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छत्तीसगढ़ के बिलासपुर केंद्रीय जेल में बंद एक कैदी कन्हैया सोनी की मौत मामले में जांच और तेज हो गई है. सालभर बाद पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई है. इस मामले में सामने आई न्यायिक जांच रिपोर्ट ने बंदी की मौत पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक, मस्तूरी थाना इलाके के मल्हार चौकी के अंतर्गत ग्राम बिनैका के रहने वाले 20 साल के कन्हैया सोनी को एक आपराधिक मामले में 19 मार्च 2025 को न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल में भेजा गया था.
इसके करीब दो महीने बाद 18-19 मई की दरमियानी रात को उसकी तबीयत बिगड़ गई. जिसे इलाज के लिए सिम्मस अस्पताल ले जाया गया, जहां पर उसकी मौत हो गई. बंदी की मौत के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट को मामले की जांच सौंपी गई थी, जिसकी रिपोर्ट 16 फरवरी 2026 को पेश की गई.
जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि पेट में बाहरी चोट और आंतरिक अंगों की पैथोलॉजिकल स्थिति से जुड़ी समस्याओं के कारण ब्रेन हेमरेज होने की बात सामने आई है. वहीं, मृतक के परिजनों ने न्याजिक जांच के दौरान बताया कि वे मौत से कुछ दिन पहले जेल में कन्हैया से मिलने गए थे, तब उसकी तबीयत बिल्कुल ठीक थी.
परिजनों ने बताया कि, सिम्म अस्पताल के मरचुरी में रखे शव को देखने के दौरान शरीर के कुछ हिस्सों पर काले निशान दिखाई दिए थे. मृतक के पिता नारायण सोनी ने यह भी आरोप लगाया कि बेटे की मौत के संबंध में जानकारी और सीसीटीवी फुटेज मांगने पर जेल अधिकारियों ने कैमरे खराब होने की बात कही थी.
अब न्यायिक जांच रिपोर्ट के आधार पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 104 के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. हालांकि, मृतक कन्हैया को चोट किन परिस्थियों में लगी. उसकी मौत के पीछे की वजह क्या रही है. इसके लिए कौन जिम्मेदार है. इन सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही पता चल पाएगा.
(रिपोर्टः शैलेंद्र सिंह ठाकुर, बिलासपुर)