राजस्थान में गांव की सरकार चुनने के लिए मतदाताओं ने लोकतंत्र के महापर्व में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई. खेतों और घरों के कामकाज छोड़कर ग्रामीण मतदान केंद्रों पर पहुंचे और ईवीएम का बटन दबाकर अपने जनप्रतिनिधियों की किस्मत तय कर दी. जयपुर जिले की 8 पंचायत समितियों में पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ.
कुल 7 लाख 43 हजार 640 मतदाताओं में से 5 लाख 7 हजार 796 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. जिले में कुल 68.29 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. अब प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया है.

जयपुर जिले में पहले चरण के मतदान में झोटवाड़ा पंचायत समिति के मतदाताओं ने सबसे ज्यादा उत्साह दिखाया. यहां सर्वाधिक 73.65 फीसदी मतदान हुआ. दूसरे स्थान पर मौजमाबाद रही, जहां 71.44 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले. दूदू में 70.52 फीसदी मतदान हुआ. वहीं किशनगढ़ रेनवाल पंचायत समिति मतदान के मामले में सबसे पीछे रही. यहां महज 62.87 फीसदी मतदाता ही मतदान केंद्रों तक पहुंचे. झोटवाड़ा और किशनगढ़ रेनवाल के मतदान प्रतिशत में 10.78 प्रतिशत अंकों का अंतर रहा.
जयपुर जिले में सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ. सुबह 10 बजे तक 14.70 फीसदी मतदाताओं ने वोट डाले. दोपहर 1 बजे तक मतदान प्रतिशत बढ़कर 35.09 फीसदी पहुंच गया. दोपहर 3 बजे तक 49.34 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. शाम 6 बजे तक मतदान का आंकड़ा 67.60 फीसदी रहा. अंतिम रिपोर्ट में मतदान प्रतिशत बढ़कर 68.29 फीसदी पहुंच गया. यानी शाम 6 बजे की रिपोर्ट के मुकाबले अंतिम आंकड़ों में 5,060 अतिरिक्त वोट दर्ज हुए.

पंचायत समिति मतदान प्रतिशत कुल वोट
झोटवाड़ा 73.65% 43,197 वोट
मौजमाबाद 71.44% 67,117 वोट
दूदू 70.52% 46,779 वोट
जोबनेर 69.62% 65,145 वोट
चौमूं 68.75% 95,289 वोट
गोविंदगढ़ 66.81% 68,066 वोट
सांभर 65.45% 59,234 वोट
किशनगढ़ रेनवाल 62.87% 62,969 वोट
कुल 68.29% 5,07,796 वोट
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए मतदान संपन्न होने के बाद अब गांवों में सरपंच और वार्ड पंच चुनने की तैयारी शुरू हो गई है. 23 अक्टूबर को सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए नामांकन प्रक्रिया होगी. इसके अगले दिन 24 अक्टूबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक बैलेट पेपर से मतदान कराया जाएगा. इसके बाद 25 अक्टूबर को उपसरपंच का चुनाव होगा. यानी ग्रामीण मतदाताओं को दो दिन के अंतराल में दूसरी बार मतदान करने का मौका मिलेगा.

जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने बताया कि पंचायत समिति और जिला परिषद की वोटिंग के बाद सभी EVM को जयपुर स्थित भवानी निकेतन में स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच में रखा गया है. 20 नवंबर को भवानी निकेतन में पंचायत समिति और जिला परिषद की काउंटिंग होगी.