जीतन राम मांझी के तिलचट्टा वाले बयान पर चिराग पासवान ने सख्त आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीति करने के लिए कुछ भी बोल देते हैं, ऐसे बयान नहीं देना चाहिए.
दिल्ली में 10 अक्टूबर, 2026 दिन शनिवा को कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शन का ऐलान किया है. इन्हें रोकने के लिए रेलवे विभाग ने ट्रेनें रद्द कर दी है. अब इस पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि युवाओं को कोई नहीं रोक सकता.
जैसा कि जीतनराम मांझी ने पिछली दफे कहा था कि हमारा सपना है कि हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा भी राष्ट्रीय पार्टी बने, उसी तरह हर राजनेता की तमन्ना होती है. चिराग पासवान भी यही चाहत रखते हैं. यह चाह रखने और उसे हासिल करने में मुश्किलें भले आ सकती हैं, लेकिन ऐसा न करना भविष्य के लिए आत्मघाती जरूर हो सकता है.
यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है. इस चुनाव में बिहार के भी कई दल अपनी संभावनाएं तलाश रहे हैं. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोजपा-आर ने तो यूपी की सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. हालांकि, पिछले चुनाव में पार्टी का प्रदर्शन काफी शर्मनाक रहा था.
लोजपा के टूटने से मिले झटके से चिराग पासवान उबर चुके हैं. उन्होंने अपनी पार्टी को वहां फिर से स्थापित कर दिया है, जहां उनके पिता रामविलास पासवान छोड़कर गए थे. अब चिराग पासवान की छटपटाहट यहां से अपनी पार्टी को आगे की ओर ले जाना है और इसके लिए वे अपने तरीके से रणनीतिक फैसले ले रहे हैं.
चिराग पासवान ने चुनाव आयोग में विवाद को लेकर पहले विपक्ष के सुर में सुर मिलाए और अब एनडीए की लाइन पर चलने लगे हैं. गठबंधन की सरकारों में घटक दलों के बीच सहमति और असहमति कोई नई बात नहीं है. जैसे ही कोई दल देखता है कि मौके पर चौका मारने का सही समय है, कर गुजरता है.
मुझे शर्म आ रही है... वाला वीडियो वीडियो पुराना बताया जा रहा है. हालांकि अभी इस पर लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास की ओर से कोई बयान नहीं आया है. वायरल वीडियो पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले का बताया जा रहा है, लेकिन उसको इस तरह से एडिट किया जा रहा है कि ऐसा लग रहा है, वे आज के विषय पर बोल रहे हैं.
बिहार में कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि मुझे शर्म आती है कि मेरी पार्टी ऐसी सरकार का समर्थन कर रही है. उनके इस बयान पर सियासी पारा चढ़ गया है.
समस्तीपुर में जमुई जैसे कांड के बाद पूरे बिहार की राजनीति में तूफान आ गया है. जिस तरह से अपराधी प्रवृत्ति के लोग शर्मनाक वारदात को अंजाम देकर पुलिस के इकबाल पर सवाल उठा रहे हैं, उससे लगता है कि उनका मनोबल न तोड़ा गया तो राज्य में लड़कियों का घरों से निकलना मुश्किल हो सकता है.
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को कथित रूप से ट्रांसजेंडर कहे जाने पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कड़ी आपत्ति जताई है. उनकी आपत्ति पर सोशल मीडिया पर एक नई बहस शुरू हो गई है. कुछ लोग इस घटनाक्रम पर सरप्राइज भी हैं.
दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन के बाद से देश के हर राजनीतिक दल अब Gen-Z की बात करने लगे हैं. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार (19 सितंबर) को ही मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में छात्रों की गूंज कार्यक्रम किया. अब इसी तरह से भी केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी पटना में Gen-Z से संवाद करने वाले हैं.
पिछले 2 से 3 महीनों में खासतौर से दिल्ली में सीजेपी प्रोटेस्ट के बाद बीजेपी एक तरह से बैकफुट पर आई है और उसके कद्दावर मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा तक देना पड़ा. उसके बाद आरक्षण के मुद्दे पर भी बीजेपी सांसत में है. बहुत संभव है कि पिछले कुछ सालों में बीजेपी की हर बात में हां कहने वाले सहयोगी दलों को आंख दिखाने का एक मौका हाथ लगा हो.
आरक्षण के मुद्दे पर लोजपा-आर और हम के बीच शुरू हुई बयानबाजी अब व्यक्तिगत हमलों में बदल चुकी है. जमुई में जेडीयू और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने भी हम विधायक प्रफुल्ल मांझी के समर्थन में लोजपा-आर सांसद अरुण भारती के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
ऐसा नहीं है कि जीतन राम मांझी और चिराग पासवान के बीच केवल आरक्षण को लेकर रार छिड़ी हो. लोकसभा चुनाव, 2024 और विधानसभा चुनाव, 2024 के दौरान सीटों के तालमेल को लेकर भी इन दोनों नेताओं की बयानबाजी चर्चाओं में रही थी.
सिकंदरा से हम के विधायक प्रफुल्ल मांझी ने राज्य सरकार आरक्षण की समीक्षा के साथ उपवर्गीकरण पर भी विचार करने की मांग की है. विधायक ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक परिवारों ने आरक्षण और राजनीतिक अवसरों का लाभ अपने परिवार तक सीमित रखा.
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय महासचिव राजू तिवारी ने अपने नेता चिराग पासवान को बिहार का सीएम बनाने का ऐलान करके सियासी पारे को चढ़ा दिया है. उनके इस बयान पर एनडीए में घमासान देखने को मिल सकता है, तो वहीं विरोधियों को हमला करने का एक मौका मिल गया है.
चिराग पासवान अनुसूचित जाति के प्रभावशाली वर्ग से आते हैं, तो जीतन राम मांझी मुसहर जाति से ताल्लुक रखते हैं. मांझी का आरोप है कि आरक्षण का लाभ प्रभावशाली वर्ग ले रहा है और उनकी जाति तक इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है.