रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के दिल्ली आने की तारीख भी तय हो चुकी है. लेकिन, शी जिनपिंग के आने का समय अभी भी तय नहीं हुआ है. वो दिल्ली आएंगे या नहीं आएंगे. ये सवाल, अपने आप में एक सस्पेंस बना हुआ है.
BRICS SUMMIT 2026: 12-13 सितंबर को दिल्ली में ब्रिक्स समिट के लिए पुतिन, शी जिनपिंग समेत सदस्य देशों के प्रतिनिधि पहुंच रहे हैं. तैयारियां पूरी हो चुकी है. इस समिट से भारत को क्या हासिल होने वाला है?
BRICS Summit 2026: अमेरिका के ब्रिक्स देशों पर डॉलर की खिलाफत करने और डी-डॉलराइजेशन के आरोपों पर रूस ने पलटवार किया है. रूसी प्रवक्ता ने बताया कि कैसे ब्रिक्स देश नहीं, बल्कि खुद अमेरिका अपनी करेंसी को नुकसान पहुंचा रहा है. अर्थशास्त्री से अमेरिका के आरोप और रूस के जवाब के मायने भी समझते हैं.
BRICS Vs G7: अमेरिका की नजर दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स समिट पर है. पुतिन, शी जिनपिंग और पीएम मोदी 15 दिन में दूसरी बार मिलने वाले हैं, जिससे ट्रंप घबराए हुए हैं. आखिर अमेरिका ब्रिक्स को अपने लिए चुनौती क्यों मानता है ?
BRICS Summit 2026: भारत इस बार ब्रिक्स समिट की मेजबानी कर रहा है. तैयारियां तेज है, लेकिन इसके साथ कई चुनौतियां भी है. ब्रिक्स को लेकर आपने मन में जो भी सवाल है, सबका जवाब इस एक्सप्लेनर में पढ़िए...
12 से 13 सितंबर 2026 को दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन से पहले भारत-चीन रिश्तों में एक तरफ संवाद बढ़ा है, तो दूसरी तरफ सीमा और भरोसे की पुरानी गांठ अभी पूरी तरह नहीं खुली है.
Traffic Management Before BRICS Summit: नई दिल्ली में 12-13 सितंबर 2026 को 18वां ब्रिक्स समिट का आयोजन होना है. इसको लेकर राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा से लेकर ट्रैफिक व्यवस्था तक हर चीज का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. ट्रैफिक व्यवस्था को कंट्रोल करने के लिए सरकारी कार्यालयों में छुट्टी की घोषणा की गई है.
Takeaways for India in BRICS: भारत अगले हफ्ते BRICS समिट का आयोजन करने जा रहा है. इसी बीच आइए जानते हैं कि भारत को BRICS से कितना आर्थिक फायदा है?
BRICS के पास बड़ी आबादी, ऊर्जा, प्राकृतिक संसाधन और विशाल बाजार जैसी ताकतें हैं, लेकिन समूह के सामने कई चुनौतियां भी हैं. सदस्य देशों के बीच भू-राजनीतिक मतभेद, आर्थिक असमानता, सीमित आपसी व्यापार, वित्तीय निर्भरता और संस्थागत कमजोरियां इसकी एकजुटता और प्रभाव बढ़ाने में बाधा बन सकती हैं.
12 एवं 13 सितंबर को दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए रूस के राष्ट्रपति दिल्ली पहुंचेंगे. यह दौरा कई मायनों में खास हो जाता है. पुतिन एक साल से भी कम अंतराल के बीच भारत की यात्रा कर रहे हैं.
नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मलेन इस बार कई मायनों में खास है. 12-13 सितंबर को होने वाले इस शिखर सम्मेलन ईरान की मौजूदगी भी रहेगी, ऐसे में तेहरान की ब्रिक्स में एंट्री के कई कूटनीतिक नफा-नुकसान भी होने की संभावना है.
क्या भारत के नेतृत्व में ब्रिक्स नया मोड़ लेने जा रहा है? जानिए वे 4 प्रमुख एजेंडे लोकल करेंसी ट्रेड से लेकर ग्लोबल साउथ के नए समीकरण तक, जो पश्चिमी देशों और अमेरिकी डॉलर के दबदबे को सीधी चुनौती दे सकते हैं.
BRICS Summit in Delhi: दिल्ली में 12 और 13 सितंबर 2026 को ब्रिक्स का 18वां शिखर सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है. इस आयोजन पर दुनियाभर के देशों की निगाहें टिकीं हैं. इस बार डॉलर को टक्कर देने के लिए लोकल करेंसी में ट्रेड करने पर कोई बड़ा फैसला हो सकता है.