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पीछा नहीं छोड़ रहा पूर्वजों का श्राप? सर्वपितृ अमावस्या पर लगा लें ये 3 पौधे, मिलेगा पूर्वजों का आशीर्वाद

सर्वपितृ अमावस्या पर शमी, तुलसी और अशोक के पौधे लगाने से कई पीढ़ियों का पितृ दोष दूर होता है. इस खबर में इन पौधों को लगाने के सही नियम और धार्मिक फायदों के बारे में बताएंगे.

पीछा नहीं छोड़ रहा पूर्वजों का श्राप? सर्वपितृ अमावस्या पर लगा लें ये 3 पौधे, मिलेगा पूर्वजों का आशीर्वाद

पितृ पक्ष का समय चल रहा है. जिसमें अमावस्या तिथि का खास महत्व होता है. इसे सर्वपितृ अमावस्या या महालया अमावस्या कहा जाता है.     

अमावस्या तिथि के दिन ही परिवार के सभी मरे हुए पूर्वजों का एक साथ श्राद्ध, तर्पण और विदाई दी जाती है. अगर कोई किस वजह से अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि पर श्राद्ध न कर पाया हो, तो इस दिन तर्पण कर सकता है.

इस साल ये शुभ तिथि 10 अक्टूबर को पड़ रही है. धार्मिक मान्यताओं की मानें तो इस दिन घर में कुछ खास पौधे लगाने से 8 पीढ़ियों से चला आ रहा भारी पितृ दोष भी खत्म हो जाता है.

घर के मेन गेट पर लगाएं शमी का पौधा

हम सभी जानते हैं कि शमी का पौधा हिंदू धर्म में बहुत ही पवित्र और फलदायी होता है. इसका कनेक्शन न्याय के देवता शनिदेव से है.

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक सर्वपितृ अमावस्या के दिन शमी का पौधा घर के मेनगेट के बाहर लगाना सबसे बेस्ट होता है.

ये घर की नेगेटिव एनर्जी को पॉजटिव में बदल देता है. अमावस्या तिथि के दिन इसे लगाने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है.

इसके लगातार पूजन से परिवार पर हमेशा पितरों का आशीर्वाद बना रहता है और पैसों की कमी दूर होती है.

तुलसी का पौधा लगाने से टल जाएंगे घर पर आने वाले बड़े संकट

तुलसी के पौधे का स्थान सबसे ऊपर माना गया है. सर्वपितृ अमावस्या के दिन घर में नया तुलसी का पौधा लगाना बहुत शुभ और फलदायी होता है.

अगर आपके आंगन में पहले से तुलसी का पौधा मौजूद है, तब भी इस तिथि पर एक नया गमला लाकर पौधा जरूर लगाएं.

ऐसा करने से घर में जमा पुराना पितृ दोष और गृह क्लेश हमेशा के लिए दूर हो जाते हैं.

पौधे को लगाने के बाद उसमें साफ जल अर्पित करें और रोज शाम को घी का दीपक जलाएं. इससे आपके घर की खुशियों को किसी की नजर नहीं लगेगी.

अशोक का पौधा कटवाएगा पितृ दोष

अशोक के पेड़ को नाम में ही शोक है यानी जो दुखों को हर लेता है. ज्यादातर लोग इसके पत्तों का इस्तेमाल पूजा-पाठ में तोरण बनाने और सजावट के लिए करते हैं.

लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि ये पौधा पितृ दोष से मुक्ति दिलाने में बेहद कारगर है. सर्वपितृ अमावस्या के दिन घर के बाहर या बगीचे में अशोक का पौधा लगाने से कई पीढ़ियों के दोष खत्म हो जाते हैं.

यदि आपके घर में इसे लगाने की जगह नहीं है, तो आप इसे किसी नजदीकी मंदिर या पार्क में भी लगा सकते हैं.

बना रहता है पॉजटिव माहौल

शास्त्रों के अनुसार सर्वपितृ अमावस्या के दिन लगाए गए इन पौधों की सेवा करने से पितर खुश होकर वैकुंठ लौटते हैं.

जब आप इन पौधों में पानी डालते हैं और इनकी देखभाल करते हैं, तो इसका अच्छा प्रभाव पूरे साल आपके परिवार पर दिखता है.

घर के सदस्यों की आगे बढ़ने के रास्ते खुलने लगते हैं और बीमारियां दूर भागती हैं.

पितृ दोष के कारण शादी-विवाह या संतान प्राप्ति में आ रही रुकावटें भी धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं. यह एक छोटा सा उपाय आपके जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है.

पौधों की सही देखभाल

पौधा लगाने भर से काम पूरा नहीं होता है. आपको इन पौधों का ध्यान भी उतना रखना पड़ेगा. पौधे लगाने के बाद रोज सुबह जल चढ़ाना चाहिए.

जल चढ़ाते समय अपने पूर्वजों का मन ही मन ध्यान करें. पौधों के आसपास हमेशा सफाई बनाए रखें और वहां कूड़ा-कचरा न इकट्ठा होने दें.

तुलसी और शमी के पौधे के पास शाम को दिया जलाने से घर में महालक्ष्मी का वास होता है. 
(Disclaimer): यह लेख हिंदू धर्मशास्त्रों, ज्योतिषीय मान्यताओं और धार्मिक ग्रंथों में दी गई जानकारियों पर आधारित है.

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About the Author

Harsh Singh

Harsh Singh

हर्ष सिंह जी न्यूज डिजिटल में एक अनुभवी और धारदार शैली के पत्रकार हैं. उन्होंने मार्च 2024 में जी न्यूज जॉइन किया था. वर्तमान में हर्ष धर्म और ज्योतिष से जुड़ी खबरों की खास कवरेज कर रहे हैं. वे देश-दुनिया के धार्मिक आयोजनों, अध्यात्म और ज्योतिषीय गणनाओं से जुड़े जरूरी अपडेट्स दर्शकों तक पूरी सटीकता के साथ पहुंचाते हैं. हर्ष को उनकी फैक्ट-आधारित और भरोसेमंद लेखन शैली के लिए जाना जाता है.बनारस के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट-ग्रेजुएशन करने वाले हर्ष अपनी पूरी ऊर्जा और समझ के साथ धर्म-कर्म और ऐस्ट्रो की दुनिया के खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं.अगर आप हर्ष सिंह से संपर्क करना चाहते हैं या उनसे जुड़ा कोई सुझाव साझा करना चाहते हैं, तो उन्हें इस ईमेल आईडी पर लिख सकते हैं: Harsh.singh@India.com
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