पंचायत चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में चुनावी रंजिश के मामले सामने आने लगे हैं. नौगांवा क्षेत्र की डाबरी और बलरामपुर ग्राम पंचायत के पाटनभान गांव में विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. डाबरी में सरपंच की जीत की खुशी में निकाली जा रही रैली के दौरान आतिशबाजी को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए. देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे. मारपीट में आठ लोग घायल हो गए. इनमें चार लोगों के सिर में चोट आने पर टांके लगाने पड़े, जबकि दो महिलाओं की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें अलवर रेफर किया गया.
आतिशबाजी को लेकर शुरू हुआ विवाद
ग्रामीणों के अनुसार, डाबरी ग्राम पंचायत में सरपंच बनने की खुशी में एक पक्ष की ओर से रैली निकाली जा रही थी और आतिशबाजी की जा रही थी. इसी दौरान जानवरों से दूर रहकर आतिशबाजी करने की बात कहने पर विवाद शुरू हो गया. देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और लाठी-डंडों से हमला कर दिया. ग्रामीणों का कहना है कि दूसरे पक्ष में चुनाव में पराजित उम्मीदवार के समर्थक शामिल थे.
मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को नौगांवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया. यहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया. चार घायलों के सिर में चोट लगने के कारण टांके लगाए गए, जबकि दो महिलाओं की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर उपचार के लिए अलवर रेफर कर दिया गया. घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है.
पाटनभान में भी चुनावी रंजिश, दोनों पक्षों में पत्थरबाजी
उधर, बलरामपुर ग्राम पंचायत के पाटनभान गांव में भी चुनावी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया. देखते ही देखते कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से जमकर पत्थरबाजी हुई. इस दौरान लाठी-डंडे चलने की भी सूचना है, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई. पाटनभान निवासी असलूप के अनुसार, सरपंच और उनके समर्थक जीत की खुशी में डीजे पर गाने बजाते हुए रैली निकाल रहे थे. आरोप है कि डीजे पर अश्लील गाने बजाने का विरोध करने पर समर्थकों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया.
क्या बोले थानाधिकारी?
थानाधिकारी हरदयाल सिंह ने बताया कि मामले में शांति भंग करने के आरोप में कुल 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस दोनों घटनाओं के संबंध में आवश्यक कार्रवाई कर रही है. पंचायत चुनाव के बाद सामने आ रहे इन विवादों ने ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था और चुनावी रंजिश को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
Reporter - Jugal Gandhi