)
भारत में अगर किसी पेड़ से पत्तियां झड़कर आंगन या घर के बाहर जमा हो जाएं तो बहुत ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं पड़ती. झाड़ू उठाई और सफाई शुरू. लेकिन अमेरिका के कई हिस्सों में कहानी थोड़ी अलग है. वहां बड़े घर, लॉन, गार्डेन और खुले रास्तों के आसपास काफी बड़ी मात्रा में सूखी पत्तियां जमा हो जाती हैं.
हर किसी के पास उन्हें साफ करने का समय या जरूरी मशीन नहीं होती. ऐसे में लोग लैंडस्केपिंग सर्विस लेने लगते हैं. यही वजह है कि पत्तियां हटाने से लेकर लॉन की देखभाल तक कई काम वहां एक तरह की प्रोफेशनल सर्विस बन चुके हैं. इस काम की एक वीडियो में बताई जाने वाली कमाई भारतीय रुपये में करीब 1,300 से 1,900 रुपये प्रति घंटा तक हो सकती है.
अमेरिका में साल के कुछ महीनों में पेड़ों से बड़ी संख्या में पत्तियां गिरती हैं. खासकर पतझड़ के मौसम में सड़कों, घरों के बाहर और लॉन पर पत्तियों की मोटी परत दिखाई देने लगती है. शुरुआत में यह नजारा भले ही खूबसूरत लगे, लेकिन कुछ ही दिनों में यही पत्तियां घर के मालिक के लिए सिरदर्द बन सकती हैं. उन्हें रास्तों और बगीचे से हटाना पड़ता है. कई जगह स्थानीय नियमों के तहत बाहर की सफाई को लेकर भी अलग-अलग जिम्मेदारियां और नियम हो सकते हैं. ऐसे में लोग खुद घंटों सफाई करने के बजाय किसी कर्मचारी या लैंडस्केपिंग कंपनी को बुलाना पसंद करते हैं.
अब सवाल आता है कि आखिर इतनी सारी पत्तियां साफ कैसे की जाती हैं? इसके लिए वहां लीफ ब्लोअर नाम की मशीन का खूब इस्तेमाल होता है. यह मशीन तेज हवा बाहर निकालती है. कर्मचारी इसे जमीन की तरफ करके पत्तियों को उड़ाते हुए एक जगह इकट्ठा करता जाता है. जब पत्तियों का ढेर बन जाता है तो उन्हें उठाकर तय जगह पर पहुंचाया जाता है. दूर से देखने पर यह काम काफी आसान लगता है. ऐसा लगता है कि मशीन चलाओ और पत्तियां अपने आप एक तरफ चली जाएंगी. लेकिन बड़े घरों, लॉन और लंबे रास्तों की सफाई में काफी समय और मेहनत लग सकती है.
यहीं से इस कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा शुरू होता है. अमेरिका में लैंडस्केपिंग और मैदान की देखभाल से जुड़े कर्मचारियों की कमाई जगह, अनुभव और काम के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है. वीडियो में बताए गए रेट के मुताबिक, लीफ ब्लोअर या इस तरह का लैंडस्केपिंग काम करने वाले कर्मचारी को करीब 15 से 22 डॉलर प्रति घंटा मिल सकता है. भारतीय रुपये में यह रकम लगभग 1,300 से 1,900 रुपये प्रति घंटा के आसपास बैठती है. इसका मतलब सिर्फ एक घंटे के काम के लिए मिलने वाली रकम सुनकर भारत में रहने वाले किसी व्यक्ति को यह काफी बड़ी कमाई लग सकती है. हालांकि, इसे सीधे भारतीय मजदूरी से जोड़कर देखना सही नहीं होगा. अमेरिका में कमाई के साथ वहां का रहन-सहन, टैक्स, किराया, इंश्योरेंस और रोजमर्रा का खर्च भी काफी अलग है.
यह भी समझना जरूरी है कि 15 से 22 डॉलर प्रति घंटे का आंकड़ा हर कर्मचारी के लिए तय रकम नहीं है. अमेरिका में किसी भी लैंडस्केपिंग जॉब की कमाई शहर, कंपनी, अनुभव, काम की जिम्मेदारी और काम के घंटों के हिसाब से बदल सकती है. किसी नए कर्मचारी को कम पेमेंट मिल सकता है, जबकि इस काम का अनुभव रखने वाले कर्मचारी या ज्यादा जिम्मेदारी वाला काम करने वाले व्यक्ति को इससे ज्यादा पैसे भी मिल सकते हैं. इसी तरह अगर कोई व्यक्ति सिर्फ कुछ घंटे काम करता है तो उसकी रोज की कमाई अलग होगी. पूरे दिन या हफ्ते भर नियमित काम मिलने पर कुल कमाई बढ़ सकती है.
लीफ ब्लोअर चलाने वाले कर्मचारी को देखकर ऐसा लग सकता है कि उसका पूरा काम सिर्फ सूखी पत्तियां हटाना है. लेकिन असल में लैंडस्केपिंग का दायरा इससे काफी बड़ा है. ऐसे कर्मचारी कई बार घास काटने, पौधों और पेड़ों की देखभाल, लॉन की सफाई, झाड़ियों को ठीक करने और बाहर की दूसरी जगहों को साफ रखने जैसे काम भी करते हैं. यानी पत्तियां साफ करना इस पूरी नौकरी का सिर्फ एक हिस्सा हो सकता है. पतझड़ के मौसम में यही हिस्सा ज्यादा नजर आने लगता है, क्योंकि उस समय काम भी बढ़ जाता है.
सोशल मीडिया पर जब लीफ ब्लोअर से पत्तियां उड़ाते हुए कोई वीडियो दिखाई देता है तो काम काफी आसान लगता है. कर्मचारी बस मशीन हाथ में लेकर चलता है और पत्तियां हवा के साथ आगे बढ़ती जाती हैं. लेकिन असली काम तब शुरू होता है जब पूरा लॉन पत्तियों से भर जाए. उन्हें एक जगह इकट्ठा करना, कोनों से निकालना, रास्ते साफ करना और फिर पूरे कचरे को सही जगह पहुंचाना पड़ता है. कई घंटे बाहर रहकर काम करने का मतलब मौसम का सामना करना भी है. इसलिए इस काम को सिर्फ मशीन चलाने तक सीमित करके देखना सही नहीं होगा.
भारत में घर के बाहर पत्तियां साफ करने का काम अक्सर परिवार या घरेलू काम का हिस्सा माना जाता है. कई जगह माली या सफाई कर्मचारी भी यह जिम्मेदारी संभाल लेते हैं. वहीं अमेरिका में घरों की बड़ी संख्या, बड़े लॉन और अलग तरह की सर्विस इंडस्ट्री ने ऐसे कामों को रोजगार का रूप दे दिया है. लोगों के पास पैसे हैं तो वे अपना समय बचाने के लिए छोटे-बड़े घरेलू कामों की सर्विस लेना पसंद करते हैं. यही वजह है कि वहां लॉन काटने से लेकर पत्तियां हटाने तक के काम के लिए अलग-अलग सर्विस उपलब्ध हैं.
(Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर इंटरनेट पर मौजूद डिटेल्स को एकत्रित करके बनाई गई है. Zee News इसके प्रमाणिकता, दावों और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी फैसले से पहले संबंधित आधिकारिक विभाग से संपर्क जरूर करें.)