RBI May Raise Repo Rate in Current Cycle : आर्थिक मोर्चे पर एक के बाद एक बड़ी खबर देखने को मिली रही है. अब SBI कैपिटल मार्केट्स की एक रिपोर्ट में बड़ा अपडेट सामने आया है. SBI कैपिटल मार्केट्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक इस साल रेपो रेट में 75 से 100 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी कर सकता है.
इस साल रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, रेपो रेट में 75-100 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी कर सकता है. उम्मीद है कि अगले फाइनेंशियल ईयर में महंगाई कम होने से पहले ये ऊंचे स्तर पर बनी रहेगी. SBI कैपिटल मार्केट्स ने कहा कि दरों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी की संभावना है. हालांकि, सितंबर और अक्टूबर के महंगाई के आंकड़ों के आधार पर दिसंबर 2026 में बड़ी बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता.
रिपोर्ट में कहा गया है कि मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी द्वारा रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी और उसके रुख में 'न्यूट्रल' से 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' (सोच-समझकर सख्ती) की ओर बदलाव, महंगाई को काबू में करने पर ज्यादा जोर देने का संकेत है. उम्मीद है कि ग्रोथ और महंगाई के बीच संतुलन बनने के साथ ही FY28 की पहली तिमाही में पॉलिसी का रुख बदल जाएगा. इसकी भी उम्मीद है कि कंज्यूमर महंगाई FY27 की तीसरी तिमाही में टॉप पर होगी, जबकि अनुकूल बेस इफेक्ट के कारण मार्च 2027 से होलसेल प्राइस इन्फ्लेशन (थोक महंगाई) में कमी आ सकती है.
रिपोर्ट के अनुसार, Q1FY28 के बाद कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन के साल-दर-साल 5 प्रतिशत से नीचे रहने की संभावना है.
हालांकि, भारत की आर्थिक ग्रोथ मजबूत बनी हुई है. Q1FY27 में रियल ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट (GDP) में साल-दर-साल 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. ये बाजार के 7.1 प्रतिशत के अनुमान से अधिक है. इस तिमाही के दौरान मैन्युफैक्चरिंग में 9.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन 11.9 प्रतिशत बढ़ा है. हालांकि, ब्रोकरेज ने FY27 की दूसरी छमाही में खपत (कंजम्पशन) से जुड़े जोखिमों की ओर इशारा किया. इसमें लोन लेने की बढ़ती लागत, ग्रामीण इलाकों में कमजोर डिमांड और खरीफ की कमजोर बुआई शामिल हैं.
रिपोर्ट में ये भी चेतावनी दी गयी है कि लंबे समय तक चलने वाले जियोपॉलिटिकल टकराव और कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास रहने से लागत का दबाव बना रह सकता है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि कैलेंडर ईयर 2026 में बेंचमार्क 10-साल के सरकारी बॉन्ड यील्ड में लगभग 70 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी हुई है. जियोपॉलिटिकल तनाव कम होने और महंगाई का दबाव घटने तक यील्ड के ऊंचे बने रहने की संभावना है.
SBI कैपिटल मार्केट्स की रिपोर्ट के मुताबिक, उम्मीद है कि ऊंची ब्याज दरें निकट भविष्य में बैंकों के मार्जिन को सपोर्ट करेंगी. हालांकि, FY27 के आखिर तक नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ धीरे-धीरे धीमी हो सकती है. SBI कैपिटल मार्केट्स को उम्मीद है कि FY27 बैंकों के लिए अच्छा रहेगा, जबकि FY28 में बॉन्ड में निवेशकों की दिलचस्पी फिर से बढ़ सकती है.
रिपोर्ट में ग्लोबल अनिश्चितता का भी जिक्र किया गया है. इसमें एडवांस्ड इकोनॉमीज में बढ़ती यील्ड और बाजारों से कैपिटल आउटफ्लो वित्तीय दबाव को बढ़ा रहे हैं.