असम के गोगामुख में विशाल मेगा मार्ट की भर्ती के लिए जुटी बड़ी संख्या में युवाओं की तस्वीरों और वीडियो ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है. हाथों में CV और नौकरी की उम्मीद लिए उम्मीदवार घंटों इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं. वायरल वीडियो में भीड़ इतनी ज्यादा नजर आ रही है कि लोगों का ध्यान देश में नौकरी की तलाश और एंट्री लेवल रोजगार के लिए बढ़ते कंपटिशन पर चला गया.
फिल्म देखने के लिए टिकट खरीदकर थिएटर पहुंचे एक शख्स को पर्दे पर फिल्म की जगह करीब 22 मिनट तक कमर्शियल विज्ञापन और ट्रेलर देखने पड़े. मामला हैदराबाद का है, जहां कुबेरा फिल्म देखने पहुंचे 33 साल के दर्शक ने इस देरी को लेकर कंज्यूमर कमीशन का दरवाजा खटखटाया. अब आयोग ने थिएटर कंपनी पर कुल 75 हजार रुपये का जुर्माना तय किया है.
इंडोनेशिया के पापुआ के घने जंगलों में कोरोवाई जनजाति का जीवन बाकी दुनिया से काफी अलग है. इस समुदाय के कुछ लोग आज भी जमीन से कई मीटर ऊपर पेड़ों पर घर बनाकर रहते हैं. लकड़ी, बेंत और पत्तों से बने इन घरों में पूरा परिवार रहता है. जंगल ही इनके लिए घर, बाजार और खाने का सबसे बड़ा जरिया है. शिकार, फल, कंद-मूल और दूसरे प्राकृतिक संसाधनों से इनका जीवन चलता है.
चीन घूमने गए भारतीय ट्रैवलर श्रीधर मिश्र ने वहां के एक रेस्टोरेंट का ऐसा अनुभव शेयर किया, जिसने उन्हें हैरान कर दिया. उन्होंने बताया कि वेजिटेरियन होने की वजह से उन्होंने नूडल से चिकन हटवा दिया. जब दुकानदार को लगा कि ग्राहक सादे नूडल के लिए ज्यादा पैसे दे रहा है, तो उसने पैसे लेने से मना कर दिया और इसे अपनी तरफ से कॉम्प्लिमेंट्री बता दिया.
जापान में रहने वाली एक भारतीय महिला के साथ बारिश में साइकिल चलाते वक्त छोटा सा हादसा हुआ. कंधे पर चोट लगी और साइकिल का हैंडल भी टेढ़ा हो गया. मरम्मत कराने पहुंची तो वह पैसे देने के लिए तैयार थी, क्योंकि जापान में छोटी सर्विस भी महंगी पड़ सकती है. लेकिन दुकानदार ने पहले साइकिल नहीं, उसकी चोट देखी और बिना कोई पैसा लिए हैंडल ठीक कर दिया.
आगरा का ताजमहल पहली बार सामने देखना किसी भी पर्यटक के लिए कितना खास पल हो सकता है. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में विदेशी महिला पर्यटक के चेहरे पर भी कुछ ऐसा ही रिएक्शन देखने को मिला. मेन गेट से आगे बढ़ते ही जैसे उसकी नजर सफेद संगमरमर की इस खूबसूरत इमारत पर पड़ी, वह कुछ पल के लिए ठिठक गई. उसकी हैरानी और खुशी कैमरे में कैद हो गई.
सोशल मीडिया पर एक NRI महिला का वीडियो वायरल है, जिसमें वह अमेरिका में मशीन से पत्तियां साफ करने वाले कर्मचारियों की कमाई बता रही है. पतझड़ में गिरे पत्तों को लीफ ब्लोअर से साफ करने के इस काम के लिए कर्मचारियों को औसतन 15 से 22 डॉलर प्रति घंटा, यानी करीब ₹1,300 से ₹1,900 तक मिलते हैं.
अमेरिका में अच्छी सैलरी वाली नौकरी मिल जाए तो जिंदगी आसान लग सकती है, लेकिन वहां पैसा बचाना उतना आसान नहीं होता. किराया, टैक्स, कार, इंश्योरेंस और रोजमर्रा के खर्च हर महीने कमाई का बड़ा हिस्सा ले जाते हैं. ऐसे माहौल में H-1B वीजा पर काम कर रहे भारतीय प्रितेश जगानी ने अपनी फाइनेंशियल जर्नी शेयर की है. उन्होंने बताया कि उसने करोड़पति बनने तक के सफर को कैसे पूरा किया.
भारत घूमने आई कनाडा की एक महिला को एक ऑटो ड्राइवर की छोटी सी ईमानदारी और दरियादिली इतनी पसंद आई कि एक साल बाद भी वह उसे भूल नहीं पाई. महिला ने अब उस मुलाकात का पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है और लोगों से ड्राइवर को ढूंढने में मदद मांगी है. उसने बताया कि ड्राइवर ने किराया लेने से मना कर दिया था, जिसके बाद उसने अपनी तरफ से उसे 2 हजार रुपये दिए थे.
जापान की पहचान आमतौर पर चमचमाते शहरों, हाईटेक मशीनों और तेज रफ्तार जिंदगी से होती है. लेकिन टोक्यो से कुछ दूर बसे जापान के गांवों की दुनिया बिल्कुल अलग है. इंडियन यूट्यूबर माधुरी मिश्रा जब ओकुतामा पहुंचीं तो उन्हें पहाड़, शांत गलियां, साफ-सफाई और खाली पड़े पुराने घरों ने काफी प्रभावित किया. गांव घूमने के बाद उन्होंने ओकुतामा लेक की कहानी बताई.
अफगानिस्तान घूमकर लौटी भारतीय ट्रैवलर अंकिता कुमार ने वहां का अपना अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया है. वीडियो में वह भावुक होकर रोती नजर आईं. उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान को बाहर से सिर्फ युद्ध, हथियार और पाबंदियों की नजर से देखना आसान है, लेकिन वहां जाकर लोगों से मिलने के बाद तस्वीर कहीं ज्यादा उलझी और मानवीय नजर आती है. इस सफर ने उनकी पूरी सोच बदल दी.
सोशल मीडिया पर महंगी जिंदगी दिखाना तमिलनाडु की एक इन्फ्लुएंसर को भारी पड़ गया. कन्याकुमारी की मधुमिता के वीडियो में घर के सोने के गहने, कैश और परिवार की खरीदारी से लेकर घूमने-फिरने तक की झलक दिखती थी. पुलिस के मुताबिक, इन्हीं पोस्ट से चोरों को घर की जानकारी मिली होगी. परिवार के बाहर जाते ही घर में सेंध लगी और करीब एक करोड़ रुपये के गहने व सामान चोरी हो गए.
बेंगलुरु में रहने वाली 5 साल की ऐनी मिश्रा जन्म से देख नहीं सकती, लेकिन उसकी जिंदगी में अंधेरा नहीं है. कभी लोगों ने उसकी मां से इसे पिछले जन्म के कर्मों का फल बताया, तो कभी स्कूलों ने एडमिशन देने से मना कर दिया. 15 स्कूलों से निराशा मिलने के बाद भी मां लोपामुद्रा ने हार नहीं मानी. आज ऐनी ब्रेल पढ़ती है, साइकिल चलाती है, कराटे सीखती है और सफेद छड़ी के सहारे आत्मनिर्भर बनने की राह पर आगे बढ़ रही है.
यूरोप में रहने वाले NRI कुणाल दत्त ने पोलैंड की एक ऐसी खूबसूरत जगह का वीडियो शेयर किया है, जहां करीब 20 लाख रुपये में जमीन मिल सकती है, लेकिन उस पर बनाया घर आपका परमानेंट ठिकाना नहीं बन सकता. यहां सिर्फ समर हाउस या वीकेंड हाउस के तौर पर कॉटेज इस्तेमाल करने की इजाजत है. वीडियो में कुणाल ने इस इलाके के नियम, खूबसूरती और अपनी गर्लफ्रेंड के परिवार की बनाई कॉटेज की कहानी भी बताई है.
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में रह रहे भारतीय शख्स दिव्यज गौतम ने विदेश में अपनी कमाई और खर्च का पूरा हिसाब सोशल मीडिया पर शेयर किया है. उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद इंडियन ग्रॉसरी स्टोर में काम करने से लेकर अपनी कंसल्टिंग प्रैक्टिस शुरू करने तक उनकी कमाई कैसे बदली. एक समय उनकी औसत कमाई 10 हजार डॉलर महीना पहुंच गई, लेकिन अब वह सेविंग्स के साथ भारत लौटने की तैयारी कर रहे हैं.
अहमदाबाद के 81 साल के ENT सर्जन डॉ. नंदलाल मनसेटा ने इलाज और फीस को लेकर ऐसा तरीका अपनाया है, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर हो रही है. उनके क्लिनिक में मरीज की कमाई के हिसाब से फीस तय होती है. महीने में 1,000 रुपये कमाने वाला सिर्फ 10 रुपये देता है, जबकि 1 लाख रुपये कमाने वाले की फीस 1,000 रुपये है. जिसकी कमाई शून्य है, उससे कोई फीस नहीं ली जाती.
दिल्ली-मुंबई जैसे बड़े शहरों में ट्रैफिक के साथ हॉर्न की आवाज भी रोज की जिंदगी का हिस्सा है. लेकिन मिजोरम की राजधानी आइजोल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बिल्कुल अलग तस्वीर दिखा रहा है. एक ट्रैवल व्लॉगर बिजी चौराहे पर खड़ी हुई और कुछ देर के लिए बोलना बंद कर दिया. पीछे लगातार गाड़ियां गुजरती रहीं, लेकिन बेवजह हॉर्न की आवाज सुनाई नहीं दी.
UAE के रास अल खैमाह में मौजूद एक आलीशान महल करीब 30 साल से खाली पड़ा रहा. 35 बेडरूम, हजारों वर्गफीट का एरिया और दुनिया के अलग-अलग देशों के कारीगरों से सजी इसकी खूबसूरत दीवारें आज भी इसे खास बनाती हैं. लेकिन लंबे समय तक वीरान रहने के कारण इसके साथ अजीब आवाजों और अपने आप जलती-बुझती लाइटों की कहानियां जुड़ गईं. अब यही चर्चित महल करीब 52 करोड़ रुपये में बिक्री के लिए तैयार है.
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी से भारत घूमने आई डिजिटल कंटेंट क्रिएटर तारा चंद्रा ने चेन्नई में बिताए एक दिन का पूरा हिसाब-किताब अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है. दो टूरिस्ट्स ने एक दिन में होटल के बाहर घूमने, टैक्सी, ऑटो, म्यूजियम, लंच, डिनर और स्ट्रीट फूड समेत कुल 6,865 रुपये खर्च किए. तारा के मुताबिक, भारत में घूमते समय उनका सबसे बड़ा खर्च टैक्सी और खाने पर हुआ.
ताइवान में घरों की बढ़ती कीमतों ने कुछ लोगों को ऐसे मकानों की तरफ जाने पर मजबूर कर दिया है, जिनसे जुड़ी कहानियां सुनकर आम खरीदार शायद वहां कदम भी न रखे. इन घरों में पहले किसी की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो चुकी होती है. इन्हें ताइवान में श्योंग झाई कहा जाता है. इस इतिहास के कारण ऐसे घर कई बार मार्केट कीमत से काफी कम में बिकते हैं, लेकिन ताइवान में इन्हें खरीदना आसान नहीं होता.
क्या प्यार के लिए सामने किसी इंसान का होना जरूरी है? साउथ कोरिया के एक नए रियलिटी शो ने इस सवाल को बिल्कुल नए तरीके से सामने ला दिया है. शो में असली इंसान डेट पर जाते हैं, लेकिन उनके पार्टनर कोई इंसान नहीं बल्कि AI हैं, जो टैबलेट की स्क्रीन पर मौजूद रहते हैं. आवाज से लेकर लुक और पसंद तक सब कुछ कस्टमाइज है. शो के वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हैं.
डेनमार्क में एक शख्स अपने घर के बाहर नई टाइल्स लगाने के लिए जमीन तैयार कर रहा था. उसे क्या पता था कि घास, पत्थर और बजरी हटाते-हटाते उसके हाथ करीब 1000 साल पुराने ऐसे खजाने तक पहुंच जाएंगे, जो पूरे देश में अपनी तरह का सबसे बड़ा वाइकिंग सिल्वर होर्ड निकलेगा. जमीन के नीचे से करीब 700 चांदी की चीजें और टुकड़े मिले, जिनका कुल वजन लगभग 18.5 किलो है.