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आमतौर पर किसी कंपनी के इंटरव्यू में कुछ दर्जन या सैकड़ों उम्मीदवारों को इंतजार करते देखा जाता है. लेकिन असम के गोगामुख से सामने आए वीडियो में नजारा कुछ अलग ही दिखाई देता है. एक भर्ती ड्राइव में बड़ी संख्या में युवा नौकरी की उम्मीद लेकर पहुंचे थे.
किसी के हाथ में CV था तो कोई अपनी बारी आने का इंतजार करता नजर आया. जगह कम और उम्मीदवार ज्यादा दिख रहे थे. देखते ही देखते इस भर्ती का वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचा और लोगों ने इसे लेकर अपने-अपने अनुभव और सवाल शेयर करने शुरू कर दिए.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दावा किया गया है कि यह भर्ती विशाल मेगा मार्ट में सेल्समैन बनने के लिए आयोजित की गई थी. वीडियो को एक्स पर एक यूजर ने शेयर करते हुए लिखा कि असम के गोगामुख में भर्ती के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं. दूसरे वीडियो में भी इंटरव्यू के लिए जमा उम्मीदवार दिखाई देते हैं. फुटेज किसी बेसमेंट जैसी जगह का लगता है, जहां काफी भीड़ मौजूद है. वीडियो में जगह काफी भरी हुई दिखाई देती है और वेंटिलेशन को लेकर भी सवाल उठते हैं. हालांकि, वायरल वीडियो से यह तय नहीं होता कि वहां कुल कितने उम्मीदवार पहुंचे थे या कंपनी ने कितनी नौकरियों के लिए भर्ती निकाली थी.
इस कहानी का सबसे भावुक हिस्सा शायद वह दृश्य है, जिसमें बड़ी संख्या में युवा एक ही जगह अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं. हर किसी के पास नौकरी पाने की अपनी वजह होगी. किसी को घर चलाना होगा, किसी को पहली नौकरी चाहिए होगी और कोई शायद लंबे समय से रोजगार की तलाश में होगा. यही वजह है कि वीडियो में दिखाई दे रही भीड़ को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे सिर्फ एक भर्ती का नजारा नहीं माना. लोगों ने इसे नौकरी पाने की कोशिश कर रहे युवाओं के सामने मौजूद मुश्किलों से जोड़कर देखना शुरू कर दिया.
The job market is so tough in India right now. pic.twitter.com/za9lyL9fnJ
— Indian Tech and Infra (@IndianTechGuide) September 28, 2026
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा नौकरी के बाजार को लेकर हुई. कुछ लोगों ने इसे भारत में एंट्री लेवल नौकरियों के लिए बढ़ते कंपटिशन का उदाहरण बताया. एक यूजर ने सवाल किया कि अगर यह स्थिति अभी अपने चरम पर नहीं है तो आगे क्या होगा. उसने शिक्षा, करियर और रिसर्च के साथ-साथ युवाओं के लिए अलग-अलग तरह के रोजगार के मौके बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया. एक दूसरे यूजर ने वीडियो को परेशान करने वाला बताते हुए लिखा कि अगर कुछ रिटेल नौकरियों के लिए इतनी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं तो स्थिति को गंभीरता से समझने की जरूरत है.
वायरल वीडियो ने भले ही लोगों का ध्यान खींच लिया हो, लेकिन यहां एक बात समझना जरूरी है. सिर्फ वीडियो में दिखाई दे रही भीड़ के आधार पर यह कहना मुश्किल है कि वहां कितने उम्मीदवार थे. इसी तरह यह भी साफ नहीं है कि विशाल मेगा मार्ट ने कितनी वैकेंसी निकाली थीं और उनमें से कितने लोगों का चयन होना था. इसलिए सोशल मीडिया पर किए जा रहे बड़े-बड़े दावों को सीधे आंकड़ा मान लेना सही नहीं होगा. लेकिन एक बात जरूर साफ है कि वीडियो में बड़ी संख्या में लोगों का एक साथ नौकरी के लिए पहुंचना अपने आप में लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गया है.
A massive crowd reportedly gathered in Assam's Gogamukh for a recruitment drive at Vishal Mega Mart. pic.twitter.com/ymK20iHtks
— Indian Tech & Infra (@IndianTechGuide) September 26, 2026
सोशल मीडिया पर बहस का एक हिस्सा इस बात को लेकर भी था कि ऐसी भीड़ के लिए युवाओं की स्किल को जिम्मेदार ठहराना कितना सही है. एक यूजर ने सवाल उठाया कि अगर एंट्री लेवल नौकरी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं तो हर बार इसे सिर्फ 'स्किल की कमी' कहकर बात खत्म नहीं की जा सकती. उसके मुताबिक नौकरी देने वाली कंपनियों की जरूरत, भर्ती का तरीका और उपलब्ध पदों की संख्या भी इस तस्वीर का हिस्सा हैं. दूसरी तरफ कुछ लोगों ने माना कि बढ़ते कंपटिशन के दौर में युवाओं को अपनी पढ़ाई के साथ नई स्किल सीखने और अलग-अलग सेक्टर में मौके तलाशने पर भी ध्यान देना होगा.
इस वीडियो ने एक पुरानी बहस को भी फिर सामने ला दिया. भारत में पढ़ाई पूरी करने के बाद बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरी, IT और दूसरी सर्विस सेक्टर की नौकरियों की तरफ देखते हैं. एक यूजर ने कमेंट किया कि देश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को और मजबूत करने की जरूरत है. उसके मुताबिक रोजगार के ज्यादा विकल्प तभी बनेंगे, जब युवाओं के लिए सिर्फ कुछ चुनिंदा सेक्टर ही ऑप्शन न रह जाएं. यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हर युवा इंजीनियरिंग, IT या किसी एक खास फील्ड में करियर नहीं बनाना चाहता. अलग-अलग तरह के काम और इंडस्ट्री में पर्याप्त मौके होना नौकरी के बाजार को ज्यादा बड़ा बना सकता है.
कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इस चर्चा को सिर्फ भारत तक सीमित नहीं माना. उनका कहना था कि कई दूसरे देशों में भी नौकरी का बाजार दबाव में है और कंपनियां भर्ती को लेकर ज्यादा सावधानी बरत रही हैं. वहीं कुछ लोगों ने भारत की बड़ी आबादी को नौकरी की मांग बढ़ने की एक वजह बताया. हालांकि, इस पर भी बहस हुई कि सिर्फ आबादी को जिम्मेदार ठहराने के बजाय रोजगार पैदा करने की क्षमता और कंपनियों की भर्ती की जरूरत को भी समझना चाहिए. मतलब एक वायरल वीडियो ने देखते ही देखते नौकरी, आबादी, स्किल, इंडस्ट्री और रोजगार के अलग-अलग पहलुओं को बहस का हिस्सा बना दिया.
वीडियो के कमेंट सेक्शन में कुछ यूजर्स ने शुरुआती सैलरी को लेकर भी अपनी नाराजगी जताई. एक कमेंट में दावा किया गया कि कई फ्रेशर्स को शुरुआत में 10 से 15 हजार रुपये महीने की सैलरी से काम शुरू करना पड़ता है, जबकि टॉप कॉलेजों से पढ़े युवाओं के लिए तस्वीर अलग हो सकती है. हालांकि, यह किसी आधिकारिक आंकड़े का दावा नहीं है, बल्कि एक सोशल मीडिया यूजर की राय है. इसके बावजूद इस तरह की टिप्पणियां बताती हैं कि नौकरी की तलाश सिर्फ नौकरी मिलने तक की कहानी नहीं है. युवा यह भी देख रहे हैं कि नौकरी मिलने के बाद मिलने वाली सैलरी उनके खर्च और भविष्य के लिए कितनी पर्याप्त होगी.
असम के गोगामुख का यह वायरल वीडियो आखिरकार एक बड़े सवाल पर आकर रुकता है. अगर किसी सामान्य रिटेल नौकरी के इंटरव्यू में इतनी बड़ी संख्या में युवा पहुंच रहे हैं तो रोजगार के मौकों और नौकरी तलाशने वालों के बीच कितना अंतर है? इस वीडियो से पूरे देश के नौकरी बाजार का आंकड़ा निकालना संभव नहीं है और न ही इससे बेरोजगारी की कोई पक्की तस्वीर तय की जा सकती है. लेकिन यह दृश्य जरूर दिखाता है कि नौकरी पाने की कोशिश में युवाओं की भीड़ कितनी बड़ी हो सकती है. फिलहाल विशाल मेगा मार्ट भर्ती का यह वीडियो सोशल मीडिया पर घूम रहा है और लोग इसे अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं.
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