डीएनए मित्रों आज हम विश्लेषण की शुरुआत चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे से करेंगे। मित्रों जिनपिंग को लेकर आज सुबह तक जो कंफ्यूजन था वो अब दूर हो चुका है। बीजिंग ने भी कंफर्म कर दिया कि शी जिनपिंग ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिल्ली आ रहे हैं। गलवान विवाद के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा और यह दौरा भी तब हो रहा है जब ब्रिक्स में चीनी वर्चस्व के प्रयास को नाकाम करके भारत ने उनके तमाम हितों को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है। फिर भी 7 साल बाद शी जिनपिंग भारत आ रहे हैं तो उसके मायने क्या हैं? वो हम आपको बताएंगे। आप जानेंगे कि ब्रिक्स से पहले डोबल डॉक्ट्रिन कैसे सफल हुई। हम आपको यह भी बताएंगे कि पीएम मोदी, शी जिनपिंग और व्लादमीर पुतिन जैसे वैश्विक नेताओं के बीच जब मंथन होगा तो ब्रिक्स सम्मेलन से क्या-क्या नतीजे निकलने वाले हैं। क्योंकि करीब 40 घंटे के बाद 18वां ब्रिक्स सम्मेलन शुरू होगा। 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में 11 सदस्य देश शामिल होंगे।