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जमीन सिर्फ 20 लाख की, लेकिन घर नहीं बना सकते आप: NRI ने दिखाई पोलैंड की वो खूबसूरत जगह, जहां है अजीब नियम

यूरोप में रहने वाले NRI कुणाल दत्त ने पोलैंड की एक ऐसी खूबसूरत जगह का वीडियो शेयर किया है, जहां करीब 20 लाख रुपये में जमीन मिल सकती है, लेकिन उस पर बनाया घर आपका परमानेंट ठिकाना नहीं बन सकता. यहां सिर्फ समर हाउस या वीकेंड हाउस के तौर पर कॉटेज इस्तेमाल करने की इजाजत है. वीडियो में कुणाल ने इस इलाके के नियम, खूबसूरती और अपनी गर्लफ्रेंड के परिवार की बनाई कॉटेज की कहानी भी बताई है.

जमीन सिर्फ 20 लाख की, लेकिन घर नहीं बना सकते आप: NRI ने दिखाई पोलैंड की वो खूबसूरत जगह, जहां है अजीब नियम
Image Credit: @brownboycode

आम तौर पर जब कोई विदेश में जमीन खरीदने की बात सुनता है तो उसके दिमाग में सबसे पहले एक खूबसूरत घर, बड़ा गार्डन और आराम से रहने की तस्वीर आती है. लेकिन पोलैंड की जिस जगह का वीडियो वायरल हो रहा है, वहां कहानी थोड़ी अलग है.

यहां जमीन खरीदने का मौका तो मिलता है, लेकिन उस जमीन को अपना स्थायी घर बनाना आसान नहीं है. NRI कुणाल दत्त ने सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में इसी अनोखे नियम के बारे में बताया है. कुणाल दत्त ने बताया कि यहां जमीन मात्र 20 लाख रुपये में मिल जाती है, लेकिन उसका इस्तेमाल सिर्फ और सिर्फ समर हाउस के तौर पर ही कर सकते हैं.

वारसा से सिर्फ 20 मिनट दूर है स्टोमिन

कुणाल के मुताबिक, यह जगह पोलैंड की राजधानी वारसा से करीब 20 मिनट की दूरी पर स्थित स्टोमिन है. यहां पहुंचने के रास्ते में ही आसपास का नजारा लोगों को खूब भाता है. हरे-भरे इलाके, शांत माहौल और शहर की भीड़ से दूर यह जगह छुट्टियां बिताने के लिए काफी पसंद की जा सकती है. शायद यही वजह है कि यहां बने छोटे कॉटेज और समर हाउस लोगों को अपनी तरफ खींचते हैं. कुणाल ने अपने वीडियो में बताया कि उनकी गर्लफ्रेंड जूलिया के दादाजी ने भी यहां एक कॉटेज बनाया है. खास बात यह है कि इसे तैयार करने में उन्होंने करीब 15 साल लगाए.

15 साल तक अकेले बनाया कॉटेज

इस कॉटेज की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है. कुणाल के मुताबिक, जूलिया के दादाजी ने इसे बनाने के लिए मजदूर या माली नहीं रखा. उन्होंने खुद ही धीरे-धीरे इसे तैयार किया. कॉटेज के आसपास एक खूबसूरत गार्डन भी है. वहां अंगूर और बेरीज के पेड़ लगे हुए हैं. यानी यह सिर्फ एक मकान नहीं, बल्कि सालों की मेहनत से तैयार की गई ऐसी जगह है, जहां पहुंचकर शहर की भागदौड़ काफी दूर लगती है. कुणाल ने वीडियो में इसी जगह को दिखाते हुए बताया कि यहां लोग जमीन तो खरीद सकते हैं, लेकिन उसके इस्तेमाल को लेकर नियम काफी अलग हैं.

 

 

जमीन खरीदेंगे तो घर का प्रूफ भी देना होगा

स्टोमिन के बारे में कुणाल ने बताया कि यहां जमीन खरीदने के बाद उसे परमानेंट घर की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. इसका मतलब यह है कि आप वहां जाकर हमेशा के लिए रहने का प्लान नहीं बना सकते. कुणाल के मुताबिक, जमीन खरीदने वाले व्यक्ति को यह साबित करना पड़ता है कि वह इस जगह पर स्थायी रूप से नहीं रहेगा. इसके लिए दूसरी जगह मौजूद घर का प्रूफ भी देना पड़ सकता है. इसका सीधा मतलब यही है कि स्टोमिन में आपका कॉटेज छुट्टियों या वीकेंड पर जाने की जगह हो सकता है, लेकिन आपका मुख्य घर कहीं और होना चाहिए.

5 मीटर से ऊंचा कॉटेज भी नहीं बना सकते

यहां सिर्फ रहने को लेकर ही नियम नहीं हैं. कुणाल ने वीडियो में बताया कि कॉटेज की ऊंचाई को लेकर भी पाबंदी है. उनके मुताबिक, यहां 5 मीटर से ज्यादा ऊंचा कॉटेज नहीं बनाया जा सकता. उन्होंने एक पड़ोसी का उदाहरण देते हुए बताया कि गलती से बना कॉटेज 5.15 मीटर ऊंचा हो गया था. इसके बाद मालिक को उसे छोटा करने या हटाने के लिए कहा गया. कुणाल के अनुसार, इसके पीछे वजह पड़ोसियों की धूप रोकने से जुड़ी है. यानी किसी एक घर की ऊंचाई इतनी न हो कि उससे आसपास के घरों में सूरज की रोशनी पहुंचनी बंद हो जाए.

सरकार चाहती है जगह वैसी ही शांत रहे

कुणाल ने बताया कि इन नियमों का मकसद इलाके का माहौल बनाए रखना है. अगर हर कोई अपनी जमीन पर मनमुताबिक ऊंची इमारतें बनाने लगे तो धीरे-धीरे पूरा इलाका बदल सकता है. छोटे कॉटेज, खुली जगह, हरियाली और शांत माहौल ही इस तरह की जगह की खासियत हैं. इसलिए नियमों के जरिए यह कोशिश की जाती है कि इलाके का इस्तेमाल उसी तरह हो, जिसके लिए उसे बनाया गया है.

वीडियो देखकर लोगों को भारत की याद आई

कुणाल दत्त के वीडियो को सोशल मीडिया पर काफी लोगों ने देखा. वीडियो पर आने वाले कमेंट्स में लोगों ने पोलैंड के इस नियम की तुलना भारत की स्थिति से भी की. एक यूजर ने लिखा कि भारत में कई जगह आसपास की इमारतें इतनी ऊंची हो जाती हैं कि अपने ही घर में धूप मिलना मुश्किल हो जाता है. यूजर ने कहा कि ऐसे नियम भारत में भी होने चाहिए. वहीं एक दूसरे यूजर ने कहा कि उसे रिटायरमेंट के लिए ऐसा घर पसंद आएगा, लेकिन वहां हमेशा रह ही नहीं सकते तो इसका क्या फायदा.

किसी को 20 लाख में समर हाउस पसंद आया

कुछ लोगों ने कीमत को लेकर भी मजेदार प्रतिक्रिया दी. एक यूजर ने लिखा कि करीब 20 लाख रुपये में समर हाउस मिलना अच्छा सौदा लग सकता है. वहीं जर्मनी में रहने वाले एक यूजर ने मजाक करते हुए कहा कि इतने पैसों में उसे वहां कार पार्क करने की जगह तक नहीं मिल रही. एक अन्य यूजर ने इस जगह को बेहद खूबसूरत बताया और कहा कि वीडियो देखकर ऐसा लग रहा है जैसे धरती की सबसे अच्छी जगहों में से एक यही हो.

(Disclaimer: प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर इंटरनेट पर मौजूद डिटेल्स को एकत्रित करके बनाई गई है. Zee News इसके प्रमाणिकता, दावों और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी फैसले से पहले संबंधित आधिकारिक विभाग से संपर्क जरूर करें.)

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About the Author

Santosh Kumar Mishra

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संतोष मिश्रा जी न्यूज में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. वह पिछले 4.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं. ट्रैवल, फीचर, ऑफबीट, ट्रेंडिंग और वायरल खबरों के साथ-साथ टेक और साइंस से जुड़ी खबरों में भी उनकी विशेष विशेषज्ञता है. उनकी खबरें अपनी विश्वसनीयता और सटीक जानकारी के लिए जानी जाती हैं. आसान और सहज भाषा में लिखे गए उनके कंटेंट को पाठक काफी पसंद करते हैं. सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X, Reddit, Threads और Facebook) पर उनकी अच्छी पकड़ है. वह ट्रेंडिंग विषयों पर लगातार नजर रखते हैं और फ्रेश व यूनिक खबरें पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं. संतोष मिश्रा इससे पहले News Nation और India Ahead जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में भी काम कर चुके हैं. उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) किया है.
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