पंचायत चुनाव-2026 के तहत जयपुर जिले में सरपंच पद के लिए चुनावी तस्वीर साफ हो गई है. जिले की 212 ग्राम पंचायतों में गांव की चौधर हासिल करने के लिए 1,525 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. नामांकन प्रक्रिया पूरी होने और नाम वापसी के बाद अब सभी ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए मुकाबला होगा. जिले में एक भी ग्राम पंचायत ऐसी नहीं है, जहां सरपंच निर्विरोध चुना गया हो. ऐसे में सभी 212 ग्राम पंचायतों में मतदान कराया जाएगा. मतदाताओं को आज बैलेट पेपर के जरिए अपने गांव का मुखिया चुनने का मौका मिलेगा.
2,119 प्रत्याशियों ने दाखिल किए थे नामांकन
सरपंच पद के लिए शुरुआत में कुल 2,119 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे. नामांकन पत्रों की जांच के दौरान 11 प्रत्याशियों के नामांकन खारिज कर दिए गए. जांच के बाद 2,108 प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए. इसके बाद नाम वापसी की प्रक्रिया में 583 प्रत्याशियों ने चुनावी मैदान छोड़ दिया. इस तरह अंतिम सूची में 1,525 प्रत्याशी रह गए हैं. अब इन्हीं उम्मीदवारों के बीच सरपंच पद के लिए चुनावी मुकाबला होगा.
चौमूं में सबसे ज्यादा 301 प्रत्याशी मैदान में
जयपुर जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या और प्रत्याशियों के लिहाज से चौमूं क्षेत्र में सबसे ज्यादा चुनावी हलचल है. यहां की 34 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए 301 प्रत्याशी मैदान में हैं. वहीं, जोबनेर की 28 ग्राम पंचायतों में 232 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.
गोविंदगढ़ की 27 ग्राम पंचायतों में 210 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है. मौजमाबाद की 27 ग्राम पंचायतों में 185 और किशनगढ़ रेनवाल की 26 ग्राम पंचायतों में 184 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. सांभर की 26 ग्राम पंचायतों में 157 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा. दूदू की 25 ग्राम पंचायतों में 136 प्रत्याशी मैदान में हैं. वहीं, झोटवाड़ा की 19 ग्राम पंचायतों में सबसे कम 120 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं.
टांकरड़ा में सबसे ज्यादा 18 उम्मीदवार
ग्राम पंचायत स्तर पर चौमूं की टांकरड़ा पंचायत में सरपंच पद के लिए सबसे ज्यादा 18 प्रत्याशी मैदान में हैं. चौमूं की बड़कोलाई-भोजलावा पंचायत में 16 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. चौमूं की महार और जोबनेर की कुड़ियों का बास पंचायत में 15-15 प्रत्याशी मैदान में हैं. वहीं, चौमूं की गौरी का बास और हरोता तथा किशनगढ़ रेनवाल की खेड़ी मिलक पंचायत में 14-14 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है. कई ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए केवल दो प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला है.
मतदान के बाद ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर होगी मतगणना
पंचायत चुनाव में आज बैलेट पेपर के जरिए पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान होगा. मतदान समाप्त होने के बाद संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर मतगणना की जाएगी. इसके साथ ही गांवों में सरपंच पद के लिए चुनावी मुकाबले के नतीजे सामने आने लगेंगे.

जानिए पूरे प्रदेश में सरपंच पद के लिए प्रत्याशियों की स्थिति
पंचायत चुनाव-2026 के पहले चरण में सरपंच पद के लिए चुनावी तस्वीर साफ हो गई है. प्रदेश के 16 जिलों की 3,314 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए कुल 16,795 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. इस तरह एक सरपंच की कुर्सी के लिए औसतन पांच प्रत्याशियों के बीच मुकाबला है. प्रत्याशियों की संख्या के आधार पर 2,905 ग्राम पंचायतों में एक से नौ उम्मीदवारों की श्रेणी है, जबकि 311 ग्राम पंचायतों में 10 से 19 प्रत्याशी मैदान में हैं. वहीं, दो ग्राम पंचायतों में 20 से 29 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा. प्रदेश में 30 या इससे अधिक प्रत्याशियों वाली एक भी ग्राम पंचायत नहीं है. जयपुर जिले की 212 ग्राम पंचायतों में सरपंच पद के लिए 1,525 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं. यहां एक सरपंच पद के लिए औसतन सात उम्मीदवार मैदान में हैं. वहीं, भीलवाड़ा जिले में सबसे अधिक 2,097 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं. डूंगरपुर में 1,594 और उदयपुर में 1,480 प्रत्याशी सरपंच पद के लिए अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. अलवर में 1,251 और पाली में 1,221 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं. दूसरी ओर, बीकानेर जिले में सबसे कम 396 प्रत्याशी मैदान में हैं. 24 अक्टूबर को मतदाता बैलेट पेपर के जरिए अपने गांव का मुखिया चुनेंगे. मतदान समाप्त होने के बाद संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर मतगणना की जाएगी.