा रहा है कि राहत सामग्री वितरण के दौरान बाढ़ पीड़ितों की भीड़ बेकाबू हो रही थी, इससे थानाध्यक्ष संग्राम सिंह को गुस्सा आ गया. कहा जा रहा है कि उन्होंने पहले भीड़ को जूता दिखाया और फिर अपनी पिस्तौल तान दी. अब उन पर कार्रवाई करके पुलिस की छवि सुधारने की कोशिश की गई है.
पत्रकार पर हमले का वीडियो वायरल
उधर, शासन-प्रशासन की अनदेखी को लेकर बाढ़ प्रभावितों का गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है. लोग अपना गुस्सा सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर उतार रहे हैं. अब पत्रकार भी इसकी जद में आ गए हैं. सारण के मकेर में बाढ़ प्रभावित इलाकों की खबर जुटाने पहुंचे एक पत्रकार पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया. कुछ लोगों ने पत्रकार की गाड़ी को रोक लिया और उसके साथ गाली-गलौज करने लगे. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया सामने आ रही है. सोशल मीडिया पर लोग इन घटनाओं का विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि अगर जनप्रतिनिधि बाढ़ पीड़ितों के बीच नहीं जाएंगे तो उनकी समस्याएं कौन सुनेगा? अगर पत्रकार वहां नहीं जाएंगे तो उनकी आवाज कौन उठाएगा?
मकेर-परसा में अब भी हालत खराब
सारण जिले में बाढ़ से प्रभावित छह प्रखंडों में चार प्रखंडों में अब बाढ़ की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है, लेकिन मकेर और परसा इलाके में बाढ़ का संकट अभी भी गंभीर बना हुआ है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में जिला प्रशासन की ओर से सामुदायिक किचन, स्वास्थ्य शिविर और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से राहत एवं सहायता पहुंचाने का काम जारी है. वहीं, टूटे हुए बांधों की मरम्मत और संवेदनशील तटबंधों की लगातार निगरानी को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में है. पानापुर प्रखंड के भगवानपुर सरौजा में टूटे सारण बांध की निगरानी के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है. यहां डीएसपी स्तर के पुलिस पदाधिकारी के साथ मशरक के अंचलाधिकारी राहुल कुमार भी बांध पर लगातार गश्त करते नजर आए. प्रशासन की कोशिश है कि तटबंधों की सतत निगरानी के साथ क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत जल्द से जल्द पूरी कर ली जाए. भगवानपुर सरौजा में सारण बांध की मरम्मत का काम युद्धस्तर पर जारी है.
रिपोर्ट- राकेश सिंह