Pitru Paksha 2026 Niyam: धार्मिक मान्यता है कि विधिपूर्वक श्राद्ध व तर्पण करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है. लेकिन श्राद्ध कर्म पूरा होने के बाद कुछ नियमों का पालन करना भी बहुत जरूरी होता है. आइए जानते हैं श्राद्ध और तर्पण के बाद कौन से 4 काम नहीं करने चाहिए.
Shraddha Karm Samagri: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ अपने लोक से पितृ पक्ष में आते हैं और अपने परिवार के बीच रहकर उन्हें आशीर्वाद देते हैं. पितृ अपने वंशजों से तर्पण ग्रहण कर तृप्त होते हैं. श्राद्ध कर्म, तर्पण और पिंडदान के लिए किन सामग्री का होना जरूरी हैं? आइए इस बारे में जानें.
Pitru Paksha 2026: गयाजी में 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक पितृपक्ष मेला चलेगा. जो श्रद्धालु गयाजी पहुंचकर पिंडदान नहीं कर सकते, उनके लिए बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम (BSTDC) ने ऑनलाइन पिंडदान की सुविधा शुरू की है.
Pitru Paksha 2026: कुछ सब्जियां भूलकर भी पितरों के भोजन में न शामिल करें. वरना पितरों को तृप्त नहीं मिलेगी और ये भी हो सकता है कि पितर नाराज हो जाएं. आइए जानें ये सब्जियां कौन सी है.
इस खबर में पितृपक्ष में तर्पण के दौरान काले तिल के इस्तेमाल का धार्मिक और पौराणिक रहस्य. समझिए कैसे भगवान विष्णु से जुड़े काले तिल के बिना पितरों का तर्पण अधूरा रहता है और ये पितृ दोष मिटाने में मदद करता है.
Pitru Paksha 2026 Ke Niyam: पितरों के श्राद्ध कर्म के तुरंत बाद किन 5 कामों को करने की मनाही होती है, इस बारे में आइए विस्तार से जानें ताकि पितृ नाराज न हों और अपनी कृपा घर पर बनाए रखें.
पितृ पक्ष के दौरान मन और शरीर को शांत रखने के लिए तर्पण और श्राद्ध के दिनों में तामसिक भोजन, तीखे-मसालेदार खाने और घर के कलह-क्लेश से दूर रहने की सलाह दी जाती है.
बिहार के गयाजी में पितृपक्ष मेले की तैयारियां चल रही हैं. देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हर तरह की सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है. श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो, यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है.
इस खबर में पितृ पक्ष के तर्पण और श्राद्ध में कुशा का धार्मिक महत्व के बारे में डिटेल से जानेंगे. समझिए क्यों गरुड़ पुराण के अनुसार कुशा धारण कर जल देना जरूरी है.
Importance of Pind Daan in Gaya: पितृपक्ष में जब भी पिंडदान की बात आती है तो एक ही जगह का नाम दिमाग में आता है और वो है बिहार राज्य का गया शहर. जब पर पिंडदान करने का विशेष महत्व है लेकिन ऐसा क्यों? आइए जानें.
हिंदू धर्म में मृत्यु के बाद होने वाले तेरहवीं संस्कार पर ब्राह्मणों को चटाई, लोटा और अनाज देने की परंपरा क्यों है? जानें इसके पीछे का धार्मिक महत्व और इनके पितरों से संबंध की मान्यता.
गयाजी और पटना में पितृ पक्ष मेले की तैयारियां जारी है. देश-विदेश से लाखों तीर्थयात्रियों और श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए, मुख्य सचिव ने सभी इंतजाम समय पर पूरे करने के निर्देश दिए हैं.
Pitru Paksha 2026: जल्द ही पितृ पक्ष शुरू होने वाला है ऐसे में आइए विस्तार से जान लें कि जाने-अनजाने की गईं कौन सी 5 गलतियों से पितृ दोष लग सकता है और इस दोष के निवारण के लिए क्या कर सकते हैं.