वायरल ऑडियो में क्या है ?
वायरल ऑडियो में नामांकन के आखिरी दिन टिकट कटने के बाद बीजेपी के पूर्व प्रत्याशी राजेंद्र मीणा और बीजेपी कार्यकर्ता मक्खनलाल मीणा के बीच हुई बातचीत का बताए जा रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो ने भारतीय जनता पार्टी के भीतर चल रही खींचतान और टिकट वितरण की प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वायरल ऑडियो को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर जारी है. बातचीत में कथित तौर पर पंचायत समिति सदस्य के टिकट के बदले करीब 15 लाख रुपए लिए जाने की चर्चा सामने आने का दावा किया जा रहा है.
मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष मानसिंह गुर्जर और विजय गुर्जर नाम के एक अन्य व्यक्ति पर पैसे लेने के आरोप लगाए जाने की बात भी सामने आई है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और ना ही ऑडियो की प्रामाणिकता स्थापित हुई है. बताया जा रहा है कि पंचायत चुनाव में टिकट नहीं मिलने के बाद दोनों के बीच ये बातचीत हुई. ऑडियो में कथित तौर पर टिकट वितरण को लेकर नाराजगी और पैसों के लेनदेन से जुड़ी चर्चा की जा रहा है.
अगर वायरल ऑडियो में किए जा रहे दावों की पुष्टि होती है, तो ये बीजेपी के टिकट वितरण की पारदर्शिता और संगठनात्मक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है. वायरल ऑडियो बातचीत को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ तक शिकायत पहुंचाने की चर्चा भी सामने आ रही है.
हालांकि, शिकायत असल में की गई है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. ऐसे में पूरे मामले में संबंधित पक्षों का आधिकारिक बयान और निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण हो जाती है. बामनवास में पंचायत चुनावों के बीच सामने आए इस ऑडियो बम ने बीजेपी की स्थानीय राजनीति में उलझन पैदा कर दी है. टिकट वितरण से नाराजगी और कथित लेनदेन के आरोपों को लेकर उठ रहे सवाल चुनावी माहौल में पार्टी के लिए चुनौती बन सकते हैं. अगर कार्यकर्ताओं में असंतोष गहराता है, तो इसका असर चुनाव प्रचार, आपसी समन्वय और पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर भी पड़ सकता है.
रिपोर्टर- अभिनव अग्रवाल