दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन के बाद से देश के हर राजनीतिक दल अब Gen-Z की बात करने लगे हैं. केंद्रीय मंत्री और लोजपा-रामविलास के अध्यक्ष चिराग पासवान भी अब राहुल गांधी को फॉलो करते नजर आ रहे हैं. दरअसल, अब चिराग ने भी राहुल गांधी की तरह Gen-Z से संवाद करने का निर्णय लिया है. वह आगामी 24 सितंबर को पटना के वेटनरी ग्राउंड में 'Gen-Z से संवाद' करेंगे. इस कार्यक्रम में शिक्षा-रोजगार से लेकर टेक्नोलॉजी पर चर्चा होगी. उनके इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. चिराग के इस कार्यक्रम को लेकर सियासत भी देखने को मिल रही है.
'पहले भाजपा की गोद से बाहर आएं'
राजद और कांग्रेस दोनों ने चिराग पासवान के 'Gen-Z से संवाद' कार्यक्रम पर निशाना साधा है. विपक्ष ने चिराग के 'Gen-Z से संवाद' कार्यक्रम को पॉलिटिकल स्टंट बताया. विपक्षी नेताओं ने कहा कि बीजेपी के गोद में रहकर चिराग Gen-Z को एक तरह से धोखा दे रहे हैं. कांग्रेस की पूर्व विधायक प्रतिमा कुमारी ने इस मामले पर कहा कि चिराग पासवान को Gen-Z की बात करनी है, तो भाजपा की गोद से बाहर आएं. उन्होंने कहा कि ऐसे सिर्फ बिहार के नौजवानों को ठगना है और वोट लेना है. प्रतिमा कुमारी ने चिराग से पूछा कि जब हमारे नौजवान Gen-Z, दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे, तब वे कहां थे? जब भाजपा की सरकार ने उन पर लाठियां बरसाईं, पेलेट गन हमला किया गया, तब चिराग कहां थे? बिहार में छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलाई गईं, तब चिराग कहां थे?
राजद बोली- सिर्फ घड़ियाली आंसू बहा रहे
इस मामले पर राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि बिहार में जब कभी भी छात्र-युवाओं के मुद्दे, नौकरी-रोजगार के मुद्दे और बिहार के नौजवानों के हितों में बात हुई है, तो हमारी पार्टी के नेता तेजस्वी यादव सबसे आगे खड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के साथ रहकर के Gen-Z से संवाद करना, सिर्फ घड़ियाली आंसू बहाना है. राजद प्रवक्ता ने आगे कहा कि बिहार के Gen-Z इस बात को समझ रहे हैं कि चिराग पासवान उनके हितों की बात नहीं करते हैं. वह सिर्फ और सिर्फ भाजपा की राजनीति करते हैं और भाजपा के हितों के लिए Gen-Z के मुद्दे को भी दरकिनार कर देते हैं. जब बिहार में Gen-Z आंदोलन कर रहे थे, तब तेजस्वी प्रसाद यादव जी मजबूती से उनके साथ खड़े दिखे. उन्होंने यह भी साबित कर दिया कि वह इस मामले में ईमानदार हैं.
JDU ने चिराग के कार्यक्रम का समर्थन किया
वहीं, चिराग के कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए जेडीयू की प्रवक्ता अंजुम आरा ने कहा कि बिहार के विपक्ष की एक बहुत बड़ी परेशानी है कि जो भी अच्छे काम होते हैं, उसमें वो राजनीति तलाशने लगते हैं. केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान जी का बिहार के जेन-जी के साथ जो संवाद होने का कार्यक्रम है, वो तो बहुत ही स्वागत योग्य वो पहल है. एनडीए का तो मूल मंत्र ही यही है कि युवाओं को अवसर, शिक्षा, कौशल और उन्हें रोजगार मिले. तत्कालीन मुख्यमंत्री, परम आदरणीय नीतीश कुमार जी के लीडरशिप में ''सात निश्चय'' के तहत इस दिशा में बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं. अब ''सात निश्चय Part-3'' के तहत 1 करोड़ युवा एवं युवतियों को रोजगार एवं नौकरी से जोड़ने का हमारी सरकार का लक्ष्य है. एनडीए युवाओं के साथ संवाद भी कर रहा है और उनके भविष्य के लिए कार्य भी कर रहा है. विपक्ष को इसमें अपनी राजनीति का अवसर नहीं तलाशना चाहिए.
बीजेपी ने राजद-कांग्रेस पर पलटवार किया
बीजेपी विधायक संजय गुप्ता ने कहा कि लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी और इन दोनों के नेतृत्व में चल रही एनडीए की सरकार में Gen-Z के हित के लिए लगातार कई काम चल रहे हैं. शिक्षा प्रणाली में सुधार से लेकर के Gen-Z के हर इशू पर लगातार संवाद करने का काम एनडीए के सभी नेतागण कर रहे हैं. उसी क्रम में चिराग पासवान भी काम कर रहे हैं. बीजेपी विधायक ने कहा कि अगर उस पर विपक्ष को कोई ऑब्जेक्शन है, तो पहले वो अपने गिरेबान में झांक कर देखें. इसी विपक्ष ने युवाओं को पलायन करने पर मजबूर कर दिया. तेजस्वी यादव और राहुल गांधी ने बिहार के Gen-Z और युवाओं के लिए आज तक कुछ नहीं किया. बीजेपी विधायक ने दावा किया कि केंद्र की और बिहार की एनडीए सरकार ने पिछले 2 साल में 50 लाख से ज्यादा नौकरियां दी हैं.