डूंगरपुर जिले की 7 पंचायत समितियों झोथरी, सीमलवाड़ा, भंडारी, चिखली, गलियाकोट, सागवाड़ा और पाडवा की 232 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए चुनाव शांतिपूर्ण और रिकॉर्ड मतदान के साथ संपन्न हो गए. जिले में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिसके चलते रिकॉर्ड 82.39 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. वही मतदान के बाद अलसुबह तक मतगणना चली. इस दौरान कहीं एक वोट से जीत तो कहीं दिग्गज टूट गए . वही जीत के बाद समर्थकों ने जश्न मनाया.
सरपंच चुनाव की मतदान प्रक्रिया पूरी होते ही सभी पंचायतों में मतगणना का काम शुरू हुआ, जो अल सुबह तक जारी रहा. चुनाव परिणाम घोषित होते ही कई जगह रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, तो कहीं राजनीतिक घरानों के वर्चस्व और उलटफेर की खबरें सामने आईं.
डेचा में विधायक के परिवार का 30 साल पुराना दबदबा कायम
सागवाड़ा पंचायत समिति की डेचा पंचायत में सागवाड़ा विधायक शंकरलाल डेचा के परिवार का पिछले तीन दशकों से चला आ रहा सियासी दबदबा इस बार भी कायम रहा. विधायक के बेटे राहुल डामोर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राकेश को 340 मतों से पराजित कर सरपंच पद पर कब्जा जमाया.
केवल 1 वोट के अंतर से दर्ज की रोमांचक जीत
इस चुनाव में दो पंचायतों में सांसें थमा देने वाली बेहद करीबी जीत देखने को मिली. पाडवा पंचायत समिति की माविता पंचायत में मंजुला रोत ने ऐतिहासिक मुकाबला जीतते हुए मात्र 1 वोट के अंतर से विजय हासिल की. इसी तरह चिखली पंचायत समिति की कोचरी पंचायत से मानसिंह पारगी ने भी अपनी प्रतिद्वंद्वी को महज 1 वोट से हराकर जीत दर्ज की.
सीमलवाड़ा में पूर्व सांसद की भतीजा बहू को मिली हार
सीमलवाड़ा पंचायत में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला. सीमलवाड़ा पंचायत समिति की पूर्व प्रधान एवं पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा की भतीजा बहू निमिषा भगोरा को हार का सामना करना पड़ा. उन्हें उनकी प्रतिद्वंद्वी कलावती ने 600 मतों के बड़े अंतर से हराया. वही इसके साथ ही झोथरी पंचायत समिति की पूर्व प्रधान अनिता रोत करावाड़ा से सरपंच का चुनाव हार गई.
बीएपी सांसद राजकुमार रोत के काका सोहनलाल चुनाव हारे
बीएपी सांसद राजकुमार रोत की स्थानीय पंचायत खरवर खुनिया में सरपंच पद पर सांसद के काका सोहनलाल भी चुनाव हार गए. भगवतीलाल खराड़ी ने सांसद राजकुमार रोत के काका सोहनलाल को 15 मतों से हरा दिया.
जश्न का माहौल और पुलिस-प्रशासन ने ली राहत की सांस
परिणामों की आधिकारिक घोषणा होते ही विजयी सरपंचों और उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई. विजयी उम्मीदवारों के समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों की थाप, आतिशबाजी और गुलाल उड़ाकर देर रात तक जीत का जश्न मनाया. चुनाव के दौरान जिले के किसी भी हिस्से से छिटपुट हंगामे के अलावा किसी अप्रिय घटना या विवाद की सूचना नहीं मिली. पूरे जिले में मतदान और मतगणना का काम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने पर पुलिस व जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है.
Reporter- Akhilesh Sharma