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पितृपक्ष मेला के लिए गयाजी तैयार: 2,500 बेड वाली आधुनिक टेंट सिटी, 44 आवासन स्थलों में 12,070 लोगों के ठहरने की व्यवस्था

बिहार के गयाजी में पितृपक्ष मेले की तैयारियां चल रही हैं. देश और विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए हर तरह की सुविधा का ध्यान रखा जा रहा है. श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न हो, यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है.

पितृपक्ष मेला के लिए गयाजी तैयार: 2,500 बेड वाली आधुनिक टेंट सिटी, 44 आवासन स्थलों में 12,070 लोगों के ठहरने की व्यवस्था
Image Credit: पितृपक्ष मेला 2026 (File Photo)

गयाजी: बिहार के गयाजी में 25 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला 2026 को लेकर जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए बड़ी तैयारियां की हैं. गांधी मैदान में कुंभ मेला की तर्ज पर करीब 2,500 बेड की क्षमता वाली आधुनिक टेंट सिटी तैयार की गई है. यहां श्रद्धालुओं के लिए ठहरने के साथ पेयजल, रोशनी और शौचालय जैसी सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं. इस बार श्रद्धालुओं के लिए 44 आवासन स्थल चिन्हित किए गए हैं, जहां करीब 12,070 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है. पिंडदान और तर्पण के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को आवासन, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.

जिला प्रशासन का कहना है कि सभी आवासन स्थलों पर पेयजल, चेंजिंग रूम, शौचालय, स्नानागार, पर्याप्त रोशनी, पंखे और महत्वपूर्ण दूरभाष नंबरों से संबंधित साइनेज की व्यवस्था की गई है. श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मेडिकल टीमों की प्रतिनियुक्ति की गई है, जबकि आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए फायर सेफ्टी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है. आवासन स्थलों पर 24 घंटे सफाई की व्यवस्था रहेगी. पितृपक्ष के दौरान गयाजी में देश और विदेश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. इसे देखते हुए प्रशासन ने पारंपरिक पंडा आवासों, धर्मशालाओं और होटलों के अलावा बड़े स्तर पर अस्थायी आवासन की व्यवस्था की है.

सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रमुख आवासन स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. पुलिस बल और दंडाधिकारियों की भी प्रतिनियुक्ति की गई है. जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को नियमित निरीक्षण करने तथा श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने का निर्देश दिया है.

आवासन व्यवस्था में निगमा मोनास्ट्री में सर्वाधिक 2,400, मगध विश्वविद्यालय परीक्षा भवन में 1,200, मानवीकी भवन गया कॉलेज में 800, राम रुचि बालिका इंटर विद्यालय में 520, महावीर इंटर विद्यालय में 500, टी मॉडल इंटर विद्यालय और प्लस टू हरिदास सेमिनरी विद्यालय में 400-400 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा कई विद्यालयों, धर्मशालाओं और अन्य भवनों को भी आवासन स्थल बनाया गया है.

पिंडदानियों के लिए पंडा आवास भी महत्वपूर्ण विकल्प होते हैं. कई पिंडदानी अपने पुरोहित के घर ही रुकते हैं. यहां श्रद्धालुओं को रहने के साथ पिंडदान की सामग्री, वेदी भ्रमण और उनकी भाषा के अनुरूप पुरोहित की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिल जाती है.

गयाजी और बोधगया के निजी होटल भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार हैं. बोधगया के कई होटल श्रद्धालुओं के लिए विशेष पिंडदान पैकेज और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करा रहे हैं. प्रशासन का लक्ष्य है कि पितृपक्ष मेला के दौरान गयाजी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक अनुष्ठान के साथ सुरक्षित, स्वच्छ, सुविधाजनक और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके.

-आईएएनएस

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Sunil Mishra

Sunil Mishra

इंडस्ट्री में 2 दशकों का अनुभव है तो खबरों की बाजीगरी आती है. डिजिटल मीडिया में आधे दशक हो चुके हैं. लंबे समय तक प्रिंट मीडिया में काम करना डिजिटल की दुनिया में मददगार साबित हुआ. दैनिक जागरण से शुरू हुआ सफर, अमर उजाला, हिन्दुस्तान, News Nation, ABP और India Ahead होते हुए Z Bihar Jharkhand तक पहुंचा है. बिहार और झारखंड की स्थानीय और राजनीतिक खबरों की विशेष समझ.
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