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अनंत सिंह की और बढ़ सकती हैं मुश्किलें, बिहार पुलिस के आईजी स्तर के एक अधिकारी को फाइलें खोलने का निर्देश: सूत्र

अपने बड़बोलेपन और ठेठ अंदाज वाली पहचान रखने वाले अनंत सिंह की मुश्किलें आने वाले समय में और बढ़ सकती हैं. अभी तो उनसे सरकारी सुविधाएं वापस ली जा रही हैं, लेकिन जिस दिन आपराधिक केस खुल जाएंगे, उस दिन से असल मायनों में उनकी दिक्कत बढ़ने वाली है.

अनंत सिंह की और बढ़ सकती हैं मुश्किलें, बिहार पुलिस के आईजी स्तर के एक अधिकारी को फाइलें खोलने का निर्देश: सूत्र
Image Credit: आने वाले समय में बढ़ सकती हैं अनंत सिंह की मुश्किलें (File Photo)

बिहार विधान परिषद चुनाव में जनता दल यूनाइटेड से बगावत अनंत सिंह को और भारी पड़ने जा रही है. निष्कासन के बाद से जनता दल यूनाइटेड अब उनके पीछे पड़ गई लगती है. सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने अनंत सिंह की विधायकी रद्द कराने के लिए स्पीकर को मांग पत्र सौंपा. उसके बाद अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी को 20 सूत्री समिति के सदस्य पद से हटा दिया गया और शाम होते होते खबर आई कि नीलम देवी के नाम पटना में जो सरकारी आवास आवंटित था, उसे भी खाली करने का नोटिस भेजा जा चुका है. सरकार यही नहीं रुकने वाली है. सूत्रों से जी बिहार को मिली खबर के अनुसार, बिहार पुलिस के आईजी स्तर के एक तेजतर्रार अधिकारी को अनंत सिंह की फाइलें खोलने को कहा गया है. इस बिना पर अब अनंत सिंह के समर्थकों को डर है कि उन्हें फिर से किसी मामले में जेल न भेज दिया जाए.

जिस आईपीएस अधिकारी को अनंत सिंह की फाइलें खोलने को कहा गया है, वो 2005 बैच के अधिकारी हैं. पटना और मोतिहारी में वह बतौर कप्तान काम कर चुके हैं. खास बात यह है कि उस आईपीएस और अनंत सिंह के बीच टकराव कोई नई बात नहीं है. आईपीएस अफसर ने एक समय में अनंत सिंह के साम्राज्य को हिला डाला था.

पुटुस हत्याकांड की छानबीन के दौरान उस आईपीएस अफसर ने शूटरों और गवाहों के बयानों के आधार पर मामले को सीधे अनंत सिंह से जोड़ा था. उसके बाद उनका तबादला मोतिहारी कर दिया गया था. भले ही उनका तबादला हो गया था, लेकिन अनंत सिंह की फाइल उन्होंने इतनी मजबूत बना दी थी कि बाद के कप्तान भी नहीं बचा सके. अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था और उसके बाद उन्हें जनता दल यूनाइटेड से निष्कासित कर दिया गया था.

खास बात यह भी है कि उस समय सरकार अनंत सिंह को बचाना चाहती थी, लेकिन इस बार की परेशानी यह है कि सरकार खुद चाहती है कि अनंत सिंह पर कार्रवाई हो. ऐसे में अनंत सिंह की परेशानी बढ़ना लाजिमी है. यह बात अलग है कि अनंत सिंह के खिलाफ कार्रवाई करनी है, कब करनी है, किस तरह की कार्रवाई करनी है, उसकी टाइमिंग क्या होगा और उसका स्वरूप क्या होगा? यह सब तय हो चुका है.

बिहार एमएलसी चुनाव में अनंत सिंह ने न केवल नीरज सिंह से अदावत को आगे बढ़ाया, बल्कि पार्टी में वरिष्ठ नेताओं और अपने शुभचिंतकों को भी नाराज कर दिया. ऐसे में उन पर राजनीतिक रूप से तो कार्रवाई हुई ही, अब उनके आपराधिक मामलों को खोलने के भी संकेत मिल रहे हैं.

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About the Author

Sunil Mishra

Sunil Mishra

इंडस्ट्री में 2 दशकों का अनुभव है तो खबरों की बाजीगरी आती है. डिजिटल मीडिया में आधे दशक हो चुके हैं. लंबे समय तक प्रिंट मीडिया में काम करना डिजिटल की दुनिया में मददगार साबित हुआ. दैनिक जागरण से शुरू हुआ सफर, अमर उजाला, हिन्दुस्तान, News Nation, ABP और India Ahead होते हुए Z Bihar Jharkhand तक पहुंचा है. बिहार और झारखंड की स्थानीय और राजनीतिक खबरों की विशेष समझ.
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