Sarva pitru amavasya 2026 Daan: श्राद्ध पक्ष का अंतिम दिन यानी सर्वपितृ अमावस्या आज है. यह दिन पूर्वजों की तृप्ति का सबसे बड़ा मौका है. इस दिन पितरों को किन चीजों का भोग अर्पित करें और क्या जान करें आइए जानें.
Sarvapitri Amavasya 2026: सर्वपितृ अमावस्या पर पितृ अपने वशंजों से विदा लेकर अपने लोक को प्रस्थान कर जाते हैं. ध्यान दें कुतुप-रौहिण मुहूर्त में तर्पण करना अति शुभ होता है ऐसे में आइए सर्वपितृ अमावस्या के मुहूर्त जान लें.
Pitru Paksha 2026: पितृ दोष से मुक्ति पानी है या पितरों को तृप्त करना है तो सर्वपितृ अमावस्या पर कुछ जीवों समेत 10 लोगों को भोजन कराएं तो लाभ हो सकता है. गाय को भोजन कराने से लेकर पिपलिकादि बलि और ब्राह्मण भोज का इस दिन महत्व बढ़ जाता है.
पितृ अमावस्या पर इस साल शनिचरी अमावस्या समेत 3 बेहद शुभ योग बन रहे हैं. इन योगों में पितरों के लिए श्राद्ध-तर्पण करने के साथ-साथ कुछ खास उपास करना पूर्वजों का विशेष आशीर्वाद दिला सकता है.
सर्वपितृ अमावस्या पर शमी, तुलसी और अशोक के पौधे लगाने से कई पीढ़ियों का पितृ दोष दूर होता है. इस खबर में इन पौधों को लगाने के सही नियम और धार्मिक फायदों के बारे में बताएंगे.
Pitru Paksha 2025 Chaturdashi Shradh: पितृपक्ष में चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध विशेष रूप से उन पितरों का किया जाता है जिनकी अकाल मृत्यु हुई हो. चौदस श्राद्ध कब है और इसके लिए शुभ मुहूर्त क्या हैं, आइए जानें.
सर्व पितृ अमावस्या पर श्राद्ध-तर्पण का विशेष महत्व है, लेकिन क्यों? इसके पीछे एक नहीं कई कारण हैं. साथ ही धार्मिक मान्यता है कि यदि पितृ अमावस्या के दिन तर्पण न करें तो इससे जीवन में कई समस्याएं आ सकती हैं.
Pitru Paksha 2026 Trayodashi Shradh: त्रयोदशी तिथि पर पितृ के तर्पण का विशेष महत्व बताया गया है, इस तिथि पर अपने पितृ का विधि-विधान से तर्पण करें तो पितृ सद्गति पाते हैं और वंशजों को आशीर्वाद देते हैं.
15 दिन पूरे मन से तर्पण किया, तिथि पर श्राद्ध या पिंडदान किया, पर ये कैसे पता चलेगा कि पितरों ने उसे स्वीकार किया या नहीं? इसे लेकर कुछ ऐसे संकेत बताए गए हैं, जो बताते हैं कि पूर्वज प्रसन्न हो गए हैं.
द्वादशी तिथि के श्राद्ध को संन्यासी श्राद्ध क्यों कहा जाता है, इस तिथि के श्राद्ध का क्या महत्व है, कुतुप-रौहिण मुहूर्त के साथ ही इस दिन अपराह्न काल क्या रहने वाला है? आइए इस लेख में ये सभी जानकारियां हासिल करें.
Pitru Paksha 2026: फल्गु, गंगा समेत कुछ चुनिंदा पवित्र नदियों के बारे में इस लेख में विस्तार से जानेंगे जिनके तट पर श्राद्ध-पिंडदान कर्म करने से 7 पीढ़ियों के पितर तृप्त होंते हैं और उनके लिए मोक्ष का द्वार खुलने लगता है.
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में एकादशी श्राद्ध का विशेष महत्व है. इस तिथि पर पितृ का श्राद्ध करने से उन्हें नरक से मुक्ति मिलती है. इसका साथ ही श्राद्ध करने वाले वंशजों को ऋषियों का आशीर्वाद मिलता है.
Dashami Shradh Paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में दशमी के श्राद्ध का बड़ा महत्व है. इस तिथि पर किन पितृ का श्राद्ध करने का विधान है और तर्पण की पूरी विधि क्या है? आइए इस लेख में विस्तार से जानें.
अगर आपके भी आस-पास श्राद्ध पक्ष में कौवा नहीं मिल रहा है तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. शास्त्रों में कहा गया है कि गाय, कुत्ते, चींटियों और पक्षियों को भोजन कराने से भी पितरों को तृप्ति मिलती है.
Baby Born In Pitru Paksha Personality: पितृपक्ष में जन्मे बच्चों को बहुत भाग्यशाली माना गया है. ये लोग एक विशेष लक्ष्य के साथ धरती पर आकर अपना काम पूरा करते हैं. इस पर पितृ का विशेष आशीर्वाद होता है.
सर्वपितृ अमावस्या पर अगर 7 अचूक उपाय कर लें तो पितृ दोष दूर हो सकता है. आइए इस लेख में जानें कुछ प्रभावशाली उपाय जिससे पितृ प्रसन्न हो सकते हैं.
3 अक्टूबर, रविवार को मातृ नवमी का श्राद्ध है. इस दिन किन पितृ का श्राद्ध कर्म किया जाता है और तर्पण के लिए सबसे उत्तम समय क्या होने वाला है. आइए इस बारे में विस्तार से इस लेख में जानें.
गयाजी का पितृ पक्ष मेला अंतरराष्ट्रीय हो गया है. यहां पर रूस, जर्मनी और इटली समेत कई देशों के 48 विदेशी श्रद्धालुओं ने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया. पिंडदान करने बर्लिन से दूसरी बार पहुंची एलेक्जेंड्रा ने कहा कि गया जैसा आध्यात्मिक अनुभव कहीं नहीं है.
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कौवे को यमराज और पितरों का संदेशवाहक माना जाता है, इसलिए उन्हें भोजन कराने से सीधे पितरों की आत्मा तृप्त होती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है.
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में अष्टमी तिथि पर किन दिवंगतों का श्राद्ध किया जाता है, इस दिन तर्पण के लिए कुतुप-रौहिण मुहूर्त क्या है और किस विधि से तर्पण करें? आइए इस बारे में जानें?
Pitru Paksha 2026 Niyam: पितृ पक्ष में पूर्वजों के निमित्त तर्पण करते समय अगर शुभ मंत्रों का जाप करें तो पितृ संतुष्ट होते हैं. जल अर्पित करते समय सही विधि, नियम और मंत्रों का ध्यान रखें तो पितृ दोष दूर होता है.
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष की पंचमी तिथि पर गया जी में देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु रुद्रपद, ब्रह्मपद और विष्णुपद वेदियों पर पिंडदान कर रहे हैं. पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था देखने को मिल रही है.