चूरू में बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ के परिवार से पहली बार किसी ने चुनावी मैदान में कदम रखा है. खास बात ये है कि राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह राठौड़ और उनकी पत्नी कनिका सिंह ने एक साथ जिला परिषद सदस्य पद के लिए भाजपा के टिकट पर अपने-अपने वार्ड से नामांकन दाखिल किया है.
अलग-अलग वार्डों से चुनावी मैदान में उतरे पति-पत्नी
चुनावी रणनीतिक समीकरणों के तहत परिवार के दोनों सदस्यों को अलग-अलग वार्डों से उम्मीदवार बनाया गया है. राजेंद्र राठौड़ की पुत्रवधू कनिका सिंह ने जिला परिषद के वार्ड संख्या 23 से अपनी दावेदारी पेश की है. वहीं राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने वार्ड संख्या 39 से भाजपा के टिकट पर पर्चा भरा है.
कनिका सिंह (वार्ड 23)
शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहने वाली और राजस्थान फुटबॉल क्लब की स्थापना को लेकर चर्चा में रहीं कनिका सिंह के पिता सेना में अधिकारी रहे हैं. कनिका ने चुनाव में उनकी मुख्य प्राथमिकता में बिजली, साफ पीने का पानी और बुनियादी सुविधाओं की कमी को दूर करना बताया. उनके मुताबिक उनके ससुर राजेंद्र राठौड़ के 40 सालों के राजनीतिक अनुभव और जनसंपर्क फायदा उन्हे मिलेगा.
पराक्रम सिंह राठौड़ (वार्ड 39)
चूरू में भाजपा जिला कार्यकारिणी में महामंत्री और राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के पूर्व सदस्य रहे, पराक्रम सिंह का कहना है कि वे दो दशक से ज्यादा समय से राजनीति में सक्रिय हैं और पार्टी के लिए जमीन स्तर पर काम करते आए हैं.
राजेंद्र राठौड़ की प्रतिक्रिया
परिवार की इस सियासी एंट्री पर वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव लड़ना सबका अधिकार है. उन्होंने कहा कि उनके 40 साल के राजनीतिक करियर में आज तक उनके परिवार से किसी ने चुनाव नहीं लड़ा था, लेकिन लोगों की मांग और पार्टी नेतृत्व के आदेश पर यदि बेटा और पुत्रवधू मैदान में उतरे हैं, तो उन्हें उनका पूरा आशीर्वाद है.
चूरू में पंचायत चुनाव 3 और 4 चरण में हैं. जिला परिषद / पंचायत समिति सदस्य के लिए मतदान 3 नवंबर 2026 को और पंच / सरपंच मतदान 5 नवंबर 2026 को होगा. वहीं 4वें चरण में जिला परिषद / पंचायत समिति सदस्य के लिए मतदान 14 नवंबर 2026 को और पंच / सरपंच के लिए मतदान 16 नवंबर 2026 को होगा. जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के सभी चरणों की मतगणना 20 नवंबर 2026 को जिला मुख्यालय पर ही होगी
रिपोर्टर- नवरतन प्रजापत