Durga Visarjan 2026: शारदीय नवरात्र समाप्त हो गई हैं और दशहरा पर मां दुर्गा को ससम्मान विदाई दी जाएगी. इस बार मातारानी चरणायुध (मुर्गा) वाहन पर सवार होकर प्रस्थान कर रही हैं, जिसे अच्छा नहीं माना जाता है.
आज नवरात्र का नौवा दिन है, नवमी तिथि पर मां सिद्धिदात्री की पूजा करने का विधान है. माता सिद्धिदात्री की पूजा में यह आरती करें, मंत्र और स्तुति पढ़ें. साथ ही मां सिद्धिदात्री की कथा और चालीसा पढ़ें. इससे पूजा का पूरा फल मिलने की मान्यता है.
नवरात्र की नवमी पर मां दुर्गा के माता सिद्धिदात्री रूप की पूजा की जाती है. श्रद्धालु नवमी तिथि पर माता की उपासना कर कार्य में सफलता का आशीर्वाद पाते हैं. इस दिन हवन किया जाता है और कन्या पूजन भी किया जाता है.
Navratri Hawan Ash Uses: नवरात्र के हवन का पूरा फल चाहिए तो इसके राख से जुड़े कुछ विशेष उपाय कर सकते हैं. ऐसे उपाय जिन्हें करते ही घर से लेकर जीवन में सकारात्मकता का संचार हो सके और मां दुर्गा का आशीर्वाद हर किसी पर बना रहे.
नवरात्रि में डांडिया खेलने के लिए नए कपड़े और जूलरी खरीदना आम बात है. लेकिन क्या कोई त्योहार खत्म होने के बाद पहने हुए कपड़े वापस भी कर देता है? सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने इसी सवाल को लेकर बहस छेड़ दी है. इसमें एक जगह बड़ी संख्या में पार्सल जमा दिखाई दे रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि ये नवरात्रि और डांडिया के लिए खरीदे गए कपड़ों और एक्सेसरीज के रिटर्न हैं.
शारदीय नवरात्र समापन की ओर हैं, अष्टमी-नवमी के कन्या पूजन की तारीख, समय और विधि को लेकर सभी जरूरी बातें जान लें. साथ ही दशमी के दिन नवरात्र व्रत का पारण कब-कैसे करें, इसके भी नियम जान लेना चाहिए.
नवरात्र की अष्टमी तिथि पर मां महागौरी की पूजा की जाती है. हालांकि इस साल अष्टमी कब है, इसे लेकर भी लोगों में काफी उलझन है. जानें सही तारीख और माता महागौरी का मंत्र, आरती, कथा, चालीसा.
शारदीय नवरात्र के आठवें दिन मां महागौरी की उपासना करने की विधि क्या है, अष्टमी तिथि पर किस विधि से कन्या पूजन करें और इस दिन का शुभ मुहूर्त क्या है? आइए इस लेख में विस्तार से जानें.
नवरात्र पर्व का समापन हर घर में कन्या पूजन से ही होता है. पर कभी सोचा है कि ये परंपरा कहां से आई और किसने पहली बार कन्या पूजन किया था? साथ ही इसके लिए अष्टमी-नवमी तिथि ही क्यों चुनी गई.
काल और अंधकार का अंत करने वाली मां कालरात्रि की पूजा नवरात्र की सप्तमी तिथि पर करने का विधान है. नवरात्र के सातवे दिन ग्रे कलर के कपड़े पहनकर पूजा करना शुभ माना गया है.
Navratri 7th day 2026, मां कालरात्रि की पूजा नवरात्रि के सातवें दिन होती है. मां कालरात्रि को समर्पित इस तिथि पर किस विधि से पूजा करें, शुभ मुहूर्त और मां का प्रिय भोग क्या है. आइए जानें.
Kaal Bhairav Puja significant: कई परिवारों में मां दुर्गा की पूजा के साथ ही काल भैरव की पूजा भी की जाती है. आइए यहां जानें कि काल भैरव का शक्तिपीठ से क्या संबंध है और कैसे शिव जी के इस उग्र रूप का जन्म हुआ?
Vijayadashami shastra Puja 2026: दशहरे पर शस्त्र पूजा की परंपरा बहुत पुरानी है. इस दिन पूरे विधि-विधान और सम्मान भाव के साथ शस्त्रों की पूजा की जाती है. आइए इस लेख में विस्तार से जानें कि आखिर शस्त्र पूजा की परंपरा का क्या महत्व है और इसका रामायण-महाभारत से क्या संबंध है.
दशहरा 2026 का पर्व इस साल 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा. इस पर्व को लेकर धार्मिक मान्यता है कि दशहरे से पहले अगर घर में कुछ शुभ पौधों को लगाएं तो घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है. आइए जानें ये पौधे कौन-से हैं.
Maa Durga Names for Baby Girl: नवरात्र पर बेटी का जन्म हुआ है तो उसके लिए सुंदर नाम चुन सकते हैं जोकि मां दुर्गा और शक्ति से प्रेरित हों. आइए कुछ खूबसूरत, प्यारे और विशेष नामों पर एक नजर डालें.
शारदीय नवरात्र के छठे दिन देवी दुगा के मां कात्यायनी रूप की पूजा करने का विधान है. इस दिन पूजा किस विधि से करें, पूजा का शुभ समय क्या है? इस बारे में जानेंगे साथ ही मां कात्यायनी के स्वरूप और उनके प्रिय भोग के बारे में जानकारी हासिल करेंगे.
Shardiya Navratri 2025 Havan Samagri List: नवरात्र में हवन का विशेष महत्व बताया गया है. कुछ घरों में हवन अष्टमी तिथि पर तो कुछ घरों में नवमी तिथि पर करने का विधान है. हवन बिना किसी बाधा के पूर्ण हो सके और इसकी सकारात्मकता पूरे घर में फैले इसके लिए आइए जानें हवन सामग्री की लिस्ट.
Durga Puja 2026 Kab Se kab Tak: बंगाली समाज में दुर्गा पूजा केवल पर्व नहीं बल्कि एक ऐसा उत्सव है जिसमें बेटी यानी मां दुर्गा का मायके में आगमन होता है. मां दुर्गा का भव्य स्वागत कर भक्त उसकी उपासना करते हैं, नृत्य करते हैं और पारंपरिक अनुष्ठान किया जाता है.
Devi Chhinnamasta Mystery: मां छिन्नमस्ता के स्व-शीश काटने की क्या पौराणिक कथा है और उनके उग्र स्वरूप का आध्यात्मिक अर्थ क्या है? बलिदान-त्याग के गहरे रहस्य को आइए इस लेख में विस्तार से जानेंगे.
नवरात्र के पांचवे दिन देवी स्कंदमाता की पूजा की जाती है, जो कि भगवान कार्तिकेय की मां हैं. स्कंदमाता के एक हाथ में कार्तिकेय बालरूप में विराजित रहते हैं. आज पूजा में स्कंदमाता की आरती करें, उनके मंत्र, चालीसा और कथा जरूर पढ़ें.
Navratri 5th Day 2026: मां स्कंदमाता की पूजा नवरात्र की पंचमी तिथि पर की जाती है. मान्यता है कि देवी स्कदंमाता की उपासना सच्चे मन से करें तो जीवन की नकारात्मकता का नाश होता है और वो कार्य भी बिना बाधा के पूर्ण होते है जिनके होना असंभव जान पड़ता था.
Tirumala Navratri Brahmotsavam 2026: तिरुमाला में नवरात्र ब्रह्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया है जहां पर रामायण की अद्भुत प्रदर्शनी से माहौल पूरी तरह से सकारात्मक हो गया हैं. वहीं, दूसरी तरफ जम्मू-कश्मीर से आए महिलाओं के डांस ग्रुप की प्रस्तुति ने जैसे उत्सव में जान ही डाल दी हो.