इस खबर में हम बिहार के बिहटा में स्थित 400 साल पुराने वन देवी मंदिर रहस्य के बारे में जानेंगे. साथ ही क्यों सूर्यास्त के बाद यहां रुकना मना है और बॉलीवुड फिल्म द वान से इसका क्या कनेक्शन है ये भी बताएंगे.
इस खबर में हम जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में स्थित मचैल माता मंदिर में जानेंगे. जहां माता अपने आभूषण को हिलाकर आशीर्वाद देती हैं.
Hindu Temple Rituals: आखिर रात के समय मंदिर के कपाट क्यों बंद किए जाते हैं, क्या है इसके पीछे का सही कारण और क्या हमारे भगवान भी हमारी तरह सोते हैं? आइए इस लेख में विस्तार से जानेंगे.
राजस्थान के नाथद्वारा में स्थित श्रीनाथजी मंदिर में 7 वर्षीय बाल-कृष्ण की 8 प्रहर सेवा होती है. इस खबर में 1672 ईस्वी के इतिहास, मटकी के राज और शयन दर्शन की कथा के बारे में बताएंगे.
हिंदू मंदिरों के प्रवेश द्वार पर गदा-त्रिशूल लिए खड़े द्वारपाल कौन होते हैं? इस खबर में जय-विजय की पौराणिक कथा, अग्नि पुराण के नियम और उनके वास्तु महत्व के बारे में जानेंगे.
राजस्थान के प्रतापगढ़ स्थित गौतमेश्वर महादेव मंदिर में खंडित शिवलिंग की पूजा होती है. इस स्टोरी में हम मंदिर की जानकारी, मंदाकिनी कुंड और 11 रुपये में पाप मुक्ति प्रमाण पत्र मिलने के पूरे सच के बारे में डिटेल से जानेंगे.
हिमाचल के सोलन में स्थित 122 फीट ऊंचे जटोली शिव मंदिर में पत्थरों को छूने पर डमरू की आवाज आती है. इस खबर में स्फटिक शिवलिंग और चमत्कारी जल कुंड के पूरे इतिहास के बारे में जानेंगे.
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को बनाने के दौरान निकला कुंभ महादेव मंदिर अपने कमाल के नक्काशी और इतिहास के लिए जाना जाता है. इस खबर में इस मंदिर के इतिहास और धार्मिक मान्यताओं का बारे में जानेंगे.
पलामू के मेदिनीनगर स्थित 61 साल पुराने दक्षिणेश्वर काली मंदिर में मां कालरात्रि विराजमान हैं. इस खबर में हम आपको बताएंगे कि क्यों नई गाड़ी की पहली पूजा कराने के लिए लोग इस मंदिर आते हैं.
वाराणसी के दारानगर स्थित मृत्युंजय महादेव मंदिर का धार्मिक महत्व बहुत खास है. मंदिर के पुराने कुएं का पानी जमीन के अंदर बहने वाली कई अलग-अलग पानी की धाराओं से मिलकर बना है.जो बीमारियों को दूर करने के लिए अचूक माना जाता है.
तमिलनाडु के दारासुरम में स्थित 12वीं सदी का ऐरावतेश्वर मंदिर अपनी गजब के वास्तुकला और संगीतमय सीढ़ियों के लिए जाना जाता है. इस खबर में जानेंगे कि इस यूनेस्को धरोहर के इतिहास और इसके बनने की पूरी कहानी क्या है.
तेलंगाना के हैदराबाद में स्थित चिलकुर बालाजी मंदिर अपनी अनोखी परंपराओं के लिए जाना जाता है. यहां भक्त विदेश यात्रा और वीजा की अर्जी लगाने आते हैं और 108 परिक्रमा कर मन्नत मांगते हैं.
जोमैटो के फाउंडर दीपिंदर गोयल जल्द ही एक अनोखा गैजेट Temple लॉन्च करने वाले हैं. माथे पर चिपकने वाले इस हेल्थ डिवाइस को लेकर यूथ के मन में ढेरों सवाल हैं, जिनका दीपिंदर गोयल ने खुद Q&A में जवाब दिया है. जानिए पूरी जानकारी.
गंगोत्री धाम उत्तराखंड का प्रमुख तीर्थ स्थल है. इस खबर में 18वीं सदी में बने इस मंदिर का इतिहास, पास में स्थित हर्षिल और गोमुख जैसी सुंदर जगहें और पहुंचने के पूरे रास्ते के बारे में बताएंगे.
उदयपुर अपने झीलों के साथ-साथ प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के लिए भी जाना जाता है. इस स्टोरी में केसरियाजी और ईडाना माता मंदिर से जुड़ी अनोखी मान्यताएं और मेवाड़ी संस्कृति के बारे में बताएंगे जहां आप घूमने जाने का प्लान बना सकते हैं.
मध्य प्रदेश के मुरैना में स्थित चौसठ योगिनी मंदिर भारत का सबसे रहस्यमयी तांत्रिक केंद्र माना जाता है. इस खबर में इसके 700 साल पुराने इतिहास और संसद भवन के डिजाइन से इसके जुड़े पूरी कहानी के बारे में डिटेल से जानेंगे.
Surkanda Devi Mandir: उत्तराखंड के सुरकुट पर्वत पर स्थित एक मंदिर जो 51 शक्तिपीठ में से एक है. यहां पर माता सती का शीश गिरा था. यहां पर मिलने वाला प्रसाद भी सबसे अनोखा है. आइए मातारानी के इस शक्तिपीठ के बारे में इस लेख में विस्तार से जानें.
नवरात्रि में श्री माता वैष्णो देवी जाने वाले दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए श्राइन बोर्ड ने फ्री घोड़ा और बैटरी कार सेवा शुरू की है. जानिए इस सुविधा का लाभ कैसे उठाएं.
गुजरात के मेहसाणा में स्थित मोढेरा सूर्य मंदिर 1000 साल पुराना है. ये मंदिर बिना चूने के बना है और अपनी खास मरु-गुर्जर शैली के साथ-साथ सुबह सूर्य की पहली किरण सीधे पड़ने की वजह से जाना जाता है.
Mysteries of Kashi: काशी के 5 अद्भुत रहस्य जो किसी को भी चौंका सकते हैं, ऐसे रहस्य जो काशी को दुनिया के अन्य सभी शहरों से अलग बनाते हैं, इन्हीं के बारे में हम इस लेख में विस्तार से जानेंगे.
महाराष्ट्र के नासिक स्थित त्र्यंबकेश्वर धाम में दुनिया की अकेली 3-दिवसीय नारायण नागबलि पूजा की जाती है. इस स्टोरी में कुशावर्त कुंड, पेशवाकालीन इतिहास और पितृ दोष मुक्ति के नियम के बारे में डिटेल से जानेंगे.
Brahm Kapal Teerth Katha: उत्तराखंड के चमोली में एक ऐसा तीर्थ है जो बद्रीनाथ धाम के पास ही स्थित है, यह है ब्रह्मकपाल तीर्थ जिसका संबंध शिव जी, ब्रह्मा जी पितरों और पांडवों से है. आइए इस तीर्थ के बारे में और इसकी कथा विस्तार से जानें.