RBI ने भुवनेश्वर में ₹169 करोड़ की लागत से अपना दूसरा डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान शुरू किया है. ये नवी मुंबई स्थित सेंटर के बैकअप के तौर पर काम करेगा.
रिजर्व बैंक की तरफ से अगस्त 2026 में 43.3 बिलियन डॉलर की रिकॉर्ड खरीदारी की गई. FCNR जमा, गिरते विदेशी मुद्रा भंडार और रुपये को संभालने के लिए आरबीआई की तरफ से उठाए गए इस कदम का आखिर मतलब क्या है.
एक और बैंक की फाइनेंशियल हालात बिगड़ने पर आरबीआई ने शिकंजा कस दिया है. पुडुचेरी कोऑपरेटिव अर्बन बैंक के ग्राहकों पर केंद्रीय बैंक की तरफ से निकासी पर लिमिट तय की गई है. नए फैसले से खाताधारक काफी परेशान हैं.
सरकारी बैंकों में यदि विदेश निवेश बढ़ाने को मंजूरी मिलती है तो इससे देश के आम आदमी से लेकर इंडस्ट्रीज तक को फायदा होगा. आरबीआई की तरफ से एफडीआई लिमिट बढ़ाने पर सहमति जताई गई है.
महानवमी और दुर्गा पूजा के मौके पर देश के कई राज्यों में बैंकों का अवकाश है. इस मौके पर आरबीआई की तरफ से कुछ राज्यों में अवकाश घोषित किया गया है और कुछ में नहीं. चेक कीजिए अपने घर के पास वाली ब्रांच की डिटेल-
आरबीआई की तरफ से Emirates NBD की देश में मौजूद ब्रांच के आरबीएल बैंक में मर्जर को मंजूरी मिल गई है. यह मर्जर आने वाली 1 दिसंबर 2026 से लागू हो जाएगा. 26,000 करोड़ रुपये की इस बड़ी विदेशी बैंकिंग डील से ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
RBI Rules: रुपये में पिछले कई सत्र से जारी गिरावट को रोकने के लिए आरबीआई (RBI) की तरफ से कड़े कदम उठाए गए हैं. नॉन-डिलीवरेबल डेरिवेटिव्स (NDD) कॉन्ट्रैक्ट्स के नियमों को पहले से सख्त बनाते हुए रिजर्व बैंक ने 20% कैश रिजर्व की शर्त लागू कर दी है. इस फैसले का बाजार पर क्या असर होगा? आइए जानते हैं-
SBI कैपिटल मार्केट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, RBI इस साल रेपो रेट 75-100 बेसिस पॉइंट (0.75%-1%) तक बढ़ा सकता है, क्योंकि महंगाई और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से दबाव बना रह सकता है.
Rupee vs US Dollar: दिन पर दिन गिर रहे रुपये को संभालने के लिए आरबीआई ने तेल कंपनियों के लिए स्पेशल डॉलर विंडो खोली है. इस विंडो के जरिये तेल कंपनियों को डॉलर की सीधा उपलब्धता कराई जाएगी और हेजिंग से जुड़े नियमों को भी सख्त किया जाएगा.
Reserve Bank of India: आरबीआई की तरफ से बैंकों के लिए डेली CRR लिमिट को 90% से बढ़ाकर सीधा 99% कर दिया गया है. नया नियम 16 अक्टूबर से लागू हो जाएगा और इसका असर सीध बैंकों की लिक्विडिटी पर पड़ेगा. इससे आपको फायदा होगा या नुकसान, आइए जानते हैं.
RBI के रेपो रेट को 5.50% तक बढ़ाने के कुछ ही घंटों बाद से कई बैंकों ने अपनी लोन की ब्याज दरें बढ़ा दीं. इससे उधार लेने वालों के लिए लोन महंगे हो गए.
Paytm: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पेटीएम पेमेंट बैंक को शेड्यूल बैंकों की लिस्ट से बाहर कर दिया है. रिजर्व बैंक के इस एक्शन से पेटीएम की सर्विस और उसके कारोबार पर क्या असर होगा.
RBI ने Paytm पेमेंट्स बैंक को शेड्यूल्ड बैंकों की लिस्ट से हटा दिया है. ये कदम बैंक का लाइसेंस रद्द होने और बंद होने की प्रक्रिया के बीच उठाया गया है.
क्रिसिल के चीफ इकोनॉमिस्ट धर्मकीर्ति जोशी ने कहा है कि महंगाई के बढ़ते जोखिम के बीच RBI दिसंबर में फिर रेपो रेट बढ़ा सकता है.
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत-US ट्रेड डील नहीं होने पर टैरिफ के आधार पर अर्थव्यवस्था पर कुछ नेगेटिव असर पड़ सकता है. हालांकि, दूसरे देशों के साथ हुए ट्रेड एग्रीमेंट और एक्सपोर्ट में विविधता इस असर को कम करने में मदद कर सकती है.
Home Loan EMI: रिजर्व बैंक की तरफ से रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट का इजाफा किये जाने के बाद यह बढ़कर 5.50% हो गया है. इसमें बढ़ोतरी के बाद आपके होम लोन की ब्याज दर बढ़ना भी तय माना जा रहा है. यदि आपने भी होम लोन ले रखा है तो अब आपको हर महीने कितने रुपये ज्यादा देने होंगे, आइए जानते हैं-पूरा हिसाब.
RBI Repo Rate: रिजर्व बैंक (RBI) ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए देश की रियल GDP ग्रोथ के अनुमान को 40 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 7.1% कर दिया है. ग्लोबल तनाव और चुनौतियों के बीच इंडियन इकोनॉमी के हालात पर गवर्नर संजय मल्होत्रा ने क्या कहा?
Repo Rate: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने एमपीसी के नतीजों का ऐलान करते हुए रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट का इजाफा कर दिया. एमपीसी में लिये गए फैसले के बाद रेपो रेट 5.25 प्रतिशत से बढ़कर 5.5 प्रतिशत हो गया है.
RBI MPC की बैठक आज खत्म हो रही है और RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा रेपो रेट पर फैसला सुनाएंगे. महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों और कमजोर रुपये के बीच 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है.
RBI की 3 दिन की मौद्रिक नीति समिति (MPC) बैठक आज से शुरू हो चुकी है. इस बैठक में रेपो रेट में 0.25% बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है.
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत ब्लॉकचेन और टोकनाइजेशन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा दे रहा है. लेकिन, मॉनेटरी सॉवरेनिटी और पॉलिसी से जुड़ी चिंताओं के कारण क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सतर्क है.
US Dollar vs Rupee: 25 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 18 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा गिरकर 757 अरब डॉलर रह गया. रुपये आ रही गिरावट को रोकने के लिए आरबीआई की तरफ से लगातार डॉलर की बिक्री की जा रही है. इस गिरावट का असली कारण और इकोनॉमी पर इसका क्या असर होगा?