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किसी सफर में मिलने वाले लोग अक्सर कुछ मिनट बाद ही यादों से गायब हो जाते हैं. लेकिन कभी-कभी किसी अनजान इंसान का छोटा सा व्यवहार इतना दिल छू जाता है कि सालों बाद भी उसका चेहरा याद रहता है. कनाडा की रहने वाली तारा इंग्राम के साथ भारत यात्रा के दौरान कुछ ऐसा ही हुआ.
भारत घूमते समय तारा एक ऑटो रिक्शा में बैठी थीं. सफर पूरा होने के बाद जब पैसे देने की बारी आई तो उनके पास खुले पैसे नहीं थे. उन्हें शायद अंदाजा भी नहीं था कि कुछ मिनट की यह बातचीत आगे चलकर उनके लिए इतनी खास याद बन जाएगी.
तारा ने सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में उस पुराने पल को याद किया है. वीडियो में वह ऑटो ड्राइवर से कहती दिखाई देती हैं कि उनके पास खुले पैसे नहीं हैं. ड्राइवर ने बिना ज्यादा सवाल किए उन्हें परेशान न होने के लिए कहा. जब तारा ने दोबारा पूछा कि क्या वह सच में पैसे नहीं लेंगे, तो ड्राइवर ने सहज अंदाज में कहा कि हां, कोई बात नहीं. यही बात तारा के दिल को छू गई. उनके लिए यह सिर्फ किराया माफ करने की बात नहीं थी. उन्हें लगा कि एक अनजान शहर में एक अनजान व्यक्ति ने उनके साथ बिना किसी लालच के अच्छा व्यवहार किया है.
ड्राइवर की इस बात से प्रभावित होकर तारा ने उसे कुछ देने का फैसला किया. उन्होंने अपने साथ मौजूद गार्ड से कहा कि वह ड्राइवर को समझाएं कि वह उसकी मदद और अच्छे व्यवहार के लिए उसे एक छोटा सा तोहफा देना चाहती हैं. इसके बाद तारा ने ऑटो ड्राइवर को 2 हजार रुपये दिए. ड्राइवर के लिए शायद यह उम्मीद से बिल्कुल अलग पल था. वीडियो में उसके चेहरे पर अचानक आई खुशी साफ नजर आती है. तारा ने उससे पूछा कि क्या यह रकम उसके लिए मददगार होगी. ड्राइवर ने उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा कि हां मैम, यह उनके लिए मददगार है.
इस छोटी सी मुलाकात के दौरान तारा की ऑटो ड्राइवर से बातचीत भी हुई. इसी दौरान उन्हें पता चला कि ड्राइवर के चार बच्चे हैं. इनमें एक बेटा और तीन बेटियां हैं. तारा के लिए यह जानकारी भी शायद उस पल को और खास बना गई. वह भारत में एक टूरिस्ट के तौर पर आई थीं और सामने वाला शख्स रोज की मेहनत से अपने परिवार का गुजारा चलाता था. दोनों की जिंदगी और दुनिया अलग थी, लेकिन कुछ मिनट की इस मुलाकात में इंसानियत और अपनापन ऐसा दिखा कि वह पल तारा के लिए हमेशा के लिए यादगार बन गया.
भारत यात्रा खत्म हो गई और तारा अपने देश कनाडा लौट गईं. जिंदगी आगे बढ़ती रही, लेकिन उस ऑटो ड्राइवर की याद उनके मन में कहीं बनी रही. करीब एक साल बाद उन्होंने उसी पुराने वीडियो को फिर से सोशल मीडिया पर शेयर किया. इसके साथ उन्होंने बताया कि वह आज भी सोचती हैं कि आखिर वह ड्राइवर अब कहां होगा और कैसा होगा. तारा ने कहा कि वह उससे एक बार फिर मिलना चाहती हैं. यही वजह है कि उन्होंने अब लोगों से उसकी पहचान पता लगाने में मदद करने की अपील की है.
तारा ने लोगों से कहा कि अगर कोई उस ऑटो ड्राइवर को पहचानता है या किसी ऐसे व्यक्ति को जानता है जो उसे पहचान सकता है, तो वह उनसे संपर्क करे. उन्होंने लोगों से वीडियो शेयर करने की भी अपील की है, ताकि यह सही व्यक्ति तक पहुंच सके. उनकी कोशिश सिर्फ किसी पुराने परिचित को ढूंढने की नहीं है. वह उस इंसान से दोबारा मिलना चाहती हैं, जिसकी कुछ मिनट की ईमानदारी ने उनके भारत सफर की एक खूबसूरत याद बना दी.
तारा की पोस्ट सामने आने के बाद लोगों ने इस कहानी को काफी पसंद किया. कई यूजर्स के लिए यह वीडियो भारत में एक विदेशी टूरिस्ट और ऑटो ड्राइवर की मुलाकात से कहीं ज्यादा है. लोगों ने कहा कि सफर में मिलने वाले हर इंसान की कहानी याद नहीं रहती, लेकिन कुछ लोगों का व्यवहार हमेशा साथ रह जाता है. तारा का एक साल बाद भी उस ड्राइवर को याद करना इसी बात की मिसाल है. कई लोगों ने उम्मीद जताई कि वीडियो जल्द उस ऑटो ड्राइवर तक पहुंचेगा और तारा की दोबारा उससे मुलाकात हो पाएगी.
देखा जाए तो तारा ने ड्राइवर को 2 हजार रुपये दिए थे, लेकिन इस कहानी की असली कीमत उस रकम में नहीं है. असली बात उस भरोसे की है, जो एक अनजान देश में एक छोटी सी मुलाकात ने पैदा किया. ड्राइवर ने शायद उस दिन अपने लिए कुछ बड़ा नहीं किया था. उसने बस किराया लेने से मना किया और एक यात्री के साथ अच्छा व्यवहार किया. लेकिन तारा के लिए वही छोटा सा व्यवहार इतना खास बन गया कि एक साल बाद भी वह उसे ढूंढ रही हैं.
भारत घूमने आई तारा और उस ऑटो ड्राइवर के बीच कोई पुराना रिश्ता नहीं था. न दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे और न ही मुलाकात के बाद संपर्क बना रहा. फिर भी कुछ मिनट की बातचीत ने ऐसी याद छोड़ दी, जो एक साल बाद भी ताजा है. अब तारा सोशल मीडिया के जरिए उस ड्राइवर को ढूंढ रही हैं. अगर उनका वीडियो सही व्यक्ति तक पहुंचता है, तो शायद यह सफर एक बार फिर वहीं से शुरू होगा, जहां एक ऑटो की सवारी खत्म हुई थी. फर्क बस इतना होगा कि इस बार तारा के पास किराया देने के लिए नहीं, बल्कि उस इंसान को धन्यवाद कहने के लिए शब्द होंगे.