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प्रदेशभर के विकास प्राधिकरण और नगर सुधार न्यासों में कनिष्ठ अभियंताओं की लंबे समय से कमी चल रही है. इसके कारण इन निकायों में चल रहे 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की मॉनिटरिंग पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. इसी कमी को दूर करने के लिए अब प्रदेश की भजनलाल सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है.
नगरीय विकास विभाग की ओर से जल्द ही 792 सिविल कनिष्ठ अभियंता के पदों पर भर्ती की जाएगी, लेकिन आपको सबसे पहले बताते हैं कि प्रदेश भर के निकायों में कनिष्ठ अभियंताओं की किस तरह भारी कमी है. नगरीय विकास विभाग की ओर से पिछले वर्ष सितंबर में अभियंताओं का कैडर स्ट्रेंथ रिव्यू जारी किया गया था. प्रदेश भर के निकायों में गुणवत्तापूर्ण विकास कार्यों के लिए भविष्य में कितने अभियंताओं की जरूरत है. उसको ध्यान में रखते हुए नगरीय विकास विभाग की ओर से कैडर स्ट्रेंथ रिव्यू जारी किया गया था.
कैडर स्ट्रेंथ रिव्यू के मुताबिक, सभी विकास प्राधिकरण व नगर सुधार न्यासों में कनिष्ठ अभियंताओं के 845 पद स्वीकृत हैं. इनमें से सिविल अभियंताओं के 801 और विद्युत अभियंताओं के 44 पद स्वीकृत हैं. जिसमें से करीब 95 फीसदी पद खाली चल रहे हैं. विकास कार्यों की मौके पर गुणवत्ता व मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी कनिष्ठ अभियंताओं की है.
निकायों में इन अभियंताओं की कमी के कारण इस कार्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. प्रदेश में कुल 7 विकास प्राधिकरण और 11 नगर सुधार न्यास हैं. इन निकायों में 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य मौके पर चल रहे हैं. सीवरेज, ड्रेनेज, रेलवे ओवरब्रिज, फ्लाई ओवर, एलिविटेड रोड, सड़कों के विस्तार व सेक्टर रोड निर्माण के कार्य चल रहे हैं.
प्रदेश के सबसे बड़े विकास प्राधिकरण जयपुर विकास प्राधिकरण में कनिष्ठ अभियंताओं के कुल 534 पद स्वीकृत हैं. इनमें कुल 24 पदों पर ही कनिष्ठ अभियंता काम कर रहे हैं. जबकि जेडीए में करीब 2 हजार करोड़ रुपए के विकास कार्य चल रहे हैं. विकास प्राधिकरण और नगर सुधार न्यासों में कनिष्ठ अभियंताओं की भारी कमी अब जल्द ही दूर की जाएगी. नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा के निर्देश पर इस समस्या को दूर करने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता के स्तर पर मंथन किया गया है. इसके बाद इस कमी को पूरा करने की राह निकाली गई.
नगरीय विकास विभाग की ओर से इससे पहले वर्ष 2010 में कनिष्ठ अभियंताओं की भर्ती की गई थी. इसके बाद भर्ती नहीं होने और पदोन्नति के कारण इनके पद खाली होते चले गए. पिछले करीब दो साल से कनिष्ठ अभियंताओं की भर्ती की कवायद चल रही है. नगरीय विकास विभाग ने भर्ती का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा था. वित्त विभाग ने इसके लिए कैडर स्ट्रेंथ रिव्यू की जरूरत बताई. पिछले वर्ष सितंबर में कैडर स्ट्रेंथ रिव्यू नगरीय विकास विभाग ने जारी भी कर दिया. इसके बाद विभाग के खुद के भर्ती नियमों को तैयार करने की कवायद की गई, लेकिन यह कवायद अंजाम तक नहीं पहुंच पाई, उधर अभियंताओं की कमी और गहरा गई.
इस कमी को दूर करने के लिए कई निकायों ने विभाग से जल्द भर्ती की मांग की. इसके चलते नगरीय विकास विभाग ने जल्द भर्ती करने का फैसला किया. सार्वजनिक निर्माण विभाग के भर्ती नियमों के तहत ही भर्ती करने का फैसला किया गया. इसके बाद 792 पदों पर कनिष्ठ अभियंताओं की भर्ती के लिए विभाग ने अभ्यर्थना भेज दी. विभाग की ओर से कर्मचारी चयन बोर्ड को अभ्यर्थना भेज दी गई.
कर्मचारी चयन बोर्ड ने पहले कनिष्ठ अभियंताओं की भर्ती की विज्ञप्ति जारी की थी. सिंचाई विभाग, जलदाय विभाग और सार्वजनिक निर्माण विभाग के लिए यह भर्ती की जानी थी. इसी दौरान नगरीय विकास विभाग ने भी भर्ती की अभ्यर्थना भेज दी. सूत्रों के अनुसार, पंचायत चुनाव की आचार संहिता के बाद बोर्ड संशोधित विज्ञप्ति निकालेगा. इस विज्ञप्ति में 792 पद और जोड़े जाएंगे, आवेदन के लिए समय बढ़ाया जाएगा. इसके चलते परीक्षा तिथि आगे दो महीने और बढ़ाए जाने की संभावना है.