झाड़ोल उपखंड की झाड़ोल, ओगणा और फलासिया पंचायत समितियों में चुनाव के बाद गांवों की सरकार की तस्वीर साफ हो गई है. करीब 50% सरपंच कांग्रेस, 40% भाजपा और 10% BAP समर्थित चुने गए. अब ग्रामीणों को विकास कार्यों के पूरे होने का इंतजार है.
नागौर के मोड़ी गांव में सरपंच चुनाव हारने वाली चिड़ी देवी के परिवार को ग्रामीणों ने एकजुट होकर 25 लाख रुपए भेंट किए. 36 कौम के लोगों की इस पहल ने चुनावी हार-जीत से ऊपर उठकर भाईचारे, सामाजिक एकता और आपसी सहयोग की मिसाल पेश की.
उदयपुर की सायरा पंचायत समिति के वार्ड 9 से पूर्व राज्यमंत्री मांगीलाल गरासिया पंचायत समिति सदस्य का चुनाव लड़ रहे हैं. सायरा पंचायत समिति अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए आरक्षित है. गरासिया की नजर प्रधान पद पर है.
राजस्थान में पंचायत चुनाव के बाद चुनावी रंजिश के मामले सामने आए हैं. नौगांवा के डाबरी गांव में आतिशबाजी को लेकर दो पक्षों में लाठी-डंडे चले, जिसमें 8 लोग घायल हुए और 2 महिलाओं को अलवर रेफर किया गया. पाटनभान में पत्थरबाजी के मामले में पुलिस ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया.
निकाय चुनावों में मिली जीत के बाद अब बीजेपी की नजर पंचायत चुनावों पर है. पार्टी प्रदेश में जारी पंचायत चुनावों में भी जीत का सिलसिला बरकरार रखना चाहती है. इसी को लेकर बीजेपी में एक बार फिर मंथन होगा. 27 अक्टूबर को बीजेपी के प्रमुख नेताओं की बैठक होगी, जिसमें पंचायत चुनावों के अब तक के सियासी समीकरणों और आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी.
राजस्थान पंचायत चुनाव के पहले चरण में सरपंच चुनने के लिए मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. 104 पंचायत समितियों में पंचायत समिति सदस्य चुनाव के दौरान 63.36% मतदान हुआ, जबकि सरपंच चुनाव में यह बढ़कर 83.05% पहुंच गया.
नागौर पंचायत चुनाव के पहले चरण में कई रोचक नतीजे सामने आए. मुंदियाड़ में विधायक रेवंतराम डांगा के भतीजे नरेश डांगा हार गए, जबकि भडाणा में 25 साल से सरपंच रहे परिवार को शिकस्त मिली.
डूंगरपुर की 232 ग्राम पंचायतों में सरपंच चुनाव के दौरान 82.39% मतदान हुआ. मतगणना में दो प्रत्याशियों ने एक-एक वोट से जीत दर्ज की, जबकि निमिषा भगोरा और सांसद राजकुमार रोत के काका सोहनलाल को हार का सामना करना पड़ा.
चौमूं क्षेत्र की 34 ग्राम पंचायतों में नए सरपंच निर्वाचित हुए हैं. अमरपुरा से गीता देवी, अनन्तपुरा से वासुदेव पांचोली और सामोद से रामकिशोर रेगर समेत सभी विजेताओं की पूरी सूची यहां देखें.
अलवर की खेड़ली तर्फ रेला ग्राम पंचायत में मतदान के दौरान कथित फर्जी वोटिंग को लेकर विवाद हो गया. सरपंच प्रत्याशी महेश कुमार की मां के साथ धक्का-मुक्की और लाठी से मारपीट का आरोप है. घटना के ग्रामीणों ने सड़क पर धरना देकर निष्पक्ष जांच, आरोपियों पर कार्रवाई और दोबारा मतदान कराने की मांग की.
जयपुर जिले की 212 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए शाम 6 बजे तक 83.33 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ. झोटवाड़ा पंचायत समिति में सबसे ज्यादा 86.51 प्रतिशत और किशनगढ़ रेनवाल में सबसे कम 80.32 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. जिले की सभी 8 पंचायत समितियों में 80 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ.
राजस्थान पंचायत चुनाव में बुजुर्गों से लेकर Gen-Z तक मतदाताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. डूंगरपुर, बीकानेर, झालावाड़, अजमेर और अलवर समेत कई जिलों में लोग लंबी कतारों में लगकर मतदान करने पहुंचे. 99 साल की जिया देवी और दिव्यांग मतदाताओं ने भी वोट डालकर लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई.
दौसा में पंचायत चुनाव को लेकर सांसद मुरारीलाल मीणा ने कांग्रेस प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार शुरू कर दिया है. उन्होंने जिला परिषद सदस्य प्रत्याशी देवांगना के चुनाव कार्यालय का उद्घाटन कर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा.
प्रतापगढ़ में जिला प्रमुख चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. राजस्व मंत्री हेमंत मीणा के परिवार से कोई सीधा उम्मीदवार मैदान में नहीं है, जबकि पूर्व विधायक रामलाल मीणा की पत्नी और पूर्व जिला प्रमुख इंदिरा देवी मीणा कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं. वार्ड 22 में उनका मुकाबला भाजपा की पूजा कुंवर से है.
राजस्थान में पंचायत चुनाव के दौरान कई जिलों से विवाद, मतदान बहिष्कार और मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं. दूदू में वोट दिलाने को लेकर दो पक्षों में लाठी-भाटा जंग हुई, जबकि जहाजपुर के पीपलूंद में फर्जी मतदान के आरोपों पर हंगामा हुआ. कोटा और पाली के एक गांव में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया.
सवाई माधोपुर जिले में पंचायतराज चुनावों के बीच बामनवास पंचायत समिति क्षेत्र में बीजेपी के अंदर ही सियासत गरमा गई है. पंचायत समिति सदस्यों के टिकट वितरण को लेकर कथित बातचीत का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. हांलाकि वायरल ऑडियो की ज़ी मीडिया पुष्टि नहीं करता है.
जयपुर जिले की 212 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए 1,525 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. सभी पंचायतों में बैलेट पेपर से मतदान होगा. चौमूं की टांकरड़ा पंचायत में सबसे ज्यादा 18 उम्मीदवार मैदान में हैं.
राजस्थान पंचायत चुनाव में 22 साल की LLB स्टूडेंट कनिका ने राजनीति में कदम रखा है. उन्होंने भरतपुर जिला परिषद के वार्ड नंबर 18 से BJP प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया है. उनका कहना है कि युवा सोच और नई ऊर्जा के साथ वह अपने क्षेत्र में बदलाव लाना चाहती हैं.
दौसा में पंचायत चुनाव के बीच परिवारवाद और वंशवाद की राजनीति खूब चर्चा में है. कांग्रेस विधायक DD बैरवा की पत्नी बीना बैरवा, पूर्व मंत्री ममता भूपेश की बेटी देवांगना और BJP विधायक विक्रम बंशीवाल की मां कौशल्या देवी चुनावी मैदान में हैं. जिला प्रमुख का पद SC महिला के लिए आरक्षित होने से तीनों प्रत्याशियों की दावेदारी पर चर्चा है.
चूरू में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के परिवार से पहली बार किसी ने चुनावी मैदान में कदम रखा है. खास बात ये है कि राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ और उनकी पत्नी कनिका सिंह ने एक साथ जिला परिषद सदस्य पद के लिए भाजपा के टिकट पर अपने-अपने वार्ड से नामांकन दाखिल किया है.
राजस्थान में पंचायत चुनाव के दूसरे पड़ाव के तहत आज सरपंच और वार्डपंच प्रत्याशियों के नामांकन होंगे. सुबह 8 से 11 बजे तक पर्चे भरे जाएंगे. दोपहर 2 बजे बाद चुनाव चिह्न मिलेंगे. कल सुबह 7 से शाम 6 बजे तक मतदान होगा और इसके बाद मतगणना होगी.
जयपुर जिले की 8 पंचायत समितियों में पंचायत चुनाव के पहले चरण का मतदान 68.29 फीसदी रहा. कुल 7,43,640 मतदाताओं में से 5,07,796 ने वोट डाले. झोटवाड़ा में सबसे ज्यादा 73.65 फीसदी मतदान हुआ, जबकि किशनगढ़ रेनवाल 62.87 फीसदी के साथ सबसे पीछे रहा.