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अगर भारत-US ट्रेड डील नहीं होती है तो अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा? RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने दिया ये जवाब

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत-US ट्रेड डील नहीं होने पर टैरिफ के आधार पर अर्थव्यवस्था पर कुछ नेगेटिव असर पड़ सकता है. हालांकि, दूसरे देशों के साथ हुए ट्रेड एग्रीमेंट और एक्सपोर्ट में विविधता इस असर को कम करने में मदद कर सकती है.

Written ByGaurav Singh
Published: Oct 07, 2026, 04:02 PM IST|Updated: Oct 07, 2026, 04:32 PM IST
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अगर भारत-US ट्रेड डील नहीं होती है तो अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा? RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने दिया ये जवाब

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    Gaurav Singh

    Gaurav Singh

    जी न्यूज में सीनियर सब-एडिटर हैं और वर्तमान में बिजनेस व फाइनेंशियल न्यूज कवर करते हैं.  देश की राजनीति से लेकर दुनिया के बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों और घटनाओं को कवर कर चुके हैं  पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो UPTU से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया है. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले गौरव ने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल मीडिया से की और पिछले 6 वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. आप गौरव सिंह से Gaurav.Singh@India.Com पर ईमेल के जरिए सीधे जुड़ सकते हैं. 
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    India-US Trade Deal : भारत-US ट्रेड डील को लेकर RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बड़ा बयान दिया है. RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने बुधवार को कहा कि अगर भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील सफल नहीं होती है, तो हाल ही में किए गए और पाइपलाइन में मौजूद अन्य देशों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट संभावित US टैरिफ के नेगेटिव असर को कम करने में मदद करेंगे.

    जब गवर्नर संजय मल्होत्रा से पूछा गया कि अगर भारत-US ट्रेड डील फाइनल नहीं होती है तो अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा? तो मल्होत्रा ​​ने कहा, 'असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कितना टैरिफ लगाया जाता है. इसलिए अभी इसका जवाब देना जल्दबाजी होगी, लेकिन जाहिर है इसका कुछ नकारात्मक असर तो होगा ही.

    मॉनेटरी पॉलिसी के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में मल्होत्रा ​​ने कहा,  'हाल के समय में हमने कई ट्रेड एग्रीमेंट किए हैं. उनमें से कुछ लागू हो चुके हैं, जबकि कुछ अभी पाइपलाइन में हैं. साथ ही, इंडस्ट्री ने अपने एक्सपोर्ट में विविधता भी लाई है.' उन्होंने कहा कि इसलिए अगर कुछ सेक्टर पर अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाता है, तो ये सभी चीजें उसके असर को कम करेंगी.'

    मल्होत्रा ​​की ये बातें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के उस बयान के कुछ दिनों बाद आई हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत-US द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत अटकी हुई है और चर्चा 'एक लेवल पर आकर रुक गई है.'

    किस स्थिति में है भारत-US ट्रेड डील की बातचीत?

    सीतारमण की ये बातें US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) जेमिसन ग्रीर के उस संकेत के कुछ दिनों बाद आईं जिसमें उन्होंने कहा था कि एग्रीमेंट अभी दूर है. कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल के साथ बैठक के बाद उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि कुछ तुरंत होने वाला है, लेकिन हमने उन चीजों की पहचान कर ली है जिन पर मतभेद हैं. हम उन पर पूरी लगन से काम कर रहे हैं.'

    PM मोदी और ट्रंप की बातचीत

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और US प्रेसिडेंट ट्रंप ने भी पिछले हफ्ते फोन पर बातचीत के दौरान द्विपक्षीय व्यापार के साथ-साथ डिफेंस, एनर्जी और अन्य मुद्दों पर चर्चा की थी. इस बीच सीतारमण ने कहा था कि समझौते को लेकर बातचीत अभी भी चल रही है. हालांकि हमें लगता है कि दोनों पक्ष एक ऐसे स्तर पर पहुंच  गए हैं जहां से आगे कुछ भी लेना-देना बहुत मुश्किल हो सकता है.'

    सीतारमण ने कहा था कि अमेरिका भारत के साथ अपने व्यापार घाटे को कम करने की कोशिश करेगा. ये पिछले साल $34 बिलियन था, जबकि 2024-25 में ये $41 बिलियन था. ये अंतर और कम हो सकता है क्योंकि भारत ने अमेरिका से एनर्जी की खरीद बढ़ा दी है.

    व्यापार समझौते पर बातचीत जारी

    भारत और अमेरिका के अधिकारी व्यापार समझौते पर बातचीत जारी रखे हुए हैं और उन्होंने बार-बार संकेत दिया है कि बातचीत पूरी होने के करीब है. अमेरिका कम टैरिफ के जरिए भारत में अपने कृषि उत्पादों के लिए अधिक पहुंच की मांग कर रहा है. हालांकि , रूसी तेल के आयात पर 100% तक ड्यूटी लगाने की अनुमति देने वाला हालिया कानून बातचीत में एक और बाधा के तौर पर देखा जा रहा है.

    किसी भी स्थिति में समझौता तभी अंतिम रूप ले सकता है जब भारत सरकार को इस बात की स्पष्टता हो कि उसके निर्यात पर कितना अतिरिक्त टैरिफ लगाया जा सकता है. फिलहाल, USTR ने 50 से अधिक देशों पर 10-12.5% ​​की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई है. 

    फरवरी में भारत और अमेरिका के बीच एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर सहमति बनी थी. इसके तहत ट्रंप प्रशासन ने भारतीय निर्यात पर अतिरिक्त 18% टैरिफ लगाया था.

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    TAGS:
    RBI